Amrit Siddhi Yog: फरवरी 2025 की इन 2 तारीखों में बनेंगे अमृत सिद्धि योग, व्यापार और नए काम शुरू करने के लिए है बेस्ट!

Amrit Siddhi Yog: ज्योतिष शास्त्र में अमृत सिद्धि योग को शुभता और सफलता का विशेष मुहूर्त माना गया है। यह एक अत्यंत शुभ और शक्तिशाली योग है, जिसमें किए गए कार्य अधिक सफल और फलदायी होते हैं। आइए जानते हैं, फरवरी 2025 में कब-कब है अमृत सिद्धि योग?

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Amrit Siddhi Yog: वैदिक ज्योतिष में अमृत सिद्धि योग, द्विपुष्कर योग, त्रिपुष्कर योग, पुष्य योग, अमृत सिद्धि योग, रवि पुष्य योग, रवि योग आदि अनेक शुभ योग का वर्णन मिलता है। ऐसा ही एक और शुभ योग है अमृत सिद्धि योग। ‘अमृत सिद्धि’ नाम से जाहिर है कि योग में कितना शुभ और फलदायी होने का सामर्थ्य है। बता दें, सनातन ज्योतिष, पंचांग, वास्तु शास्त्र, अंक ज्योतिष, हस्त रेखा आदि का उद्देश्य जातक यानी व्यक्ति को उलझाना नहीं बल्कि उनके जीवन को सुगम और सफल बनाना है, ताकि वह तरक्की के रास्ते पर नई ऊंचाइयों को छू सकें।

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अमृत सिद्धि समेत ज्योतिष शास्त्र के ये सभी योग इसी शुभ उद्देश्य के उदाहरण मात्र हैं। आइए जानते हैं कि फरवरी 2025 के महीने की किन 2 तारीखों में अमृत सिद्धि योग बन रहे हैं, जिसे व्यापार और नए काम शुरू करने के लिए बेस्ट माना गया है।

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अमृत सिद्धि का महत्व

अमृत सिद्धि योग ज्योतिष शास्त्र एक बेहद शुभ योग मुहूर्त है। अमृत सिद्धि शुभ में शिक्षा ग्रहण करने, व्यापार और नया कार्य शुरू करने और महत्वपूर्ण कान्ट्रैक्ट करने से शुभ परिणाम प्राप्त होते हैं। माना जाता है कि समुद्र मंथन के दौरान इसी योग में धन्वंतरि अमृत कलश के साथ उत्पन्न हुए थे और कुल 14 रत्नों के साथ समुद्र मंथन का महान काम सफल हुआ था। यही कारण है कि इस योग में किए गए कार्यों में सफलता और समृद्धि की प्राप्ति होती है। यह योग महत्वपूर्ण निर्णय लेने और मांगलिक कार्यों जैसे विवाह, गृह प्रवेश आदि के लिए भी बहुत ही शुभ माना जाता है।

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फरवरी 2025 में कब-कब है अमृत सिद्धि योग

सनातन पंचांग के अनुसार, अमृत सिद्धि योग एक विशेष योग है, जो कुछ खास दिनों और नक्षत्रों के संयोग से बनता है। फरवरी 2025 के महीने में मात्र 2 दिन ही इस योग का निर्माण हो रहा है।

1. पंचाग के अनुसार, फरवरी महीने के पहला अमृत सिद्धि योग बसंत पंचमी के बाद 4 फरवरी, 2025 को बन रहा है। इस तारीख को इस योग का शुभारंभ सुबह में 7 बजकर 8 मिनट से हो रहा है और इसका समापन रात में 9 बजकर 49 मिनट पर हो जाएगा।

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2. इसी माह का दूसरा अमृत सिद्धि योग सूर्यदेव की कुंभ संक्रांति के बाद 16 फरवरी, 2025 को बन रहा है। इस दिन इस योग की शुरुआत सुबह में 6 बजकर 59 मिनट से होगी, जो 17 फरवरी की सुबह में 4 बजकर 31 मिनट पर समपट होगी।

इन कार्यों के लिए बेस्ट है अमृत सिद्धि योग

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, अमृत सिद्धि योग को शुभता और सफलता का विशेष मुहूर्त माना गया है, क्योंकि यह योग बहुत ही शुभ और शक्तिशाली होता है। यह योग सकारात्मक ऊर्जा और सफलता प्रदान करता है। जो भी काम इस योग में किए जाते हैं, उनमें सफलता की संभावनाएं बढ़ जाती हैं और बाधाएं दूर हो जाती हैं। यही कारण है कि इस योग में किए गए कार्य बेहद फलदायी होते हैं, इसलिए जब भी यह योग बने, तो इसका पूरा लाभ उठाना चाहिए। प्रचलित मान्यताओं और रिवाजों के अनुसार, अमृत सिद्धि योग इन कार्यों के लिए बेस्ट है:

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  • नए काम की शुरुआत: व्यापार, नौकरी या किसी नए कार्य की शुरुआत के लिए यह योग बेहद लाभकारी होता है।
  • महत्वपूर्ण निर्णय लेना: सगाई, रोका, संपत्ति खरीदना या जीवन से जुड़े बड़े फैसले इस योग में लेना बेहद शुभ होता है।
  • मांगलिक कार्य: विवाह, गृह प्रवेश और अन्य शुभ कार्यों के लिए यह मुहूर्त उत्तम माना गया है।
  • पूजा और अनुष्ठान: इस योग में देवी-देवताओं की पूजा, हवन और अनुष्ठान करने से विशेष फल मिलता है।

अमृत सिद्धि योग में क्या न करें: इस योग में किसी भी प्रकार का नकारात्मक कार्य, जैसे कि झगड़ा, वाद-विवाद आदि नहीं करना चाहिए। इस योग में जल्दबाजी में कोई भी गलत निर्णय नहीं लेना चाहिए।

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष और धार्मिक शास्त्र की मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।

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लेखक के बारे में

Shyamnandan

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श्यामनंदन कुमार News24.com में चीफ सब-एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले श्यामनंदन ज्योतिष, अंक शास्त्र, सामुद्रिक शास्त्र, पर्व-त्योहार सहित भारतीय धर्म-संस्कृति के जानकार पत्रकार हैं. उन्होंने पत्रकारिता में एम.ए. की पढ़ाई काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) से की है और ज्योतिष का अध्ययन भारतीय विद्या भवन, नई दिल्ली से किया है. अपने पेशे में डिजिटल करियर की शुरुआत उन्होंने एनडीटीवी कन्वर्जेंन्स के साथ की. श्यामनंदन हिंदुस्तान टाइम्स, बंसल न्यूज (भोपाल) जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स के साथ भी जुड़े रहे हैं. उन्होंने देश के प्रसिद्ध संतों के सत्संग और समागम की रिपोर्टिंग की है.
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