क्या आप जानते हैं भारत के पहले बिजली वाले होटल का नाम? बनने में लगे थे 14 साल; विदेशों से आया था सामान
भारत में होटल उद्योग का विस्तार अब तेजी से बढ़ रहा है. आंकड़ों की बात करें तो देश में लगभग 1,26,012 होटल मौजूद हैं. जिसमें फाइव स्टार होटलों की संख्या 761 है. साल 2023 के मुकाबले 2026 में होटलों की तादाद में 4.44 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. जब भी हम घर से बाहर किसी ट्रिप या फिर किसी काम से भी बाहर जाते हैं तो हम सबसे पहले एक बेहतर होटल और रहने की अच्छी व्यवस्था के बारे में सोचते हैं.

भारत का पहला बिजली से चलने वाला होटल
2 / 5ऐसे में हम कमरे की सुख-सुविधाओं, एयर कंडीशनिंग और रोशनी जैसी बुनियादी जरूरतों पर खास ध्यान देते हैं. लेकिन क्या कभी आपके मन में यह सवाल आया है कि भारत का वह पहला होटल कौन सा था, जो सबसे पहले बिजली की रोशनी से रोशन हुआ था? आज हम आपको देश के उस ऐतिहासिक और भारत के पहले 'बिजली वाले' होटल के बारे में विस्तार से बताते हैं.
कहां है भारत का पहला बिजली वाला होटल?
3 / 5भारत में सहसे पहले बिजली से जगमगाने वाला फाइव स्टार होटल देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में स्थित है.
कौन सा होटल है पहला बिजली से चलने वाला होटल?
4 / 5मुंबई का नाम आते ही आपको लगभग होटल के नाम का अंदाजा तो लग ही गया होगा. हम बात कर रहे हैं मुंबई में स्थित 'होटल ताज' की. भारत का बिजली से चलने वाला होटल ताज ही है.
कब बना था मुंबई में ताज होटल
5 / 5बता दें कि इस होटल को बनने में 14 साल का समय लगा था. इसे 16 दिसंबर 1903 में खोला गया था. उस दिन से आज तक यह देश का सबसे आलीशान और फेमस होटल रहा है. यहां कई दिग्गज, अभिनेता और डिप्लोमेट्स रुक चुके हैं.



















