500 रुपये में जेल में रहिए एक दिन! भारत में शुरू हुआ 'जेल टूरिज्म', जानिए कहां मिलता है ये अनोखा अनुभव?

Rent Jail Tourism in India: भारत में एक अनोखा ट्रेंड तेजी से फेमस हो रहा है-'जेल टूरिज्म'. अब आम लोग भी पैसे देकर एक दिन के लिए जेल में कैदी जैसा जीवन जी सकते हैं. हल्द्वानी और संगारेड्डी जैसी जगहों पर ये सुविधा मिल रही है, जहां आपको जेल का खाना, कपड़े और दिनचर्या पूरी तरह असली जैसी मिलती है.

Rent Jail Tourism in India
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Credit: AI

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क्या है जेल टूरिज्म?

क्या है जेल टूरिज्म?2 / 8

भारत में 'जेल टूरिज्म' एक नया और अनोखा ट्रेंड बनता जा रहा है. इसमें आम लोग पैसे देकर एक दिन के लिए जेल में कैदी जैसा जीवन जी सकते हैं. ये अनुभव एडवेंचर और रियल लाइफ एक्सपीरियंस के तौर पर काफी फेमस हो रहा है.  

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कैसे मिलता है जेल जैसा अनुभव?

कैसे मिलता है जेल जैसा अनुभव?3 / 8

इस टूरिज्म के दौरान लोगों को जेल की यूनिफॉर्म पहनाई जाती है, जेल का खाना दिया जाता है और उसी तरह की दिनचर्या फॉलो करनी होती है जैसी असली कैदियों की होती है. इससे ये एक्सपीरियंस बेहद असली लगता है.

हल्द्वानी जेल

हल्द्वानी जेल 4 / 8

उत्तराखंड के हल्द्वानी में जेल प्रशासन ने पुराने हिस्से को तैयार कर पर्यटकों के लिए खोल दिया है. यहां लोग एक दिन के लिए 'किराएदार कैदी' बनकर रह सकते हैं और जेल के अंदर का अनुभव ले सकते हैं.

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सिर्फ 500 रुपये में जेल का अनुभव

सिर्फ 500 रुपये में जेल का अनुभव5 / 8

हल्द्वानी जेल में एक दिन रहने के लिए करीब 500 रुपये खर्च करने होते हैं. इसमें रहने की व्यवस्था, खाना और जेल जैसी सुविधाएं शामिल होती हैं, जिससे लोगों को सस्ता और अनोखा अनुभव मिलता है.

संगारेड्डी जेल का 'Feel the Jail' प्रोग्राम

संगारेड्डी जेल का 'Feel the Jail' प्रोग्राम6 / 8

तेलंगाना की संगारेड्डी जेल में 'Feel the Jail' नाम से खास कार्यक्रम चलाया जाता है. यहां पर्यटक 24 घंटे जेल में रह सकते हैं, बैरक में सोते हैं और जेल की दिनचर्या का पालन करते हैं. दिल्ली की तिहाड़ जेल में भी कुछ समय के लिए इस तरह का प्रयोग किया गया था, जहां कुछ हिस्सों को 'टूरिस्ट सेल' के रूप में इस्तेमाल किया गया.  

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क्या-क्या मिलता है इस अनुभव में?

क्या-क्या मिलता है इस अनुभव में?7 / 8

इस अनुभव के दौरान लोगों को जेल यूनिफॉर्म, स्टील के बर्तन, साधारण बिस्तर और कैदियों जैसा खाना दिया जाता है. यहां तक कि उन्हें बैरक साफ करने जैसे काम भी करने पड़ सकते हैं.

क्या है इसका मकसद?

क्या है इसका मकसद?8 / 8

इस पहल का मकसद सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि लोगों को जेल के जीवन की सच्चाई से रूबरू कराना भी है. इससे समाज में जागरूकता बढ़ती है और लोग कानून का महत्व समझते हैं. (All Photos Credit: Freepik)

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लेखक के बारे में

Varsha Sikri

Varsha Sikri

वर्षा सिकरी News24 हिंदी डिजिटल में सीनियर सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. जर्नलिज्म में 9 साल का अनुभव रखने वाली वर्षा सिकरी राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. वर्षा सिकरी ने सितंबर 2017 में इंडिया टीवी से अपने करियर की शुरुआत की थी, जिसके बाद से उन्होंने रिपब्लिक टीवी, जी न्यूज, आज तक जैसे चैनलों में काम किया. फिलहाल वो News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 9 साल के करियर में वर्षा सिकरी ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. वर्षा सिकरी का पत्रकारिता में अनुभव: 9 साल योग्यता: NRAI स्कूल ऑफ मास कम्यूनिकेशन से ग्रेजुएशन करने के बाद वर्षा सिकरी ने मीडिया में अपने करियर की शुरुआत की. उन्होंने बतौर एंकर और रिपोर्टर भी काम किया है.
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