Petrol Diesel New Update: पेट्रोल-डीजल पर एक्सपोर्ट ड्यूटी में कटौती का ऐलान, 1 जून से लागू होंगी नई दरें

केंद्र सरकार ने देश की तेल कंपनियों को बड़ी राहत दी है। केंद्र सरकार ने पेट्रोल, डीजल और ATF पर एक्सपोर्ट ड्यूटी में कटौती करने का ऐलान किया है। 30 मई दिन शनिवार को टैक्स घटाने के फैसले का नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया।

Petrol Diesel
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सरकारी आदेश के अनुसार, पेट्रोल पर 1.5 रुपये और डीजल पर 13.50 रुपये एक्सपोर्ट ड्यूटी घटाई गई है। वहीं एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) के एक्सपोर्ट पर लगने वाले टैक्स में 9.5 रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई है, जो कल एक जून से लागू हो जाएगी।

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पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति बनाए रखना मकसद

पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति बनाए रखना मकसद2 / 6

बता दें कि एक्सपोर्ट ड्यूटी घटाने का फैसला इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतें कम होने के कारण लिया गया है। इसका मकसद देश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति को बरकरार रखना है। गत 16 मई को ही एक्सपोर्ट ड्यूटी का रेट रिवाइज हुआ था।

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आज पेट्रोल-डीजल के रेट नहीं बदले

आज पेट्रोल-डीजल के रेट नहीं बदले3 / 6

बता दें कि आज 31 मई दिन रविवार को तेल कंपनियो ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। पिछली बार गत सोमवार को तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल का रेट बढ़ाया था। आज 31 मई को भी दिल्ली में पेट्रोल का रेट 102.12 रुपये प्रति लीटर है और वहीं डीजल का रेट 95.20 रुपये प्रति लीटर है। मई के महीने में पेट्रोल और डीजल का रेट करीब 7.5 रुपये प्रति लीटर बढ़ चुका है।

कुछ शहरों में 110 रुपये पहुंचा रेट

कुछ शहरों में 110 रुपये पहुंचा रेट4 / 6

बता दें कि देश के कई शहरों में पेट्रोल का रेट 110 रुपये से ज्यादा है। जैसे हैदराबाद में पेट्रोल का रेट 115 रुपये प्रति लीटर है। कोलकाता में भी रेट 110 रुपये प्रति लीटर है। मिडिल ईस्ट में तनाव के कारण कच्चे तेल की सप्लाई में बाधा आ रही है। इसलिए तेल कंपनियों को पेट्रोल-डीजल के रेट बढ़ाने पड़े, जिससे लोगों पर आर्थिक बोझ पड़ा।

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क्या है एक्सपोर्ट ड्यूटी और क्यों लगाई जाती?

क्या है एक्सपोर्ट ड्यूटी और क्यों लगाई जाती?5 / 6

एक्सपोर्ट ड्यूटी को निर्यात शुल्क कहते हैं। यह केंद्र सरकार के द्वारा अपनी आय के लिए लगाया जाने वाला अप्रत्यक्ष कर है। जब एक देश की सरकार अपने देश के उत्पादों को दूसरे देश में सप्लाई करती है, यानी बेचती है तो उस सामान पर लगाने जाने वाले टैक्स को एक्सपोर्ट ड्यूटी कहते हैं।

एक्सपोर्ट ड्यूटी लगाने का क्या है मकसद?

एक्सपोर्ट ड्यूटी लगाने का क्या है मकसद?6 / 6

निर्यात पर एक्सपोर्ट ड्यूटी लगाने का मकसद जहां आय कमाना है। वहीं देश में किसी उत्पाद, वस्तु या कच्चे माल की घरेलू मांग पूरी करने के लिए भी निर्यात शुल्क लगाया जाता है। जब कमी होने लगती है तो सरकार एक्सपोर्ट ड्यूटी बढ़ा देती है, जिसे कंपनियां अपना माल बाहर भेजने की बजाय देश में ही बेचती हैं। विदेशी बाजारों में जब कोई चीज महंगी होने लगती है तो देश में उसकी कीमतों का स्थिर बनाए रखने के लिए एक्सपोर्ट ड्यूटी लगाई जाती है।

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लेखक के बारे में

Khushbu Goyal

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.
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