LIVE मैच में सिगरेट पीने के लिए रियान पराग को जाना पड़ेगा जेल? भारत सरकार का ये कानून बना BCCI की बड़ी मुसीबत!
पंजाब और राजस्थान के बीच हुए मैच में रियान पराग का ई-सिगरेट पीने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. भारत में ई-सिगरेट पीना पूरी तरह से अवैध है और इसकी सजा के तौर पर उनको जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है. आइए आपको बताते हैं कि क्या कहता इसको लेकर भारत सरकार का नियम

Riyan Parag Vape Controversy: रियान पराग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में राजस्थान रॉयल्स के कप्तान ई-सिगरेट पीते हुए पकड़े गए हैं, जिसे वेप के नाम से भी जाना है. मैच के दौरान किसी भी टीम के खिलाड़ी या स्टाफ को स्मोकिंग करना पूरी तरह से नियमों के खिलाफ है. रियान पराग को अपनी इस हरकत के चलते जेल भी जाना पड़ सकता है. भारत सरकार का नियम ई-सिगरेट को लेकर क्या कहता है आइए आपको भी बताते हैं.
जेल जा सकते हैं रियान पराग
2 / 6रियान पराग को ड्रेसिंग रूम में सिगरेट पीने की सजा के तौर पर जेल भी भेजा जा सकता है. भारत में ई-सिगरेट पीना पूरी तरह से अवैध है और सरकार ने इसकी रोक के लिए कड़े कानून बनाए हैं. ऐसे में कोई भी अगर ऐसा करता पकड़ा जाता है तो उसे सजा हो सकती है.
क्या कहता भारत सरकार का कानून?
3 / 6भारत में इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट निषेध अधिनियम (PECA) 2019 के तहत वेप या ई-सिगरेट को बेचना या इस्तेमाल करना पूरी तरह से अवैध है. इस कानून को तोड़ने पर सरकार की तरफ से आपको जेल या फिर भारी जुर्माने की सजा हो सकती है.
क्या पराग को होगी एक साल की जेल?
4 / 6PECA कानून के तहत अगर पहली बार कोई ऐसा करते हुए पकड़ा जाता है तो उसके ऊपर एक लाख का जुर्माना और एक साल तक की जेल तक हो सकती है. इसके बाद अगर दोबारा कोई ऐसा करते हुए पकड़ा जाता है तो 3 साल तक की जेल और 5 लाख रुपये जुर्माना का प्रावधान है.
BCCI के लिए बढ़ी टेंशन
5 / 6अगर पराग के ऊपर सरकार की तरफ से एक्शन होता है तो बीसीसीआई की टेंशन बढ़ जाएगी. आईपीएल टीम के कप्तान की इस तरह की हरकत भारतीय क्रिकेट को दुनियाभर में शर्मसार कर सकती है. ऐसे में बोर्ड इस मामले में क्या कदम उठाता है ये भी देखने वाला होगा.
BCCI ले सकती है बड़ी एक्शन
6 / 6रियान पराग को इस हरकत के लिए बीसीसीआई की तरफ से भी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है. उनके ऊपर आईपीएल के नियमों का उल्लंघन करने के लिए सजा सुनाई जा सकती है. आईपीएल के खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए आचार संहिता के कानून 2.2 के तहत खेल की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का मामला बनता है.