Auroras Light: आसमान में आज रात घटेगी दुर्लभ घटना! भारत में कब और कहां देख सकते हैं ये अद्भुत नजारा?

अंतरिक्ष में समय-समय पर कई ऐसी खगोलीय दुर्लभ घटनाएं घटती रहती हैं, जो ना सिर्फ आम आदमी को, बल्कि वैज्ञानिकों को भी हैरान कर देती हैं. ऐसा ही कुछ अद्भुत नजारा आज रात आसमान में देखने को मिलेगा, जिसके साक्षी भारतवासी भी बन सकते हैं. आइए जानते हैं भारत में कब और कहां देख सकते हैं अरोरा लाइट का ये अद्भुत नजारा?

Auroras Light
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अंतरिक्ष में समय-समय पर कई ऐसी खगोलीय दुर्लभ घटनाएं घटती रहती हैं, जो ना सिर्फ आम आदमी को, बल्कि वैज्ञानिकों को भी हैरान कर देती हैं. ऐसा ही कुछ अद्भुत नजारा आज रात आसमान में देखने को मिलेगा, जिसके साक्षी भारतवासी भी बन सकते हैं. आइए जानते हैं भारत में कब और कहां देख सकते हैं अरोरा लाइट का ये अद्भुत नजारा?  

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आसमान में कब घटेगी ये दुर्लभ घटना?

आसमान में कब घटेगी ये दुर्लभ घटना?2 / 8

6 जून को सूरज से निकली भारी प्लाज़्मा श्रेणी अब पृथ्वी से टकरा रही है और स्पेस वेदर एजेंसी ने G3 चेतावनी जारी की है. इसकी बहुत अधिक आशंका है कि आसमान में ये अद्भुत नजारा सोमवार 11:30 PM से मंगलवार 2:30 AM (IST) के बीच दिखाई दे सकता है. यह ऑरोरा ध्रुवीय पट्टी से दक्षिण की बढ़ सकता है.

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ऑरोरा कैसे बनते हैं?

ऑरोरा कैसे बनते हैं?3 / 8

जब सूर्य से आए आवेशित कण पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र में प्रवेश करते हैं, तो वे वायुमंडलीय गैसों से टकराकर प्रकाश उत्सर्जित करते हैं. इस प्रक्रिया से हरे, लाल और बैगनी रंग के परदे बनते हैं जिन्हें ऑरोरा कहते हैं. तीव्र सौर तूफान इन्हें असामान्य स्थानों तक ले जा सकते हैं.  

भारत में कहां दिखने की सबसे अच्छी संभावना?

भारत में कहां दिखने की सबसे अच्छी संभावना?4 / 8

लद्दाख में हैंले ऑब्जर्वेटरी का इलाका और आसपास के उच्च-ऊंचाई वाले रेगिस्तानी व घाटी वाले हिस्से सबसे अनुकूल हैं. नुब्रा घाटी, पांगॉंग त्सो, कश्मीर और उत्तराखंड के ऊपरी हिस्से भी देखने के लिहाज से विकल्प हैं. ये स्थान रोशनी और बादलों से मुक्त रहे तो सबसे अच्छा परिणाम दे सकते हैं.

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किन शहरों में नहीं दिखेगा और क्यों?

किन शहरों में नहीं दिखेगा और क्यों?5 / 8

दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में प्रकाश प्रदूषण और मौसम की परिस्थितियां बाधक हैं. विशेषकर मॉनसून-क्षेत्रों में बादल आकाश को ढंक देंगे और किसी भी प्रकार की रोशनी दिखाई नहीं देगी. इसलिए शहरी निवासी विजुअल अनुभव के लिए अनुकूल नहीं हैं.

निर्णायक वैज्ञानिक फैक्टर

निर्णायक वैज्ञानिक फैक्टर6 / 8

आने वाले प्लाज्मा का चुंबकीय घटक Bz यदि दक्षिण की ओर होगा तो पृथ्वी के साथ कनेक्शन बनेगा और ऑरोरा दक्षिण तक फैलेंगी. यह घटक तब तक निश्चित नहीं होता जब तक क्लाउड उपग्रहों द्वारा पृथ्वी के करीब से मापा न हो. चेतावनी में केवल 15–60 मिनट का वास्तविक-समय संकेत मिल सकता है.

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कैसे देख सकते हैं ऑरोरा लाइट?

कैसे देख सकते हैं ऑरोरा लाइट?7 / 8

रात में उत्तर की ओर देखें, अंधेरे वाला स्थान चुनें और आंखों को कम से कम 20 मिनट अंधेरे के लिए अनुकूल होने दें. लंबी-एक्सपोजर कैमरा सेटिंग या फोन का नाइट मोड का प्रयोग करें, क्योंकि कैमरा अक्सर आंख से पहले संकेत पकड़ लेता है.

इन देशों में भी नजर आएगा ऑरोरा

इन देशों में भी नजर आएगा ऑरोरा8 / 8

यूरोप के उत्तरी भाग, कनाडा और उपयुक्त अमेरिकी प्रदेशों में ऑरोरा अधिक व्यापक रूप से दिखाई देने की संभावना है. दक्षिणी गोलार्ध में टास्मानिया और न्यूजीलैंड के दक्षिणी हिस्सों को भी ऑरोरा ऑस्ट्रालिस के रूप में मौका मिल सकता है. स्थानीय मौसम और आधिकारिक लाइव अपडेट (जैसे SWPC/NOAA) देखने के निर्णय को अंतिम रूप देंगे.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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