Chandra Dev Ki Aarti Lyrics In Hindi: चंद्र ग्रह को मन, मानसिक स्थिति, वाणी, सुख, माता और भावनाओं का दाता माना जाता है, जिनकी पूजा चंद्र देव के रूप में भी की जाती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, जिन लोगों के ऊपर चंद्र देव की विशेष कृपा होती है या जिनकी कुंडली में चंद्र ग्रह मजबूत स्थिति में विराजमान होते हैं, उनके जीवन में सुख और समृद्धि का स्थायी वास होता है. व्यक्ति अपने अच्छे स्वभाव के बल पर लोगों का दिल जीतने में कामयाब होता है. इसके अलावा उसका अपनी माता से रिश्ता अच्छा रहता है.
यदि आप भी चंद्र देव को खुश करना चाहते हैं तो नियमित रूप से उनकी आरती करें. आप यहां पर चंद्र देव की आरती के सही लिरिक्स पढ़ सकते हैं.
चंद्र देव की आरती (Chandra Dev Ki Aarti)
ॐ जय सोम देवा, स्वामी जय सोम देवा।
दुःख हरता सुख करता, जय आनन्दकारी।।
रजत सिंहासन राजत, ज्योति तेरी न्यारी।
दीन दयाल दयानिधि, भव बंधन हारी।।
जो कोई आरती तेरी, प्रेम सहित गावे।
सकल मनोरथ दायक, निर्गुण सुखराशि।।
योगीजन हृदय में, तेरा ध्यान धरें।
ब्रह्मा विष्णु सदाशिव, संत करें सेवा।।
वेद पुराण बखानत, भय पातक हारी।
प्रेमभाव से पूजें, सब जग के नारी।।
शरणागत प्रतिपालक, भक्तन हितकारी।
धन सम्पत्ति और वैभव, सहजे सो पावे।।
विश्व चराचर पालक, ईश्वर अविनाशी।
सब जग के नर नारी, पूजा पाठ करें।।
ॐ जय सोम देवा, स्वामी जय सोम देवा।।
चंद्र देव की पूजा विधि (Chandra Dev Ki Puja Vidhi)
चंद्र देव की पूजा शाम के समय चंद्रमा को देखकर करनी चाहिए. पूजा के लिए एक कलश लें, जिसमें जल, कच्चा दूध, मिश्री, सफेद चंदन, सफेद फूल और चावल डालें. फिर चंद्र देव की ओर मुख करके उन्हें जल अर्पित करें. इस दौरान चंद्र देव के मंत्रों का जाप करें. किसी शुद्ध जगह पर देसी घी का दीपक जलाएं और उनकी आरती करें. पूजा के बाद कुछ समय के लिए चंद्रमा की रोशनी में बैठें.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.