Grah Dosh: कभी-कभार अनजाने में घर-ऑफिस में आग लगना आम बात है. लेकिन ये घटनाएं यदि आपके साथ आएदिन हो रही हैं या बार-बार आप जल रहे हैं तो ये ठीक नहीं है. ज्योतिष शास्त्र में इसे ग्रहों के अशुभ प्रभाव से जोड़ा गया है. माना जाता है कि यदि व्यक्ति की कुंडली में कुछ ग्रहों की स्थिति कमजोर होती है तो उसके साथ आग से जुड़ी दुर्घटनाएं होती हैं. चलिए जानते हैं कि किन ग्रहों के अशुभ प्रभाव से आग से जुड़ी दुर्घटनाएं होती हैं और उन्हें कैसे ठीक किया जा सकता है.
अग्नि तत्व का कारक है मंगल ग्रह
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मंगल ग्रह को अग्नि तत्व का कारक माना जाता है. यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल ग्रह की स्थिति कमजोर होती है तो उससे जाने-अनजाने में चीजें जलने लगती हैं. इसके अलावा कई बार व्यक्ति भी आग की चपेट में आ जाता है.
मंगल-शनि का साथ आना नहीं है शुभ
मंगल और शनि, दोनों ही शक्तिशाली ग्रह हैं. जब किसी राशि या भाव में मंगल और शनि साथ में विराजमान होते हैं तो घर-ऑफिस या कपड़ों में बार-बार आग लगने का खतरा बना रहता है. इसके अलावा मंगल-शनि की युति को अचानक आग लगने या दुर्घटनाओं के लिए जिम्मेदार भी माना जाता है.
राहु-शनि के पीड़ित होने से होती हैं दुर्घटनाएं
बार-बार वस्तुओं के जलने या आग से जुड़ी दुर्घटनाओं के होने का एक मुख्य कारण कुंडली में राहु और शनि ग्रह की कमजोर स्थिति भी है. दरअसल, राहु को अनियंत्रित ऊर्जा और अचानक होने वाली दुर्घटनाओं का प्रतीक माना जाता है, जबकि शनि महाराज दुख और बीमारी का प्रतिनिधित्व करते हैं. जिन लोगों की कुंडली में राहु ग्रह और शनि ग्रह की स्थिति बहुत ज्यादा कमजोर होती है, उन्हें आगजनी, जलने और चोट लगने से छुटकारा नहीं मिलता है.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.