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Sankat Nashan Ganesh Stotra: रोजाना नहीं तो संकष्टी चतुर्थी पर जरूर करें संकटनाशन गणेश स्तोत्र का पाठ, धन-खुशियों से भरा रहेगा जीवन

Sankat Nashan Ganesh Stotra Lyrics: गणेश जी को विघ्नहर्ता माना जाता है, जिनकी कृपा से बड़े से बड़े संकट से बचा जा सकता है. अगर आप भी गणपति बप्पा को खुश करना चाहते हैं तो आज से ही संकटनाशन गणेश स्तोत्र का पाठ करना शुरू कर दें. इससे धीरे-धीरे आपके जीवन में खुशियों का आगमन होने लगेगा. यहां पर आप संकटनाशन गणेश स्तोत्र के सही लिरिक्स और पाठ के लाभ व विधि के बारे में जान सकते हैं.

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Sankat Nashan Ganesh Stotra: रोजाना नहीं तो संकष्टी चतुर्थी पर जरूर करें संकटनाशन गणेश स्तोत्र का पाठ, धन-खुशियों से भरा रहेगा जीवन
Credit- Meta AI

Sankat Nashan Ganesh Stotram Lyrics: संकटनाशन गणेश स्तोत्र को एक शक्तिशाली व प्रभावशाली स्तोत्रम माना जाता है, जिसमें गणपति बप्पा के 12 नामों का वर्णन किया गया है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, नियमित रूप से संकटनाशन गणेश स्तोत्र के पाठ से व्यक्ति बड़े से बड़े संकट से बच सकता है.

हालांकि, जो लोग नियमित रूप से संकटनाशन गणेश स्तोत्र का पाठ नहीं कर पाते हैं, उन्हें संकष्टी चतुर्थी पर इसका पाठ जरूर करना चाहिए. हर महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाता है, जो कि भगवान गणेश को समर्पित है. इस दिन पूजा के दौरान संकटनाशन गणेश स्तोत्र का पाठ करना शुभ माना गया है. चलिए अब जानते हैं संकटनाशन गणेश स्तोत्र के सही लिरिक्स और विधि के बारे में.

संकटनाशन गणेश स्तोत्र (Sankat Nashan Ganesh Stotra)

प्रणम्य शिरसा देवं गौरीपुत्रं विनायकम्।
भक्तावासं स्मरेनित्यं आयुःकामार्थसिद्धये॥
प्रथमं वक्रतुण्डं च एकदन्तं द्वितीयकम्।
तृतीयं कृष्णपिङ्गाक्षं गजवक्त्रं चतुर्थकम्॥
लम्बोदरं पञ्चमं च षष्ठं विकटमेव च।
सप्तमं विघ्नराजं च धूम्रवर्णं तथाष्टमम्॥
नवमं भालचन्द्रं च दशमं तु विनायकम्।
एकादशं गणपतिं द्वादशं तु गजाननम्॥
द्वादशैतानि नामानि त्रिसंध्यं यः पठेन्नरः।
न च विघ्नभयं तस्य सर्वसिद्धिकरं प्रभो॥
विद्यार्थी लभते विद्यां धनार्थी लभते धनम्।
पुत्रार्थी लभते पुत्रान् मोक्षार्थी लभते गतिम्॥
जपेद्गणपतिस्तोत्रं षड्भिर्मासैः फलं लभेत्।
संवत्सरेण सिद्धिं च लभते नात्र संशयः॥
अष्टेभ्यो ब्राह्मणेभ्यश्च लिखित्वा यः समर्पयेत्।
तस्य विद्या भवेत्सर्वा गणेशस्य प्रसादतः॥

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इति श्रीनारदपुराणे संकटनाशन गणेशस्तोत्रम् संपूर्णम्।

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कैसे करें संकटनाशन गणेश स्तोत्र का पाठ?

  • शुभ मुहूर्त में स्नान आदि कार्य करने के बाद घर के मंदिर में गणेश जी की मूर्ति या तस्वीर के सामने बैठ जाएं.
  • गणेश जी का स्मरण करने के बाद उन्हें फल, फूल, चंदन, वस्त्र और मिठाई अर्पित करें.
  • देसी घी का एक दीपक जलाने के बाद संकटनाशन गणेश स्तोत्र का पाठ करें.
  • भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान कार्तिकेय और नंदी महाराज के नाम का भी जाप करें.
  • जाने-अनजाने में की गई गलतियों के लिए माफी मांगें और अपनी इच्छा को बोलें.
  • आरती करके पूजा का समापन करें.

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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