Shaktipeeth Outside India: भारत से बाहर मौजूद हैं ये 6 शक्तिपीठ, जहां एक पीठ का सेवादार है मुस्लिम, जानें रहस्य
Shaktipeeth Outside India: शक्तिपीठ वे पवित्र स्थल हैं, जहां देवी सती के अंग गिरने की मान्यता है, जो राजा दक्ष के यज्ञ और भगवान शिव के तांडव से जुड़ी कथा से संबंधित है। भारत में 51 शक्तिपीठ हैं। आइए जानते हैं, भारत से बाहर कहां-कहां कौन-से शक्तिपीठ स्थित हैं?

विदेशों में स्थित शक्तिपीठ
2 / 8Shaktipeeth Outside India: शक्तिपीठ वे पवित्र स्थल हैं, जहां देवी सती के अंग गिरने की मान्यता है। पौराणिक कथा के अनुसार, राजा दक्ष के यज्ञ में अपमानित होकर सती ने अग्नि में देह त्याग दी। शोक में डूबे भगवान शिव सती का शरीर लेकर तांडव करने लगे। सृष्टि संतुलन के लिए भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से सती के अंग अलग किए, जो विभिन्न स्थानों पर गिरे। इन्हीं स्थानों को शक्तिपीठ कहा जाता है। भारत में 51 शक्तिपीठ हैं, लेकिन कुछ प्रमुख स्थल देश की सीमाओं से बाहर भी स्थित हैं। आइए जानते हैं, विदेशों में स्थित शक्तिपीठ के बारे में।
हिंगलाज माता मंदिर: आस्था और अनोखी परंपरा
3 / 8पाकिस्तान के बलूचिस्तान में स्थित हिंगलाज माता मंदिर बेहद खास है। यहां हिंदू ही नहीं, स्थानीय मुस्लिम समुदाय भी श्रद्धा रखता है। खास बात यह है कि इस पीठ की देखरेख में मुस्लिम सेवादार भी भूमिका निभाते हैं। हर साल हिंगलाज यात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं।
शारदा पीठ: प्राचीन ज्ञान की विरासत
4 / 8पाक अधिकृत कश्मीर में स्थित शारदा पीठ को प्राचीन ज्ञान का केंद्र माना जाता है। मान्यता है कि यहां सती का दाहिना हाथ गिरा था। हालांकि यहां पहुंचना सीमित परिस्थितियों के कारण आसान नहीं है।
गुह्येश्वरी मंदिर: तंत्र साधना का रहस्यमय स्थल
5 / 8नेपाल की राजधानी काठमांडू में पशुपतिनाथ मंदिर के पास स्थित गुह्येश्वरी शक्तिपीठ अपनी खास आध्यात्मिक पहचान रखता है। इसे तंत्र साधना का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है। यहां देवी की पूजा विशेष विधि से की जाती है।
सुगंधा शक्तिपीठ: आस्था की शांत धारा
6 / 8बांग्लादेश के शिकारपुर क्षेत्र में स्थित सुगंधा शक्तिपीठ को बेहद पवित्र माना जाता है। मान्यता है कि यहां देवी की दिव्य शक्ति आज भी विराजमान है। यह स्थान भले ही शांत दिखाई देता हो, लेकिन नवरात्र के समय यहां भक्तों की अच्छी खासी भीड़ जुटती है।
यशोरेश्वरी शक्तिपीठ: परंपरा और उत्सव का संगम
7 / 8यह भी बांग्लादेश के खुलना जिले में है और यशोरेश्वरी शक्तिपीठ कहलाता है। यह अपनी जीवंत धार्मिक परंपराओं के लिए जाना जाता है। यहां हर साल नवरात्र के दौरान विशेष उत्सव का माहौल बनता है। दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचते हैं और देवी के दर्शन करते हैं।
तिब्बत का दाक्षायणी शक्तिपीठ
8 / 8तिब्बत में मानसरोवर झील के पास स्थित दाक्षायणी शक्तिपीठ भी आस्था का प्रमुख केंद्र है। कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालु यहां पूजा करते हैं। यह स्थान भौगोलिक रूप से कठिन है, लेकिन आध्यात्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।