Thermocol Wall Technology: गर्मी में घर को शिमला बना देगी थर्माकोल वाली दीवार, क्या है EPS टेक्नोलॉजी?

Thermocol Wall Technology: भीषण गर्मी से निपटने के लिए अब लोग घरों में ईंट-पत्थर की जगह थर्माकोल वाली EPS वॉल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहे हैं. यह तकनीक बाहर की तपती धूप और हीटवेव को घर के अंदर आने से रोकती है, जिससे कमरे ठंडे रहते हैं. आइए जानते हैं कि यह तकनीक कैसे बिजली बिल और एसी का खर्च बचाती है.

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Thermocol Wall Technology: देश में हर साल गर्मी के तेवर तीखे होते जा रहे हैं. मई-जून के महीनों में पड़ने वाली भीषण हीटवेव ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. ऐसे में लोग 24 घंटे एयर कंडीशनर (AC) चलाने को मजबूर हैं, जिससे न सिर्फ बिजली का बिल आसमान छू रहा है बल्कि पर्यावरण को भी नुकसान पहुंच रहा है. लेकिन अब इस चिलचिलाती गर्मी से निपटने और घर को प्राकृतिक रूप से ठंडा रखने के लिए लोग एक नई तकनीक की तरफ तेजी से रुख कर रहे हैं, जिसका नाम है— EPS वॉल टेक्नोलॉजी (यानी थर्माकोल से घर बनाने की तकनीक).

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क्या है यह थर्माकोल वाली EPS टेक्नोलॉजी?

क्या है यह थर्माकोल वाली EPS टेक्नोलॉजी?2 / 6

EPS का पूरा नाम 'एक्सपेंडेड पॉलिस्टायरीन' (Expanded Polystyrene) है, जिसे हम और आप आम बोलचाल की भाषा में थर्माकोल कहते हैं. इस तकनीक में घरों की दीवारों और छतों को बनाने के लिए खास तौर पर डिजाइन किए गए हल्के थर्माकोल पैनल्स का इस्तेमाल किया जाता है. ये पैनल बेहद मजबूत होते हैं और पारंपरिक ईंट-गारे की दीवारों के मुकाबले काफी हल्के होते हैं, जिससे पूरी इमारत का वजन भी कम हो जाता है.

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आखिर तपती गर्मी में कैसे ठंडे रहते हैं घर?

आखिर तपती गर्मी में कैसे ठंडे रहते हैं घर?3 / 6

इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा है थर्मल इंसुलेशन यानी तापमान को कंट्रोल करना. थर्माकोल के अंदर लाखों छोटे-छोटे बंद सेल्स होते हैं, जिनमें हवा फंसी (टैप) रहती है. यह फंसी हुई हवा बाहर की तेज गर्मी और लू को दीवार के पार जाने से रोकती है. एक तरह से यह गर्मी के लिए मजबूत ढाल का काम करती है.

बिजली की बचत होगी और एसी का लोड भी घटेगा

बिजली की बचत होगी और एसी का लोड भी घटेगा4 / 6

जब बाहर का तापमान 45 डिग्री पार कर रहा होता है, तब भी ये दीवारें बाहर की हीट को अंदर ट्रांसफर नहीं होने देतीं. इसके चलते घर के अंदर का तापमान सामान्य बना रहता है. जब घर अंदर से खुद ब खुद ठंडा रहेगा तो आपको एसी चलाने की जरूरत बहुत कम पड़ेगी. इससे आपकी भारी-भरकम बिजली की बचत होगी और एसी का लोड भी घटेगा.

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हल्की, टिकाऊ और किफायती भी है यह तकनीक

हल्की, टिकाऊ और किफायती भी है यह तकनीक5 / 6

गर्मी से राहत देने के अलावा इसके कई फायदे हैं. चूंकि मटेरियल बहुत हल्का होता है, इसलिए इसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाना और दीवारों को इंस्टॉल करना बेहद आसान और कम समय लेने वाला होता है. आधुनिक दौर में सस्टेनेबल और कम बिजली खपत वाले घर बनाने के लिए बिल्डर्स और होम-ओनर्स इस तकनीक को हाथों-हाथ ले रहे हैं.

सही इंस्टॉलेशन बेहद जरूरी

सही इंस्टॉलेशन बेहद जरूरी6 / 6

हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि थर्माकोल पैनल लगाते समय सही इंस्टॉलेशन बेहद जरूरी है. घर बनाते समय नमी से बचाव, वेंटिलेशन और सुरक्षा की परतों (जैसे सीमेंट-कंक्रीट की कोटिंग) का खास ध्यान रखना चाहिए ताकि लंबे समय तक इसका पूरा फायदा मिल सके.

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लेखक के बारे में

Vijay Jain

Vijay Jain

विजय कुमार न्यूज 24 में बतौर सीनियर न्यूज एडिटर कार्यरत हैं. विजय कुमार ने अपने पत्रकारिता के सफर की शुरुआत प्रिंट मीडिया के साथ की. अपने 23 साल के करियर में वह दैनिक जागरण, अमर उजाला और दैनिक भास्कर जैसे संस्थानों के साथ जुड़े रहे हैं. विजय कुमार राजनीति, चुनाव, क्राइम और करंट अफेयर्स जैसे विषयों पर तथ्यपरक पत्रकारिता के लिए जाने जाते हैं. विजय कुमार ने दैनिक भास्कर में रिपोर्टिंग के दौरान स्टिंग ऑपरेशन भी किए. 23 साल के अनुभव के दौरान विजय कुमार ने करियर के शुरुआती दौर में डेस्क जर्नलिस्ट रहते हुए की. विजय कुमार को 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के अलावा बिहार, यूपी, बंगाल, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के विधानसभा चुनाव की ग्राउंड कवरेज का अनुभव है. ग्रामीण उद्योगीकरण में स्नातक की डिग्री होने के कारण विजय कुमार को ग्रामीण इलाकों की समस्याओं और उनसे जुड़ी कवरेज का खासा अनुभव है. अपने लेख के माध्यम से उन्होंने ग्रामीण इलाकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया है. पत्रकारिता में अनुभव: 23 साल योग्यता, डिग्री / अन्य उपलब्धियां: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से ग्रामीण उद्योगीकरण विषय में बीए की डिग्री प्राप्त की है. विजय कुमार को पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए 2017 में 'श्रीफल जर्नलिज्म नेशनल अवॉर्ड' से सम्मानित किया गया.
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