Blue Aadhaar Card: बच्चों का आधार कार्ड बनवाने के 2 नियम बदले, एनरोलमेंट के लिए अब ये डॉक्यूमेंट भी माना जाएगा वैलिड
UIDAI ने बच्चों के आधार कार्ड बनवाने के लिए 2 बड़े नियमों को बदल दिया है। एक नियम वैलिड डॉक्यूमेंट्स को लेकर है और दूसरा बायोमीट्रिक ऑथेंटिकेशन से जुड़ा है। आइए इन दोनों नियमों के बारे में विस्तार से जानते हैं...

UIDAI के अनुसार, अब चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशन (CCI) में रहने वाले बच्चों के लिए डिस्ट्रिक्ट चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर के द्वारा जारी सर्टिफिकेट को भी वैलिड डॉक्यूमेट माना जाएगा। वहीं OCI कार्ड होल्डर्स को आधार कार्ड के लिए एनरोलमेंट के दौरान वैलिड फॉरेन पासपोर्ट और OCI दिखाना होगा।
बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन अनिवार्य की गई
2 / 5UIDAI के अनुसार, अब 5 साल से कम उम्र के बच्चों का आधार कार्ड अभिभावकों के आधार कार्ड के आधार पर बनवाया जाएगा। वहीं अब इस प्रोसेस में बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन को भी अनिवार्य कर दिया गया है, यानी अब बच्चे का आधार कार्ड बनवाते समय माता-पिता में से किसी एक का बायोमेट्रिक ऑथेटिकेशन जरूरी होगा।
मां-बाप का वैलिड आधार कार्ड अनिवार्य
3 / 5UIDAI के अनुसार, नये नियमों के अनुसार, अब 5 साल से कम उम्र के बच्चों का आधार कार्ड बनवाना अब पूरी तरह से हेड ऑफ फैमिली (HoF) पर निर्भर होगा। इसके लिए बच्चे के माता-पिता या कानूनी अभिभावक के पास अपना वैलिड आधार कार्ड होना चाहिए, जिसकी बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन और वेरिफिकेशन होना चाहिए।
बर्थ डेट और मुखिया से संबंध का प्रूफ
4 / 5माता-पिता के आधार कार्ड के बिना बच्चे का आधार कार्ड नहीं बनेगा। वहीं बच्चे के जन्म की तारीख और परिवार के साथ उसके संबंध का प्रूफ भी देना होगा। क्योंकि छोटे बच्चों के फिंगरप्रिंट या आईरिस स्कैन नहीं लिए जा सकते, इसलिए उनके माता-पिता में से किसी एक का बायोमेट्रिक ऑथेटिकेशन अनिवार्य किया गया है।
मां-बाप के बायोमेट्रिक प्रूफ लिए जाएंगे
5 / 5नए नियम के अनुसार, अब बच्चे का आधार कार्ड बनवाने के लिए माता या पिता किसी एक के उंगलियों के निशान लेकर या आंखों के आइरिस को स्कैन करके बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन किया जाएगा। इसके बाद पते पर आधार कार्ड की फिजिकल कॉपी भेज दी जाएगी। आधार ऐप में बच्चे की प्रोफाइल को भी एड कर सकते हैं।



















