अश्वगंधा के पत्तों पर FSSAI ने लगाया बैन, दवा या खानपान में सिर्फ एक हिस्से का हो सकेगा इस्तेमाल

Ashwagandha Ban: खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने अश्वगंधा की पत्तियों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है. अब कंपनियां दवा या खाद्य पदार्थों में अश्वगंधा की पत्तियों का नहीं सिर्फ इसके एक हिस्से का इस्तेमाल कर सकेंगी, जानिए यहां.

Ashwagandha leaves ban
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Ashwagandha leaves ban

Ashwagandha Leaves Banned: अश्वगंधा का इस्तेमाल आयुर्वेद में सदियों से किया जाता रहा है. इसे आयुर्वेद में औषधि की तरह इस्तेमाल किया जाता है और दवा या खानपान में इसे डाला जाता है. लेकिन, भारत के खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने अश्वगंधा के पत्तों पर बैन लगा दिया है. FSSAI की जारी की गई गाइडलाइंस के अनुसार, अश्वगंधा की पत्तियों का अब कंपनिया ना किसी दवा में इस्तेमाल कर सकेंगी और ना ही अश्वगंधा की पत्तियों (Ashwagandha Leaves) या उसके एक्सट्रैक्ट को किसी खाद्य पदार्थ में डाला जाएगा. यहां जानिए बैन की क्या है वजह.

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क्यों लगाया गया अश्वगंधा पर बैन

क्यों लगाया गया अश्वगंधा पर बैन 2 / 7

FSSAI ने अश्वगंधा की पत्तियों पर रोक लगा दी है. मानना है कि अश्वगंधा की पत्तियों के प्रभाव और सुरक्षा के पर्याप्त वैज्ञानिक सबूत ना होने के कारण यह फैसला लिया गया है.

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अश्वगंधा के किस हिस्से का हो सकता है इस्तेमाल

अश्वगंधा के किस हिस्से का हो सकता है इस्तेमाल 3 / 7

FSSAI द्वारा अश्वगंधा की जड़ और उसके एक्सट्रैक्ट के इस्तेमाल को मंजूरी दी गई है. हेल्थ सप्लीमेंट्स और प्रोडक्ट्स में सिर्फ जड़ और उसके एक्सट्रैक्ट का ही इस्तेमाल हो सकता है.

क्या है अश्वगंधा

क्या है अश्वगंधा 4 / 7

अश्वगंधा एक सदाबहार पौधा है जिसे आयुर्वेद में औषधीय पौधा भी कहा जाता है. आयुर्वेद के अनुसार, अश्वगंधा की जड़ खाई जाए तो व्यक्ति में घोड़े जैसी शक्ति आ जाती है इसीलिए इसका नाम अश्वगंधा पड़ा है.

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अश्वगंधा के क्या फायदे बताए जाते हैं

अश्वगंधा के क्या फायदे बताए जाते हैं 5 / 7

आयुर्वेद में अश्वगंधा को स्ट्रेस और एंजाइटी कम करने वाली और फिजिकल स्ट्रेंथ बढ़ाने वाली औषधि बताई जाती है. आयुर्वेद के अनुसार, अश्वगंधा के सेवन से बेहतर नींद लेने में मदद मिलती है.

क्या साइड इफेक्ट हो सकते हैं

 क्या साइड इफेक्ट हो सकते हैं 6 / 7

अश्वगंधा के कुछ साइड इफेक्ट्स भी हो सकते हैं जैसै पेट में दिक्कत होना, जी मिचलाना, दस्त लगना या बहुत ज्यादा नींद आना. सिर घूमना भी इसके साइड इफेक्ट्स में शामिल है.

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इस बात का रखें खास ध्यान

इस बात का रखें खास ध्यान 7 / 7

अगर आप आयुर्वेदिक औषधि के रूप में अश्वगंधा का इस्तेमाल करते हैं तो इसकी डोज का खास ध्यान रखें. जरूरत से ज्यादा कभी ना लें और FSSAI की मानें तो अश्वगंधा की पत्तियों का बिल्कुल इस्तेमाल ना करें. कभी भी थोड़ी भी असहजता हो तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें. अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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