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Adhik Maas Amavasya 2026: कल या परसों, कब है अधिकमास अमावस्या? फिर 3 साल बाद बनेगा ऐसा दुर्लभ संयोग, जानिए महत्व

Adhik Maas Amavasya 2026: जून महीने में अधिकमास की अमावस्या तिथि पड़ रही है. ज्येष्ठ अधिकमास की अमावस्या बेहद खास है. अधिकमास की अमावस्या तिथि 3 साल बाद आती है. इस अमावस्या के बाद अधिकमास अमावस्या का संयोग तीन साल बाद बनेगा. आइये इसके महत्व के बारे में जानते हैं.

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Photo Credit- News24GFX

Adhik Maas Amavasya 2026: ज्येष्ठ अधिकमास अमावस्या भगवान विष्णु की पूजा, पवित्र नदियों में स्नान करने और पितृ तर्पण के साथ ही दान-पुण्य करने के लिए खास होती है. अधिकाम में आने वाली अमावस्या को अधिकमास अमावस्या कहते हैं. इस साल ज्येष्ठ का महीना अधिक होने से यह अमावस्या ज्येष्ठ महीने में है. अधिकमास अमावस्या तीन साल में एक बार आती है. ऐसे में इसका महत्व और अधिक बढ़ जाता है. अधिकमास अमावस्या की तारीख को लेकर लोगों के बीच कन्फ्यूजन बना हुआ है. आइये ज्येष्ठ अधिकमास की सटीक तारीख के बारे में जानते हैं.

कब है अधिकमास अमावस्या? (Adhik Maas Amavasya Kab Hai)

ज्येष्ठ अधिकमास की अमावस्या तिथि का आरंभ 14 जून 2026, दिन रविवार को दोपहर 12 बजकर 19 मिनट पर हो रही है. अमावस्या तिथि का समापन अगले दिन यानी 15 जून 2026 दिन सोमवार की सुबह 8 बजकर 23 मिनट पर होगी. द्रिक पंचांग के अनुसार, अमावस्या का पर्व 15 जून सोमवार यानी परसों मनाया जाएगा. सोमवार को होने के कारण यह सोमवती अमावस्या तिथि होगी. आइये अधिकमास की अमावस्या के महत्व के बारे में जानते हैं.

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अधिकमास अमावस्या का महत्व

अधिकमास का संयोग हर तीन साल बाद बनता है. ऐसे में अधिकमास की अमावस्या तिथि 3 साल में एक बार आती है. इसके कारण इसका खास महत्व है. तीन साल में एक बार आने के कारण अमावस्या तिथि को बेहद शुभ माना जाता है. अधिकमास अमावस्या तिथि को पितरों की शांति और दान-पुण्य के लिए बहुत अच्छा माना जाता है. इस बार अधिकमास अमावस्या सोमवार को पड़ने से यह सोमवती अमावस्या होगी.

सोमवार के दिन पड़ने से सोमवती अमावस्या का दुर्लभ संयोग बन रहा है. सोमवती अमावस्या पर पवित्र नदी में स्नान और पितरों के तर्पण के साथ ही शिव जी की पूजा का महत्व होता है. सोमवती अमावस्या के दिन अखंड सौभाग्य और सुख-समृद्धि की प्राप्ति के लिए पीपल के पेड़ की जड़ में जल अर्पित करें. गरीबों और जरूरतमंद लोगों को अन्न, धन और कपड़ों का दान करें.

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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Aman Maheshwari

अमन माहेश्वरी न्यूज 24 में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वह खबरों को समझकर पाठकों तक आसान शब्दों में पहुंचाने का काम बखूबी करते हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के डॉ भीमराव अंबेडकर कॉलेज से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन (BJMC) किया है. इसके बाद उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन (MJMC) किया. पढ़ाई पूरी करने के बाद डिजिटल मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. सबसे पहले जी मीडिया डीएनए हिंदी के साथ जुड़े. पिछले 5 साल से अमन डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं. डीएनए हिंदी में बतौर ट्रेनी जर्नलिस्ट ज्वाइन किया. इसके बाद सब एडिटर के पद पर काम किया. वर्तमान में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अमन ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण और प्रयागराज में महाकुंभ मेले के दौरान धार्मिक खबरों को बखूबी कवर किया. धर्म और ज्योतिष - अमन धर्म-ज्योतिष सेक्शन के लिए लिखने के दौरान अंक ज्योतिष, वास्तु, ग्रह गोचर, व्रत-त्योहार से जुड़े विषयों पर लेख तैयार करते हैं. देवी-देवता और उनसे जुड़ी पौराणिक कथाओं, मंदिर, तीर्थ, धार्मिक स्थल और धार्मिक परंपराएं से जुड़े लेख लिखते हैं. इसके साथ ही धार्मिक यात्राओं से जुड़े उपयोगी लेख अमन तैयार करते हैं. Email - aman@bagconvergence.in X Account - MrAman0501
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