डियोड्रेंट लगाने के 2 घंटे बाद ही आने लगती है पसीने की बदबू? जानिए डियोड्रेंट vs एंटीपर्सपिरेंट का फर्क
Deodorant Vs Antiperspirant: क्या आप भी पसीने की तेज बदबू से परेशान हो गए हैं? साथ ही आप इस समस्या से राहत पाने के लिए डियोड्रेंट और एंटीपर्सपिरेंट के बीच चुनाव नहीं कर पा रहे हैं कि बदबू से कौन छुटकारा दिला सकता है, आइए जानते हैं दोनों में फर्क.

अक्सर लोगों की समस्या रहती है कि उनमें से पसीने की बहुत ज्यादा बदबू आती है, जिस कारण लोग उनसे दूरी बनाने लगते हैं और कई बार लोग मजाक भी बनाते हैं. यह समस्या अक्सर लोगों को बहुत परेशान कर देती है. ऐसे में सवाल उठता है कि पसीने की बदबू दूर करने के लिए डियोड्रेंट का इस्तेमाल करते रहें या फिर एंटीपर्सपिरेंट का इस्तेमाल करें? आइए समझते हैं दोनों में फर्क.
2 / 7अक्सर लोगों की समस्या रहती है कि उनमें से पसीने की बहुत ज्यादा बदबू आती है, जिस कारण लोग उनसे दूरी बनाने लगते हैं और कई बार लोग मजाक भी बनाते हैं. यह समस्या अक्सर लोगों को बहुत परेशान कर देती है. ऐसे में सवाल उठता है कि पसीने की बदबू दूर करने के लिए डियोड्रेंट का इस्तेमाल करते रहें या फिर एंटीपर्सपिरेंट का इस्तेमाल करें? आइए समझते हैं दोनों में फर्क.
परेशान कर देती है पसीने की बदबू
3 / 7अक्सर देखने को मिलता है कि नहाए हुए कुछ घंटे बीते ही है कि शरीर से इतना ज्यादा पसीना आने लगता है और उस कारण इतनी तेज बदबू आने लगती है कि मानों कई दिनों से नहाया ही न हो. आसपास खड़े लोग भी दूरी बनाने लगते हैं और अगर आप किसी बंद कमरे में हैं और बदबू तेज आने लगे, तो शर्मिंदगी का एहसास होने लगता है
पसीने की बदबू बन जाती है सिर दर्द
4 / 7शरीर से पसीने के अजीब बदबू आने के कारण लोग तो दूर रहने लगते हैं, लेकिन साथ ही में आत्मविश्वास भी कमजोर होने लगता है और व्यक्ति अकेले रहने की आदत डालने लगता है. आमतौर पर लोग बदबू की समस्या से राहत पाने के लिए डियोड्रेंट या फिर एंटीपर्सपिरेंट का इस्तेमाल करते हैं. लेकिन कई लोगों को दोनों के बीच फर्क पता ही नहीं होता है, जिस कारण फायदा भी नहीं मिल पाता है.
एंटीपर्सपिरेंट का इस्तेमाल
5 / 7एंटीपर्सपिरेंट को एल्युमीनियम क्लोराइड और अन्य एल्युमीनियम कंपाउंड के साथ बनाया जाता है, जो पसीने की ग्लैंड्स के खुलने से रोकता है, जिससे पसीना व्यक्ति में कम आता है. एंटीपर्सपिरेंट उन लोगों के लिए अच्छा है, जिन्हें ज्यादा पसीना आता है.
डिओडोरेंट का इस्तेमाल
6 / 7डिओडोरेंट एंटीपर्सपिरेंट से काफी अलग है, क्योंकि ये पसीने को रोकने के काम नहीं आता है. हालांकि, इसका काम पसीने से आने वाली गंध को कंट्रोल कर शरीर को साफ रखने में मदद करना है. इसका इस्तेमाल उन लोगों के लिए अच्छा होता है, जो शरीर की दुर्गंध को दूर करना चाहते हैं.
पसीने से क्यों आता है बदबू?
7 / 7सवाल उठता है कि पसीना पानी ही तो है, लेकिन उसमें से बदबू क्यों आती है? दरअसल, पसीने से गंध आने का मुख्य कारण शरीर पर मौजूद बैक्टीरिया होते हैं, जिनकी वजह से दुर्गंध की समस्या पैदा होती है. (Image: Pexels) यह भी पढ़ें: सिर्फ जिम जाना काफी नहीं! हर पुरुष को फिट रहने के लिए अपनानी चाहिए ये 6 आदतें



















