Shardiya Navratri 2026 Maa Durga Ji Ki Aarti: आज 11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि आरंभ हो गई है. शारदीय नवरात्रि का समापन 19 अक्टूबर को होगा. इस दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूप की पूजा अर्चना की जाती है. नवरात्रि में मां दुर्गा को प्रसन्न करने और उनका आशीर्वाद पाने के लिए उनकी आरती अवश्य करें. मां दुर्गा की आरती करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होगा. आप यहां मां दुर्गा की आरती के संपूर्ण लिरिक्स पढ़ सकते हैं.
मां दुर्गा की आरती (Maa Durga Ji Ki Aarti)
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।
तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी॥
मांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को।
उज्जवल से दोऊ नैना, चंद्रबदन नीको॥
कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजै।
रक्तपुष्प गलमाला, कंठन पर साजै॥
केहरि वाहन राजत, खड्ग खप्परधारी।
सुर-नर मुनिजन सेवत, तिनके दुःखहारी॥
कानन कुंडल शोभित, नासाग्रे मोती।
कोटिक चंद्र दिवाकर, राजत सम ज्योति॥
चंड-मुंड संहारे, महिषासुर घाती।
धूम्र विलोचन नैना, निशदिन मदमाती॥
ब्रह्माणी, रुद्राणी, तुम कमला रानी।
आगम निगम बखानी, तुम शिव पटरानी॥
चौसठ योगिनी गावत, नृत्य करै भैरू।
बाजत ताल मृदंगा, अरु बाजै डमरू॥
तुम ही जग की माता, तुम ही हो भवानी।
भक्तन की दुःख हरता, सुख संपत्ति कानी॥
भुजा चार अति शोभित, खड्ग खप्परधारी।
मनवांछित फल पावत, सेवत नर-नारी॥
कंचन थाल विराजत, अगर कपूर बाती।
श्री मालकेतु में राजत, कोटि रतन ज्योति॥
श्री अम्बे जी की आरती, जो कोई नर गावे।
कहत शिवानंद स्वामी, सुख संपत्ति पावे॥
जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।
तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी॥
आपको मां दुर्गा की पूजा करने के साथ ही आरती का पाठ करना चाहिए. सुबह शुभ मुहूर्त में और दोपहर को अभिजीत मुहूर्त में आप पूजा-अर्चना कर सकते हैं. सुबह का शुभ मुहूर्त 6 बजकर 19 मिनट से लेकर 10 बजकर 12 मिनट तक रहेगा. आज अभिजित मुहूर्त दोपहर को 11 बजकर 44 मिनट से लेकर 12 बजकर 31 मिनट तक रहेगा.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.