मैनुअल गैस स्टोव या ऑटोमैटिक इग्निशन, क्या है बेहतर? जानिए किसे खरीदना है ज्यादा फायदेमंद

Auto Ignition vs Manual Gas Stove: अगर आप नया गैस स्टोव खरीदने के बारे में सोच रहे हैं तो यहां जानिए आपके लिए मैनुअल गैस स्टोव बेहतर रहेगा या फिर ऑटो इग्नीशन गैस स्टोव. यहां आपके लिए दोनों की खासियत और खामियां दी गई हैं.

Auto Ignition vs Manual Gas Stove
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Auto Ignition vs Manual Gas Stove

Automatic Vs Manual Gas Stove: भारतीय घरों में सालों से मैनुअल गैस स्टोव का इस्तेमाल होता आया है जिसे जलाने के लिए अलग से माचिस या लाइटर का इस्तेमाल किआ जाता है. वहीं, अब बाजार में ऑटो इग्नीशन गैस स्टोव (Auto-ignition gas stoves) मिलने लगे हैं जिसे जलाने के लिए अलग से माचिस या लाइटर नहीं लेना पड़ता बल्कि गैस के नॉब को घुमाते ही गैस जलने लगती है और अलग से किसी टूल की जरूरत नहीं पड़ती है. ऐसे में अगर आप भी नया गैस चूल्हा खरीदने की सोच रहे हैं तो यहां जानिए आपके लिए ऑटो इग्नीशन गैस स्टोव या मैनुअल गैस स्टोव क्या ज्यादा बेहतर रहेगा.

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मैनुअल गैस स्टोव के फायदे

मैनुअल गैस स्टोव के फायदे 2 / 7

मैनुअल गैस स्टोव आपको ऑटोमैटिक स्टोव के मुकाबले सस्ता मिल जाता है क्योंकि इसमें सिंपल मेकैनिज्म का इस्तेमाल होता है. इसपर अगर कुछ भारी गिर भी जाए तो यह आसानी से नहीं चटकता है और सालों-साल नए जैसा बना रहता है.

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मैनुअल गैस स्टोव - सर्विसिंग भी आसान है

मैनुअल गैस स्टोव - सर्विसिंग भी आसान है 3 / 7

मैनुअल गैस स्टोव की एक खासियत यह भी है कि इसे इस्तेमाल करने के लिए अलग से किसी तरह की बिजली या बैटरी की जरूरत नहीं होती है. वहीं, इसे रिपेयर करना आसान होता है और लोकल टेक्नीशियन भी इसे ठीक कर सकता है. इसे ठीक करवाने में खर्च भी कम आता है.

ऑटो इग्निशन गैस स्टोव के फायदे

ऑटो इग्निशन गैस स्टोव के फायदे 4 / 7

इसे एक ही हाथ से जलाया जा सकता है, सुबह जब आप जल्दी में हों तो एक हाथ में बर्तन पकड़कर दूसरे हाथ से इसे जला सकते हैं. यह हर उम्र के व्यक्ति के लिए आसान है. हालांकि, यह हाई मेंटेनेंस अप्लायंस है और इसे बिजली या बैटरी की जरूरत हो सकती है.

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ऑटो इग्निशन गैस स्टोव - सेफ्टी के नजरिए से

ऑटो इग्निशन गैस स्टोव - सेफ्टी के नजरिए से 5 / 7

ऑटो इग्निशन गैस स्टोव में से गैस निकलने या लीक होने की संभावना नहीं होती है क्योंकि नॉब घुमाने पर जब आग जलती है सिर्फ तभी गैस रिलीज होती है. ज्यादातर ऑटोमैटिक गैस स्टोव में आग बुझते ही गैस सप्लाई रुक जाती है.

मैनुअल गैस स्टोव का सबसे बड़ा नुकसान

मैनुअल गैस स्टोव का सबसे बड़ा नुकसान 6 / 7

मैनुअल गैस स्टोव के साथ एक सबसे बड़ा नुकसान यह है कि इसकी गैस लीक होने का डर रहता है. भारतीय घरों में खासतौर से खिड़की या दरवाजे खुले रहते हैं जिसके कारण अगर आप खाना पकाते हुए दूसरे कमरे में चले गए हैं तो गैस की आग बुझ सकती है और जबतक नॉब को घुमाया नहीं जाएगा तबतक गैस रिलीज होती रहेगी जिससे घर में आग लगने का खतरा रहता है.

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कौन सा गैस स्टोव खरीदना है फायदेमंद

कौन सा गैस स्टोव खरीदना है फायदेमंद 7 / 7

अगर आप सेफ्टी, सुलभता और मॉडर्न एस्थेटिक्स देख रहे हैं तो आप ऑटो इग्नीशन गैस स्टोव खरीद सकते हैं क्योंकि यह सुरक्षा की दृष्टि से बेहतर है. इसे 2, 3 या 4 बर्नर के साथ खरीदा जा सकता है जिससे एक बार में आप कई पकवान बना सकते हैं. आपका बजट टाइट है, आप ऐसी जगह रहते हैं जहां पावरकट ज्यादा होते हैं या फिर आप लो-मेंटेनेंस अप्लायंस खरीदना चाहते हैं तो आपको मैनुअल गैस स्टोव लेना चाहिए.

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लेखक के बारे में

Seema Thakur

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
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