Sankata Mata Aarti | सकट चौथ पर जरूर पढ़ें संकटा माता की आरती, दूर होगा हर संकट और मिलेगी मानसिक शांति

Sankata Mata Ki Aarti In Hindi: आदिशक्ति देवी दुर्गा का एक रूप माता संकटा भी है, जिनकी कृपा से जीवन के प्रत्येक संकट को टाला जा सकता है. चलिए विस्तार से जानते हैं माता दुर्गा के इस अद्भुत रूप के बारे में. साथ ही आपको देवी संकटा की आरती के सही लिरिक्स और उसके लाभ के बारे में पता चलेगा.

Sankata Mata Ki Aarti In Hindi

Credit- Social Media

Sankata Mata Ki Aarti In Hindi: माता दुर्गा को हिंदू धर्म की प्रमुख देवियों में से एक माना जाता है, जिन्होंने सृष्टि को बचाने के लिए समय-समय पर विभिन्न अवतार लिए हैं. संकटा माता भी देवी दुर्गा का एक रूप है, जो कि उन्होंने भक्तों के कष्ट और संकटों को दूर करने के लिए लिया था. धार्मिक मान्यता के अनुसार, माता संकटा यानी सकट माता अपने भक्तों की रक्षा करती हैं और उन्हें हर संकट से बचाती हैं. वैसे तो किसी भी दिन माता संकटा की पूजा की जा सकती है, लेकिन सकट चौथ के दिन मां दुर्गा के इस रूप की पूजा करने से विशेष लाभ होता है.

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पूजा के दौरान माता संकटा की आरती करना भी शुभ होता है. इससे न सिर्फ संकट दूर होते हैं बल्कि मानसिक शांति भी मिलती है. यहां पर आप माता संकटा की आरती के सही लिरिक्स पढ़ सकते हैं.

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संकटा माता की आरती (Sankata Mata Ki Aarti In Hindi)

जय जय संकटा भवानी, करहूं आरती तेरी।
शरण पड़ी हूँ तेरी माता, अरज सुनहूं अब मेरी
जय जय संकटा भवानी…

नहिं कोउ तुम समान जग दाता, सुर-नर-मुनि सब टेरी।
कष्ट निवारण करहु हमारा, लावहु तनिक न देरी
जय जय संकटा भवानी…

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काम-क्रोध अरु लोभन के वश पापहि किया घनेरी।
सो अपराधन उर में आनहु, छमहु भूल बहु मेरी
जय जय संकटा भवानी…

हरहु सकल सन्ताप हृदय का, ममता मोह निबेरी।
सिंहासन पर आज बिराजें, चंवर ढ़ुरै सिर छत्र-छतेरी
जय जय संकटा भवानी…

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खप्पर, खड्ग हाथ में धारे, वह शोभा नहिं कहत बनेरी।
ब्रह्मादिक सुर पार न पाये, हारि थके हिय हेरी
जय जय संकटा भवानी…

असुरन्ह का वध किन्हा, प्रकटेउ अमत दिलेरी।
संतन को सुख दियो सदा ही, टेर सुनत नहिं कियो अबेरी
जय जय संकटा भवानी…

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गावत गुण-गुण निज हो तेरी, बजत दुंदुभी भेरी।
अस निज जानि शरण में आयऊं, टेहि कर फल नहीं कहत बनेरी
जय जय संकटा भवानी…

जय जय संकटा भवानी, करहूं आरती तेरी।
भव बंधन में सो नहिं आवै, निशदिन ध्यान धरीरी॥
जय जय संकटा भवानी, करहूं आरती तेरी।
शरण पड़ी हूँ तेरी माता, अरज सुनहूं अब मेरी॥

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माता संकटा की आरती करने के लाभ

  • हर संकट से छुटकारा मिलता है.
  • जीवन में सुख-शांति का वास होता है.
  • मानसिक शांति मिलती है.
  • अचानक होने वाली दुर्घटनाओं से रक्षा होती है.
  • जीवन में आगे बढ़ने के अवसर मिलते हैं.
  • शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है.
  • भय और नकारात्मक विचारों से मुक्ति मिलती है.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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