क्या आप जानते हैं दूध में मेंढक क्यों रखते थे लोग? वजह सुनकर चकरा जाएगा सिर
Why Did Finnish People Put Frogs In Milk: आपने सांप को दूध पिलाने के बारे में तो सुना ही होगा लेकिन इससे बिल्कुल अलग कारण से एक जमाने में लोग दूध में मेंढक को रखा करते थे. यह वजह ऐसी है कि सुनकर शायद आपको भी घिन्न आ सकती है.

Frogs In Milk Story: मेंढक एक ऐसा प्राणी है जिससे ज्यादातर लोग दूर भागते हैं. बारिश में अगर मेंढक घर के आस-पास भी आ जाए तो डर से लोग घर के बाहर कदम नहीं रखते हैं. लेकिन, क्या आप जानते हैं एक जमाने में रूस और फिनलैंड के लोग मेंढक को दूध में रखा करते थे. इस दूध को मेंढक को पिलाने के लिए नहीं बल्कि खुद पीने के लिए रखा जाता था. ऐसा करने की वजह भी ऐसी है कि आप यकीन नहीं कर पाएंगे.
दूध में क्यों रखा जाता था मेंढक
2 / 7आज के समय में हम मॉडर्न टेक्नोलॉजी से घिरे हुए हैं. इसी मॉडर्न टेक्नोलॉजी की बदौलर हमारे पास फ्रिज है जिसमें दूध को एक से 2 दिनों तक या 3 से 4 दिन भी ताजा रखा जा सकता है. लेकिन पुराने जमाने में फ्रिज नहीं होते थे. ऐसे में दूध की ताजगी बनाए रखने के लिए दूध में मेंढक रखा जाता था.
क्या कहती है रिसर्च
3 / 7रूस और फिनलैंड के लोग दूध में जिंदा मेंढक रखते थे ताकि दूध खराब ना हो. यह सुनने में घिन्न आने जैसा लगता है लेकिन इसके पीछे वैज्ञानिक वजह है. विज्ञान की मानें तो मेंढक की स्किन के कंपाउंड्स सचमुच दूध को ताजा रखते हैं.
साल 2012 में हुई स्टडी में आया सामने
4 / 7साल 2012 में मोस्को स्टेट यूनिवर्सिटी ने मेंढक को दूध में रखने की वजह जानने का प्रयास किया. स्टडी में सामने आया कि ब्राउन फ्रॉग यानी भूरे मेंढक की स्किन पर एंटीमाइक्रोबियल पेपटाइड्स, छोटे प्रोटीन मॉलीक्यूल्स होते हैं जो बैक्टीरिया और फंगस से लड़ सकते हैं. ये नेचुरल कंपाउंड्स दूध को खराब करने वाले माइक्रोऑर्गेनिज्म को बढ़ने से रोकते हैं.
इस तरह मिलता था फायदा
5 / 7वैज्ञानिकों ने रिसर्च में पाया कि मेंढक की स्किन पर 70 से ज्यादा एंटीमाइक्रोबियल पेप्टाइड्स होते हैं. ये कंपाउंड्स नुकसान पहुंचाने वाले बैक्टीरिया को कम करने में इफेक्टिव होते हैं. इसीलिए मेढक को दूध में रखने से दूध लंबे समय तक ताजा रहता था.
भविष्य में लौट सकती है यह तकनीक
6 / 7वैज्ञानिक मेंढक की स्किन पर रिसर्च कर रहे हैं और इसके और क्या फायदे हो सकते हैं इसकी जांच कर रहे हैं. वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले भविष्य में मेंढक की स्किन पर पाए जाने वाले ये कंपाउंड्स दवा और फूड प्रीजर्वेशन में काम आ सकते हैं.
घर पर ना आमजाएं यह तरीका
7 / 7एक्सपर्ट वर्तमान में इस तरीके को आजमाने को लेकर चेतावनी देते हैं. मॉडर्न फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड्स और हाइजीन की जरूरत मेंढक को दूध में रखने वाली तकनीक के खिलाफ है. वहीं, ऐसा करने पर व्यक्ति अपनी जान को भी खतरे में डाल सकता है. चीन से एक ऐसा ही मामला सुनने में आया है जहां एक महिला के हाथ की गांठ से 2 कीड़े निकले हैं. अनुमान है कि ये कीड़े महिला के मेंढक को चॉपिंग बोर्ड पर काटने के कारण हुए है. मेंढक को जिस चॉपिंग बोर्ड पर काटा जाता था उसी पर महिला अन्य कोल्ड डिशेज बनाती थी. ऐसे में वर्तमान में मेंढक को दूध में रखना बड़ी गलती साबित हो सकती है. यह भी पढ़ें - Pranit More और 370 बिरयानी विवाद के बाद अब कोमेडियन ऐश्वर्या मोहनराज का वीडियो वायरल, कही थी यह बात



















