कौन हैं BJP नेता अपर्णा यादव? कितनी पढ़ी-लिखीं और कब जॉइन की राजनीति, 5 पॉइंट में जानें सबकुछ
मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और अखिलेश यादव के सौतेले भाई प्रतीक यादव का आज निधन हो गया। प्रतीक के निधन के साथ ही उनकी पत्नी अपर्णा यादव भी सुर्खियों में हैं। अपर्णा यादव भी मुलायम और अखिलेश की तरह उत्तर प्रदेश की सियासत का बड़ा नाम हैं और वे मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं। आइए अपर्णा यादव के बारे में और डिटेल में जानते हैं...

अपर्णा यादव और प्रतीक यादव की शादी साल 2011 में हुई थी। करीब 10 साल की दोस्ती और अफेयर के बाद उन्होंने प्रतीक से शादी की थी। दोनों की शादी में राजनीति और बॉलीवुड की नामी हस्तियां शामिल हुई थीं। लेकिन जनवरी 2026 में प्रतीक-अपर्णा के रिश्ते में तनाव की खबरें आई थीं, जब प्रतीक ने इंस्टाग्राम पोस्ट लिखकर अपर्णा से तलाक लेने का ऐलान किया था।
अपर्णा यादव का फैमिली बैकग्राउंड
2 / 41 जनवरी 1990 को जन्मीं अपर्णा यादव लखनऊ के वरिष्ठ पत्रकार अरविंद सिंह बिष्ट की बेटी हैं। अरविंद उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान सूचना आयुक्त भी रहे। अपर्णा की मां अंबी बिष्ट प्रशासनिक अधिकारी हैं, जिन पर साल 2024-25 में भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे थे। वहीं अपर्णा के भाई चंद्रशेखर बिष्ट पर धोखाधड़ी के आरोपों में केस दर्ज हो चुका है।
अपर्णा यादव का एजुकेशनल बैकग्राउंड
3 / 4अपर्णा यादव की स्कूल एजुकेशन लखनऊ के प्रतिष्ठित लोरेटो कॉन्वेंट स्कूल से हुई। इंग्लैंड की मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल रिलेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन करके अपर्णा भारत लौट आईं और राजनीति का रुख किया। अपर्णा यादव परफेक्ट क्लासिकल डांसर भी हैं। उन्होंने भातखंडे संगीत विश्वविद्यालय में 9 साल तक शास्त्रीय संगीत की औपचारिक शिक्षा ली। अपर्णा ठुमरी शैली में पारंगत हैं।
अपर्णा यादव का पॉलिटिकल करियर
4 / 4परिवार में राजनीतिक और प्रशानसिक माहौल के कारण अपर्णा की सोच और रुचि बचपन से राजनीतिक और सामाजिक रही। इसलिए अपर्णा ने राजनीति में आने का फैसला किया। अपर्णा ने साल 2014 में प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छ भारत अभियान की तारीफ में बयान दिया था, तब वे सुर्खियों में आई थीं। साल 2017 में अपर्णा ने समाजवादी पार्टी की टिकट पर लखनऊ कैंट निर्वाचन क्षेत्र से विधानसभा चुनाव लड़ा था, लेकिन वे 33796 वोटों के अंतर से भाजपा उम्मीदवार रीता बहुगुणा जोशी से हार गई थीं। साल 2022 में अपर्णा ने BJP जॉइन की थी। अपर्णा ने सरोजिनी नगर सीट से भाजपा का टिकट भी मांगा था, लेकिन पार्टी ने उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया, बल्कि राज्य महिला आयोग का उपाध्यक्ष नियुक्त किया।