प्लेन की खिड़की में छोटा सा छेद क्यों होता है? क्या आप जानते हैं इसके पीछे का साइंस?

आपने भी हवाई जहाज की विंडो सीट पर बैठ कर बाहर के नजारे जरूर देखें होंगे. विंडो सीट के पास बैठकर बादलों के ऊपर से खूबसूरत नजारे देखना एक बेहतरीन एक्सपीरियंस होता है. लेकिन क्या आपने विंडो सीट पर बैठे हुए विंडो के शीशे पर बने एक छोटे से छेद पर गौर किया है? क्या कभी आपने सोचा है कि आखिर इतने बड़े जहाज की खिकड़ी पर इतना छोटा सा छेद किस काम आता होगा? आज हम आपको इसी सवाल का जवाब देंगे.

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किस काम आता है प्लेन की विंडो पर बना छोटा सा छेद?

किस काम आता है प्लेन की विंडो पर बना छोटा सा छेद?2 / 6

पहली नजर में यह छोटा सा छेद देखकर मन में जरूर ये सवाल आता है कि कहीं इससे हवा अंदर तो नहीं आती है या फिर खिड़की टूट को नहीं जाएगी? लेकिन हकीकत में यह छोटा सा छेद, जिसे ब्लीड होल या ब्रीदर होल कहा जाता है, वो यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से बेहद अहम है.

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हवाई जहाज की खिड़की की बनावट

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हवाई जहाज की खिड़कियां कांच की नहीं, बल्कि एक्रिलिक की बनी होती हैं. एक खिड़की में आमतौर पर तीन परतें होती हैं- बाहरी परत- जो बाहर के मौसम और दबाव को झेलती है. मध्य परत- जिसमें वह छोटा सा छेद होता है. भीतरी परत- जो यात्री के सबसे करीब होती है और बाहरी परतों को खरोंच आदि से बचाती है.

छेद करता है केबिन के दबाव को कंट्रोल

छेद करता है केबिन के दबाव को कंट्रोल4 / 6

जब जहाज 30,000 से 40,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ता है, तो बाहर हवा का दबाव बहुत कम हो जाता है, जबकि विमान के अंदर यात्रियों की सुविधा के लिए प्रेशराइज्ड केबिन होते हैं. इस कारण जहाज के अंदर और बाहर के दबाव में काफी अंतर होता है. यह छोटा सा छेद मध्य परत के बीच के गैप में हवा के दबाव को बैलेंस करने का काम करता है. यह छेद केबिन की हवा को खिड़की की परतों के बीच जाने देता है, जिससे सारा दबाव सिर्फ बाहर परत पर पड़ता है. अगर किसी इमरजेंसी में बाहरी परत टूट भी जाए तो मध्य परत दबाव को झेलने के लिए तैयार रहती है.

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कोहरे से होता है बचाव

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जब हवाई जहाज हजारों फीट की ऊंचाई पर होता है तो उसका तापमान काफी कम हो जाता है. ऐसे में खिड़कियों पर धुंध, कोहरा या बर्फ जमना स्वाभाविक है. अगर ऐसा हो, तो यात्री बाहर का नजारा नहीं देख पाएंगे. ब्रीदर होल यहां एक डी-फॉगर की तरह काम करता है. यह छेद खिड़की की दो परतों के बीच नमी को जमा होने से रोकता है. इससे हवा का फ्लो बना रहता है और नमी बाहर निकलती रहती है, जिससे खिड़कियां साफ रहती हैं और आप सफर के दौरान खिड़की से साफ दिखाई देता है.

छेद करता है यात्रियों की सुरक्षा

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प्लने की खिड़की पर यह छोटा सा छेद विमान की स्ट्रक्चरल इंटीग्रिटी को बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी होता है. यह तय करता है कि प्रेशर का सारा भार खिड़की की सबसे मजबूत बाहरी परत पर पड़े. यह छोटी सी इंजीनियरिंग यात्रियों को उड़ान का एक सुरक्षक्षित अनुभव कराती है.

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लेखक के बारे में

Versha Singh

Versha Singh

वर्षा स‍िंह News 24 ड‍िजिटल में बतौर सीन‍ियर सब एड‍िटर के पद पर कार्यरत हैं. वर्षा को ड‍िजिटल मीड‍िया में 6 साल से अधि‍क का अनुभव है. राष्‍ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और समसमाय‍िक व‍िषयों पर वर्षा की अच्‍छी पकड़ है. इसके अलावा राजनीत‍िक, क्राइम और ट्रेंडिंग खबरें भी ल‍िखती हैं. वर्षा ने मास्टर इन न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी की पढ़ाई माखन लाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से की है और जर्नलिज्म एवं मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री लखनऊ विश्वविद्यालय से प्राप्त की है. वर्षा अपने करियर में Jagran New Media, Asia News International (ANI) और ETV Bharat जैसे प्रमुख मीडिया संस्थानों के साथ काम कर चुकी हैं. उन्हें हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में लेखन और समसामयिक घटनाओं, राजनीति, हाइपरलोकल खबरों और मानवीय रुचि से जुड़ी कहानियों को डिजिटल दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का अनुभव है.
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