Space Mystery: जहां इंसान का जाना है नामुमकिन, वहां हो रही है हीरों की बौछार; जानिए इस रहस्यमयी ग्रह का सच
Diamond Rain Planets: यूरेनस और नेप्च्यून जैसे बर्फीले ग्रहों पर पानी की जगह होने वाली हीरों की अनोखी बारिश के पीछे का विज्ञान और अंतरिक्ष के इस हैरान करने वाले रहस्य की पूरी सच्चाई जानें.

हमारे सौरमंडल के दो अनोखे ग्रहों यूरेनस और नेप्च्यून पर पानी की जगह बेशकीमती हीरों की बारिश होती है. वैज्ञानिकों ने हाल ही में कुछ नए और बेहद मजबूत सुबूतों के जरिए इस दावे को सच साबित कर दिखाया है.
हीरे बनने का विज्ञान
2 / 6इन बर्फीले ग्रहों के वायुमंडल में मीथेन गैस बहुत भारी मात्रा में पाई जाती है. यहाँ के अत्यधिक दबाव और भारी तापमान के कारण मीथेन के कार्बन परमाणु आपस में मिलकर क्रिस्टल यानी हीरे का रूप ले लेते हैं.
लैब में सफल प्रयोग
3 / 6साल 2017 में जर्मनी के वैज्ञानिकों ने धरती पर ही इन ग्रहों जैसा खतरनाक माहौल तैयार करने में कामयाबी पाई थी. उन्होंने एक खास प्लास्टिक पर शक्तिशाली लेज़र डालकर पलक झपकते ही छोटे-छोटे नैनो-डायमंड्स बना दिए थे.
केंद्र में हीरों की परत
4 / 6वैज्ञानिकों का अनुमान है कि हीरों की यह अनोखी बारिश इन ग्रहों पर पिछले कई अरबों सालों से लगातार चल रही है. इस वजह से इन ग्रहों के केंद्र के चारों तरफ हीरों की एक बहुत मोटी और भारी परत जम चुकी है.
धरती पर लाना नामुमकिन
5 / 6इन हीरों को अंतरिक्ष से ढूंढकर धरती पर लाना फिलहाल इंसानी तकनीक के लिए पूरी तरह से नामुमकिन है. ऐसा इसलिए है क्योंकि ये हीरे बादलों की उस गहराई में बनते हैं जहाँ का दबाव झेलना किसी भी स्पेस क्राफ्ट के बस की बात नहीं है.
ब्रह्मांड का आम मौसम
6 / 6अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के अनुसार हमारे सौरमंडल से बाहर भी इस आकार के हजारों दूसरे ग्रह मौजूद हैं. इसका सीधा मतलब यह है कि हीरों की ऐसी बारिश पूरे ब्रह्मांड में एक आम मौसम की तरह ही होती है.



















