5 वर्किंग डे की शुरुआत किसने की? जानिए कैसे बदला दुनिया में काम करने का तरीका
आज के वक्त में 5 वर्गिंग डे कई कंपनियों में दिया जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं 5 वर्किंग डे की शुरुआत किसने की थी?

आज पांच दिन काम और दो दिन छुट्टी आम बात है, लेकिन इसकी शुरुआत एक ऐतिहासिक फैसले से हुई थी. साल 1926 में एक कंपनी ने काम के नियमों को बदलकर पूरी दुनिया के लिए नया उदाहरण पेश किया. आइए जानते हैं किसने लोगों को 2 दिन की छुट्टी देने का नियम बनाया.
इस कंपनी ने किया बड़ा बदलाव
2 / 71 मई 1926 को फोर्ड मोटर कंपनी ने अपने कारखानों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए हफ्ते में सिर्फ पांच दिन और 40 घंटे काम का नियम लागू किया. बाद में यही नियम ऑफिस कर्मचारियों पर भी लागू किया गया.
पहले भी किए थे बड़े सुधार
3 / 7हेनरी फोर्ड की डेट्रॉइट स्थित ऑटोमोबाइल कंपनी ने इससे पहले भी श्रमिकों के हित में कई फैसले लिए थे, साल 1914 में कंपनी ने आठ घंटे के काम के लिए न्यूनतम 5 डॉलर वेतन तय किया, जो उस समय के मुकाबले काफी ज्यादा था.
महिला कर्मचारियों के लिए भी नई पहल
4 / 71916 में यही नीति महिला कर्मचारियों पर भी लागू की गई, इससे कंपनी में समानता और बेहतर कार्य माहौल को बढ़ावा मिला, साथ ही कर्मचारियों की संतुष्टि और काम के प्रति लगाव भी बढ़ा.
छह दिन से पांच दिन का सफर
5 / 7पहले काम का सप्ताह छह दिन का होता था, लेकिन 1922 में इसे घटाकर पांच दिन करने का विचार सामने आया. कंपनी का मानना था कि कर्मचारियों को आराम और परिवार के लिए समय मिलना जरूरी है. इतना ही नहीं, इस छूट्टी के पीछे कंपनी का बड़ा फायदा था, इस बदलाव को लेकर फोर्ड ने खुद स्वीकार किया कि प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए पांच दिवसीय कार्य सप्ताह शुरू किया गया था.
काम और जीवन का संतुलन जरूरी
6 / 7फोर्ड का मानना था कि अच्छा जीवन जीने के लिए काम के साथ आराम भी जरूरी है. उन्होंने कहा कि छुट्टी समय की बर्बादी नहीं, बल्कि बेहतर जीवन का अहम हिस्सा है.
दुनिया ने अपनाया यह मॉडल
7 / 7फोर्ड के इस फैसले का असर जल्द ही दुनियाभर में दिखने लगा. कई कंपनियों ने इस मॉडल को अपनाया और सोमवार से शुक्रवार का वर्क सिस्टम धीरे-धीरे एक ग्लोबल स्टैंडर्ड बन गया. (Image: AI/Pexels)