पत्नी या गर्लफ्रेंड को कभी गिफ्ट नहीं करनी चाहिए ये 5 चीजें, खराब हो जाते हैं रिश्ते
Author: News24 हिंदी
Jul 19, 2025 09:16 PM IST
भारतीय संस्कृति में उपहार देना प्रेम और सम्मान का प्रतीक है, लेकिन वास्तु शास्त्र और ज्योतिष के अनुसार कुछ चीजें ऐसी हैं जिन्हें गिफ्ट में नहीं देना चाहिए। इन उपहारों को कभी भी अपनी गर्लफ्रेंड या पत्नी को तो भूलकर भी नहीं देना चाहिए। माना जाता है कि ये चीजें नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित कर सकती हैं और रिश्तों में तनाव या बाधाएं पैदा कर सकती हैं। आइए जानते हैं कि वे कौन सी चीजें हैं, जिन्हें गिफ्ट में कभी नहीं देना चाहिए?
नुकीली या धारदार वस्तुएं
वास्तु शास्त्र और ज्योतिष के अनुसार, नुकीली वस्तुएं जैसे चाकू, कैंची या अन्य धारदार उपकरण उपहार में देना रिश्तों में दरार ला सकता है। ये वस्तुएं नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक मानी जाती हैं और रिश्तों में कटुता या अलगाव को बढ़ावा दे सकती हैं। वास्तु शास्त्र में नुकीली वस्तुएं केतु ग्रह से संबंधित मानी जाती हैं, जो अलगाव और तनाव का कारक हो सकता है।
रूमाल
रूमाल को उपहार में देना ज्योतिष और वास्तु शास्त्र में अशुभ माना जाता है। रूमाल आंसुओं और दुख से जुड़ा होता है और इसे उपहार में देने से रिश्तों में उदासी या कटुता आ सकती है। ज्योतिष में रूमाल को दुख और नकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। यह रिश्तों में खटास और भावनात्मक दूरी को बढ़ावा दे सकता है।
काले रंग की वस्तुएं
काला रंग वास्तु शास्त्र और ज्योतिष में शनि और राहु ग्रहों से जुड़ा होता है, जो नकारात्मक ऊर्जा और दुख का प्रतीक माने जाते हैं। काले रंग के कपड़े, सजावटी सामान, या अन्य वस्तुएं उपहार में देने से रिश्तों में नकारात्मकता आ सकती है।
दर्पण
वास्तु शास्त्र में दर्पण को उपहार में देना अशुभ माना जाता है, क्योंकि यह अहंकार और अलगाव को बढ़ावा दे सकता है। दर्पण रिश्तों में व्यक्तिगतता को बढ़ाता है, जो जोड़े के बीच एकता को कम कर सकता है।
खाली बर्तन या फूलदान
खाली बर्तन या फूलदान उपहार में देना वास्तु शास्त्र में अशुभ माना जाता है, क्योंकि ये खालीपन और कमी का प्रतीक होते हैं। इससे रिश्तों में भावनात्मक या आर्थिक कमी आ सकती है।
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्रों पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है। News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है।
ये भी पढ़ें- ऐसे लोगों से कोसों दूर रहते हैं भूत-प्रेत, भूल से भी नहीं आते हैं पास