'अर्शदीप सिंह को IPL 2026 से बैन करो' नस्लवादी कमेंट के बाद किसने उठाई मांग?
Laxman Sivaramakrishnan Wants To Ban Arshdeep Singh: अर्शदीप सिंह की तरफ से टीम इंडिया के अपने साथी खिलाड़ी तिलक वर्मा पर की गई कथित नस्लभेदी टिप्पणियां काफी सुर्खियां बटोर रही हैं. अब पूर्व स्पिनर एल शिवरामकृष्णन, जिन्होंने IPL 2026 की शुरुआत में ही नस्लवाद के आरोप लगाए थे, उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर इस घटना पर अपना गुस्सा जाहिर किया है.

जाहिर सी बात है कि अर्शदीप सिंह और तिलक वर्मा भले ही कितने भी अच्छे दोस्त हों, लेकिन स्किन कलर को लेकर उनका कमेंट अच्छे टेस्ट का नहीं कहा जा सकता. ऐसे में पंजाब किंग्स के पेसर की मुश्किलें बढ़ सकती है.
2 / 6एक वायरल हो रहे वीडियो में पंजाब किंग्स के तेज गेंदबाज अर्शदीप ने मुंबई इंडियंस के बल्लेबाज तिलक से पूछा, 'ओए अंधेरे, सनस्क्रीन लगाया?' उसी वीडियो में, गेंदबाज नमन धीर को 'असली नूर' कहते हैं. बिना किसी ज्यादा संदर्भ या जानकारी के, ये बातचीत कई लोगों को रास नहीं आई है. लक्ष्मण शिवरामकृष्णन, जिन्होंने कुछ ही दिन पहले इसी तरह के भेदभाव के बारे में बात की थी.
3 / 6दरअसल लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने अर्शदीप सिंह के खिलाफ सजा की मांग की है, ताकि एक मिसाल कायम की जा सके. उन्होंने लिखा, 'किसी ने मेरा यकीन नहीं किया. सबने मेरा मजाक उड़ाया और मुझे ट्रोल किया. अर्शदीप पर इस सीजन के लिए बैन लगना चाहिए और उसे उसकी सेवाओं के अनुपात में ही भुगतान किया जाना चाहिए. आज के खिलाड़ियों को वहीं चोट पहुंचानी चाहिए जहां उन्हें सबसे ज्यादा दर्द होता है. मुझे यकीन है कि मुझे फिर से ट्रोल किया जाएगा.'
4 / 6'अगर BCCI कोई कार्रवाई करता है, तो मैं उन लोगों के नाम बताऊंगा जिन्होंने मेरे साथ नस्लभेदी दुर्व्यवहार किया था, बशर्ते बीसीसीआई उनके खिलाफ कार्रवाई करे.' लेकिन ये पूरी घटना सिर्फ उन मुद्दों को ही सामने लाती है जिनसे BCCI जूझ रहा है. जो बात और भी ज्यादा मुश्किल खड़ी कर सकती है, वो ये है कि ये घटना तब हुई है जब बोर्ड ने सभी फ़्रेंचाइजियों के लिए मैदान के बाहर के बिहेवियर और सोशल मीडिया पर आचरण के संबंध में 7 पन्नों की गाइडलाइन जारी की थी.
5 / 6ये पहली बार नहीं है जब अर्शदीप किसी मुश्किल में फंसे हैं. इससे पहले अपने एक व्लॉग में, उन्होंने गलती से युजवेंद्र चहल का हवाई जहाज में वेप करते हुए वीडियो बना लिया था. जब वो टीम के साथ होते हैं, तो उनके व्लॉगिंग करने पर बैन होना चाहिए था. इस बीच, 'नस्लवाद' की इस घटना के खिलाड़ी पर और भी बड़े असर पड़ सकते हैं.
6 / 6आईपीएल आचार संहिता के तहत, कोई भी ऐसा काम जो खेल की भावना के खिलाफ हो, उसकी समीक्षा मैच रेफरी की तरफ की जाएगी. लेकिन ये देखना अभी बाकी है कि क्या इस बातचीत को 2 शख्स के बीच एक निजी बातचीत माना जाता है या नहीं.