हजारों की भीड़ के सामने SRH के किस खिलाड़ी ने लिया एमएस धोनी के पांव छूकर आशीर्वाद?
Krains Fuletra Touches Feet of MS Dhoni: महेंद्र सिंह धोनी ने भले ही आईपीएल 2026 में एक भी मुकाबला न खेला हो, लेकिन क्रिकेट फैंस से लेकर यंग प्लेयर्स में उनको लेकर दीवानगी सिर चढकर बोलती है. ऐसा ही कुछ नजारा सोमवार 18 मई को आईपीएल 2026 के एक मुकाबले के दौरान देखने को मिला.

ऐतिहासिक एमए चिदंबरम स्टेडियम में जब सनराइजर्स हैदराबाद ने चेन्नई सुपरकिंग्स को 5 विकेट से हराया तब मैच के बाद खिलाड़ियों की बीच ट्रेडिशनल हैंडशेक के दौरान एसआरएच के एक यंग खिलाड़ी ने एमएस धोनी के पैर छू लिए.
2 / 7महेंद्र सिंह धोनी के पैर छूने का वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है, क्रिकेट फैंस जानने की कोशिश कर अरे हैं कि आखिर ये खिलाड़ी है कौन? तो आइए हम उसकी पूरी डिटेल आपको बताने जा रहे हैं.
3 / 7अगर आप वीडियो को ध्यान से देखेंगे तो पाएंगे कि सनराइजर्स हैदराबाद के इस खिलाड़ी ने 53 नंबर की जर्सी पहनी है. एसआरएच टीम की लिस्ट को अगर खंघाला जाए तो ये नंबर यंग स्पिनर क्रेन्स फुलेट्रा को मिला हुआ. इसकी जानकारी हमें उनके इंस्टाग्राम अकाउंट से मिली है.
4 / 7क्रेन्स फुलेट्रा का जन्म 19 जून 2004 को हुआ था, वो सौराष्ट्र टीम के स्पिनर हैं और पहली बार इंडियन प्रीमियर लीग का हिस्सा बने है. आईपीएल 2026 के लिए अबू धाबी में हुए मिनी ऑक्शन में एसआरएच ने उन्हें 30 लाख की कीमत में खरीदा था.
5 / 7आईपीएल के मौजूदा सीजन से पहले वो सनराइजर्स हैदराबाद समेत कई फ्रेंचाइजी के लिए नेट बॉलर के तौर पर काम कर चुके हैं. घरेलू क्रिकेट में बेहतरीन लेफ्ट-आर्म रिस्ट स्पिनर्स की कमी के चलते फुलेत्रा की मांग काफी बढ़ गई है।
6 / 7हालांकि 21 साल के इस खिलाड़ी ने अपने राज्य के लिए अब तक सिर्फ 2 टी20 मैच ही खेले हैं, जिसके चलते सीनियर डोमेस्टिक लेवल पर उनकी काबीलियत अभी तक पूरी तरह से परखी नहीं जा सकी है. आईपीएल 2026 में भी उन्हें अब तक एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला है. ऐसे में उन्हें उम्मीद है कि आने वाले मैचों में उन्हें जरूर चांस मिलेगा.
7 / 7क्रेन्स फुलेट्रा के पिता भावेशभाई फुलेट्रा खुद क्रिकेटर बनना चाहते थे, लेकिन उनका ये ख्वाब पूरा नहीं हो पाया, हालांकि होनहार बेटे ने इस सपने को सच कर दिया. पिता अक्सर उन्हें जूनागढ़ के मालिया इलाके से राजकोट तक करीब 200 किलोमीटर तक का सफर प्रैक्टिस कराने ले जाते थे.