क्या व्हाइट कार के मुकाबले ब्लैक कार धूप में जल्दी होती है गर्म? ज्यादातर लोग नहीं जानते होंगे ये सच!
Do Black Cars Get Hotter Than White Cars in Summer: कई कार खरीदार सोचते हैं कि क्या गाड़ी का रंग इस बात पर असर डालता है कि गर्मी में वह कितनी गर्म होगी. काले और सफेद रंग की कारें सबसे ज्यादा पसंद की जाती हैं और अक्सर इनके गर्मी सोखने को लेकर बहस होती रहती है. हालांकि सीधी धूप में दोनों तरह की कारें बहुत ज्यादा गर्म हो सकती हैं, लेकिन साइंस बताता है कि रंग से साफ तौर पर फर्क पड़ता है.

अगर आप भारत में रहते हैं, और कार खरीदने की सोच रही है, तो मन में ये ख्याल जरूर आता होगा कि ब्लैक कार खरीदने से गर्मी के मौसम में ज्यादा हीट का सामना करना पड़ सकता है, हालांकि इसे समझने के लिए हमे साइंटिफिक नजरिये को समझना होगा.
2 / 7इसकी सबसे बड़ी है कि अलग-अलग रंग सूरज की रोशनी के साथ कैसे रिएक्ट करते हैं. सूरज की रोशनी में दिखाई देने वाली रोशनी और इंफ्रारेड रेडिएशन दोनों होते हैं, जिनमें गर्मी होती है. काली सतहें इस ऊर्जा का ज्यादातर हिस्सा सोख लेती हैं और उसे गर्मी में बदल देती हैं, जबकि सफेद सतहें आने वाली सूरज की रोशनी का ज्यादातर हिस्सा वापस लौटा देती हैं. नतीजतन, एक ही स्थिति में खड़ी सफेद कारों की तुलना में काली कारों की बाहरी सतह का तापमान आमतौर पर ज्यादा होता है. (AI Image)
3 / 7गर्म क्लाइमेट में की गई कई स्टडीज से पता चला है कि लंबे समय तक धूप में रहने के बाद काली गाड़ियों के बॉडी पैनल सफेद गाड़ियों की तुलना में काफी ज्यादा गर्म हो सकते हैं. सतह का ये ज्यादा तापमान गाड़ी के अंदर भी थोड़ी ज्यादा गर्मी पैदा कर सकता है, हालांकि ये फर्क आमतौर पर कुछ डिग्री का ही होता है. (AI Image)
4 / 7खड़ी कार का अंदरूनी हिस्सा खास तौर से ग्रीनहाउस इफेक्ट के कारण गर्म होता है. सूरज की रोशनी खिड़कियों से अंदर आती है और डैशबोर्ड, सीटों, स्टीयरिंग व्हील और अंदर की दूसरी सतहों को गर्म करती है. फिर ये गर्मी केबिन के अंदर ही फंस जाती है, जिससे तापमान तेजी से बढ़ता है. अगर सफेद कार को भी लंबे समय तक सीधी धूप में छोड़ दिया जाए, तो वह भी खतरनाक हद तक गर्म हो सकती है.
5 / 7केबिन में आराम के मामले में अंदर इस्तेमाल होने वाली चीज़ें भी अहम भूमिका निभाती हैं. हल्के रंग के इंटीरियर की तुलना में काली लेदर की सीटें, गहरे रंग के डैशबोर्ड और गहरे रंग की अपहोल्स्ट्री ज्यादा गर्मी सोखती और बनाए रखती हैं. कई मामलों में, गाड़ी के अंदर इस्तेमाल किए गए रंग और मटीरियल का केबिन की गर्मी पर बाहरी पेंट की तुलना में ज्यादा असर पड़ता है. (AI Image)
6 / 7मॉडर्न गाड़ियों के फीचर अकेले रंग की तुलना में गर्मी को ज्यादा असरदार ढंग से कम कर सकते हैं. टिंटेड खिड़कियां, रिफ्लेक्टिव विंडशील्ड सनशेड, हवादार सीटें और एफिशिएंट एयर कंडीशनिंग सिस्टम केबिन के टेम्परेचर को कम रखने में मदद करते हैं. छायादार जगहों पर गाड़ी खड़ी करने से भी कार के रंग की परवाह किए बिना गर्मी जमा होने को काफी हद तक कम किया जा सकता है. (AI Image)
7 / 7बहुत ज्यादा गर्मी वाले इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए, हल्के रंग की कार चुनना सतह के तापमान को कम करके थोड़ा फायदा दे सकता है. हालांकि, कुल मिलाकर फर्क इतना बड़ा नहीं होता कि रंग ही इकलौता डिसाइडिंग फैक्टर बन जाए. आराम बाहरी रंग, अंदरूनी मटीरियल, पार्किंग की कंडीशन और कूलिंग फीचर के मेल पर निर्भर करता है, न कि सिर्फ पेंट के शेड पर.