हड्डियों को कमजोर कर देती है 'ऑस्टियोपोरोसिस' की बीमारी, जानें इसके लक्षण और राहत पाने के उपाय
क्या आपकी भी हड्डियां धीरे-धीरे कमजोर हो रही है और हल्की सी चोट गंभीर रूप ले लेती है? कहीं ये ऑस्टियोपोरोसिस तो नहीं, आइए NIH की रिपोर्ट से जानते हैं ऑस्टियोपोरोसिस की बीमारी में कैसे दिखते हैं लक्षण.

हड्डियों को कमजोर होना एक आम सी समस्या लग सकती है, लेकिन इसके कारण भविष्य में गंभीर खतरे का डर रहता है. हम आपको इस स्टोरी में ऑस्टियोपोरोसिस नाम एक ऐसी बीमारी के बारे में बताएंगे, जिसके कारण हड्डियां बहुत कमजोर हो जाती है.
क्या है ऑस्टियोपोरोसिस की बीमारी?
2 / 9ऑस्टियोपोरोसिस हड्डियों को एक बीमारी है, जो तब होती है जब हड्डियों की मिनरल डेंसिटी और बोन मास कम हो जाते हैं, या फिर हड्डियों की बनावट और मजबूती में बदलाव आता है.
क्या इसे हल्के में लेना ठीक है?
3 / 9इस बीमारी को हल्के में लेना आपकी कई मुश्किलों को बढ़ा सकता है. इस बीमारी के कारण हड्डियां इतनी ज्यादा कमजोर हो जाती है कि हल्की सी चोट में भी उनके फ्रैक्चर होने का खतरा बना रहता है.
क्यों कहलाती है साइलेंट बीमारी
4 / 9ऑस्टियोपोरोसिस की सबसे खतरनाक बात ये है कि इसे साइलेंट बीमारी कहा जाता है, क्योंकि इसके कोई लक्षण दिखाई नहीं देते हैं. कई लोगों को इस बीमारी का पता तब लगता है, जब उनकी कोई हड्डी टूट चुकी होती है.
ज्यादातर किन हड्डियों पर रहता है खतरा
5 / 9NIH द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, ऑस्टियोपोरोसिस मेनोपॉज के बाद की महिलाओं और ज्यादा उम्र के पुरुषों में फ्रैक्चर का मुख्य कारण है. फ्रैक्चर शरीर की किसी भी हड्डी में हो सकता है, लेकिन ये ज्यादातर मामलों में कूल्हे, रीढ़ की हड्डी और कलाई की हड्डियों में होते हैं.
किन लोगों को सबसे ज्यादा खतरा
6 / 9ऑस्टियोपोरोसिस महिलाओं और पुरुषों को प्रभावित कर सकता है. ऑस्टियोपोरोसिस किसी भी उम्र में हो सकता है, हालांकि उम्र बढ़ने के साथ इसके होने का खतरा बढ़ जाता है. कई महिलाओं में, यह बीमारी मेनोपॉज से एक या दो साल पहले शुरू हो जाती है.
कैसे दिखते हैं इसके लक्षण?
7 / 9वैसे तो इसके लक्षण दिखाई नहीं देते हैं, लेकिन अगर हल्की चोट या कम ऊंचाई से गिरने पर हड्डी टूट जाएं, तो आमतौर पर नहीं टूट सकती थी, तो यह इसका संकेत हो सकता है. इसके अलावा भारी सामान उठाने, झुकने और खांसने में दबाव पड़ना भी इसके लक्षण हो सकते हैं.
किन कारणों से बढ़ता है ऑस्टियोपोरोसिस का रिस्क
8 / 9ऑस्टियोपोरोसिस तब होता है जब हड्डियों का बहुत ज्यादा द्रव्यमान (Mass) कम हो जाता है और हड्डी के टिश्यू की संरचना में बदलाव आते हैं. इसके अलावा बहुत पतली हड्डियों का होना, परिवार का इतिहास, यानी किसी को पहली हुई हो, हार्मोन में बदलाव, खानपान और किसी गंभीर मेडिकल स्थिति में यह समस्या पैदा हो सकती है.
कैसे इस बीमारी से बचे?
9 / 9NIH के अनुसार, इस समस्या से राहत पाने के लिए अच्छी डाइट, फिजिकली एक्टिव रहना, नियमित रूप से एक्सरसाइज करना, शराब और धूम्रपान से दूरी, डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं का सेवन और सही डाइट, जिसमें कैल्शियम, विटामिन-डी और जरूरी पोषक तत्व हों. (Image: AI/Pexels) यह भी पढ़ें: रातभर में पैरों की जलन से रहते हैं परेशान? लौकी और नारियल तेल समेत ये आयुर्वेदिक उपाय दिला अस्वीकरण – इस खबर को सामान्य जानकारी के तौर पर लिखा गया है. अधिक जानकारी के लिए विशेषज्ञ की सलाह लें या चिकित्सक से परामर्श करें. न्यूज 24 किसी तरह का दावा नहीं करता है. SOURCE: NIH