फेफड़े के कैंसर की लास्ट स्टेज में क्या होता है? कितने दिन तक जिंदा रह सकता है व्यक्ति

Fefde Ka Cancer Kaisa Hota Hai: फेफड़ों के कैंसर की आखिरी स्टेज गंभीर जरूर होती है, लेकिन अगर सही वक्त पर इलाज किया जाए तो काफी हद तक फायदा हो सकता है. हालांकि, कई मामलों में इंसान की स्थिति गंभीर हो जाती है, लेकिन इससे पहले शरीर कई तरह के संकेत देता है.

Fefde Ka Cancer Kaisa Hota Hai
1 / 7
Fefde Ka Cancer Kaisa Hota Hai

Last Stage Lungs Cancer: फेफड़ों में दिक्कत सिर्फ सिगरेट पीने से नहीं होती है, बल्कि कई तरह के कारण हो सकते हैं. हमारी लाइफस्टाइल वैसे ही लगातार बदल रही है, जिससे कैंसर का रिस्क ज्यादा बढ़ जाता है. हालांकि, अक्सर लोगों को इसके शुरुआती लक्षण देर से समझते हैं, जिसकी वजह से कई मरीजों में बीमारी आखिरी स्टेज तक पहुंच जाती है. हालांकि, लास्ट स्टेज में शरीर में क्या बदलाव होते हैं और मरीज कितने समय तक जीवित रह सकता है.

विज्ञापन

क्या होती है फेफड़े के कैंसर की लास्ट स्टेज?

क्या होती है फेफड़े के कैंसर की लास्ट स्टेज?2 / 7

फेफड़ों के कैंसर की आखिरी अवस्था को स्टेज 4 कहा जाता है. इस स्टेज में कैंसर फेफड़ों से निकलकर शरीर के दूसरे हिस्सों जैसे दिमाग, हड्डियां, लिवर या लिम्फ नोड्स आदि तक फैल जाता है. साथ ही, शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं.

विज्ञापन

सांस लेने में गंभीर दिक्कत

सांस लेने में गंभीर दिक्कत3 / 7

मरीज को हल्का चलने या बैठने पर भी सांस फूलने लगती है. कई बार ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत पड़ सकती है. अगर आपको किसी भी तरह की परेशानी महसूस हो तो इसे नजरअंदाज ना करें.

लगातार खांसी

लगातार खांसी4 / 7

खांसी लंबे समय तक बनी रहती है और कुछ मामलों में बलगम या खून भी आ सकता है. अगर आपको खून आने की समस्या हो रही है तो आपको टेस्ट की जरूरत है. हालांकि, ऐसा कई वजहों से हो सकता है.

विज्ञापन

वजन तेजी से कम होना

वजन तेजी से कम होना5 / 7

भूख कम लगने और शरीर की एनर्जी घटने से तेजी से वजन गिरने लगता है. अगर आपका वजन कम होने लगे तो पहले तो डाइट पर ध्यान दें और अपने वजन पर खूब ध्यान दें.

सीने और शरीर में दर्द

सीने और शरीर में दर्द6 / 7

कैंसर फैलने पर सीने, हड्डियों या पीठ में तेज दर्द महसूस हो सकता है. साथ ही, कुछ मरीजों में बेचैनी, भ्रम, ज्यादा नींद या बात करने में परेशानी भी देखी जा सकती है, खासकर जब कैंसर दिमाग तक फैल जाए.

विज्ञापन

कितने दिन तक जिंदा रह सकता है व्यक्ति?

कितने दिन तक जिंदा रह सकता है व्यक्ति?7 / 7

यह सवाल हर मरीज और परिवार के मन में आता है, लेकिन इसका कोई एक तय जवाब नहीं होता. मरीज की उम्र, कैंसर का प्रकार, शरीर की स्थिति, इलाज और कैंसर कितनी तेजी से फैल रहा है आदि बातों पर निर्भर करता है.

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेखक के बारे में

Shadma Muskan

Shadma Muskan

शादमा मुस्कान न्यूज 24 डिजिटल में सीनियर सब एडिटर हैं और हेल्थ व लाइफस्टाइल बीट कवर करती हैं. शादमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के डॉ. भीमराव अंबेडकर कॉलेज से BJMC और दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस से पीजी डिप्लोमा किया है. उन्होंने गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय, हिसार से MJMC की पढ़ाई भी की है. शादमा को पत्रकारिता के क्षेत्र में 5 साल से ज्यादा का अनुभव है. शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका और हरिभूमि में इंटर्नशिप से की. इसके बाद, उन्होंने जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट हरज़िंदगी के साथ 4 साल से अधिक समय तक काम किया, जहां उन्होंने हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन किया. इस दौरान उन्होंने ब्यूटी, फैशन, फूड, होम रेमेडीज, गार्डनिंग, होम डेकोर और पेरेंटिंग जैसे विषयों पर भी काम किया. इस अनुभव के दौरान शादमा ने अलग-अलग क्षेत्रों के कई विशेषज्ञों के साथ काम किया है. एक्सपर्ट ओपीनियन के आधार पर वह रीडर्स तक सटीक और आसान शब्दों में चीजों को पहुंचाने का काम कर रही हैं. कुल अनुभव - 5 साल पिछला अनुभव- शादमा ने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. इसके बाद तहजीब टीवी, हरिभूमि और जागरण न्यू मीडिया की वेबसाइट के साथ चार साल तक हेल्थ और लाइफस्टाइल पर लिखा. किस क्षेत्र में महारत शादमा मुस्कान को लाइफस्टाइल, ट्रैवल, फूड और हेल्थ से जुड़े विषयों के बारे में काफी अच्छी जानकारी है. इसके अलावा शादमा को फूड रिव्यू, किचन गाइड, फैशन टिप्स, शॉपिंग गाइड, ब्यूटी, रिलेशनशिप और इंटीरियर पर वह विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर लिखती हैं.
... और पढ़ें
विज्ञापन