USB पोर्ट्स के रंग अलग-अलग क्यों होते हैं, हर कलर का क्या है मतलब? जवाब जानकर हो जाएंगे हैरान

क्या आपने कभी सोचा है कि USB पोर्ट्स के रंग अलग-अलग क्यों होते हैं? पुराने लैपटॉप और कंप्यूटर में सफेद, काला, नीला, लाल और पीले रंग के USB पोर्ट देखने को मिलते थे, लेकिन नए USB-C पोर्ट में यह रंग गायब हो गए हैं. हर रंग एक खास स्पीड और फीचर को दर्शाता था. जानिए कौन-सा USB पोर्ट सबसे तेज होता है.

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USB-A पोर्ट्स में रंगों का इस्तेमाल क्यों शुरू हुआ?

USB-A पोर्ट्स में रंगों का इस्तेमाल क्यों शुरू हुआ?2 / 9

शुरुआती USB पोर्ट बाहर से लगभग एक जैसे दिखते थे. ऐसे में यूजर्स के लिए यह समझना मुश्किल होता था कि कौन-सा पोर्ट तेज डेटा ट्रांसफर करेगा और कौन-सा सामान्य कामों के लिए है. इसी भ्रम को दूर करने के लिए कंपनियों ने पोर्ट के अंदर अलग-अलग रंगों का उपयोग शुरू किया.

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सफेद रंग वाले USB पोर्ट का मतलब

सफेद रंग वाले USB पोर्ट का मतलब3 / 9

सफेद रंग का USB पोर्ट सबसे पुराने USB 1.x स्टैंडर्ड को दर्शाता है. इसकी डेटा ट्रांसफर स्पीड 1.5 Mbps से 12 Mbps तक होती थी. आज के समय में यह तकनीक लगभग पूरी तरह गायब हो चुकी है.

काला USB पोर्ट किस काम आता है?

काला USB पोर्ट किस काम आता है?4 / 9

काले रंग का पोर्ट USB 2.0 को दर्शाता है. यह 480 Mbps तक की स्पीड प्रदान करता है. आज भी कीबोर्ड, माउस, प्रिंटर और सामान्य चार्जिंग जैसे कामों के लिए इसका व्यापक उपयोग किया जाता है.

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नीला रंग बताता है हाई-स्पीड USB

नीला रंग बताता है हाई-स्पीड USB5 / 9

नीले रंग का USB पोर्ट USB 3.0 तकनीक का संकेत माना जाता है. इस स्टैंडर्ड ने डेटा ट्रांसफर स्पीड को 5 Gbps तक पहुंचाकर USB तकनीक में बड़ा बदलाव लाया था.

हरा-नीला USB पोर्ट किसे दर्शाता है?

हरा-नीला USB पोर्ट किसे दर्शाता है?6 / 9

हरा-नीला या टील रंग आमतौर पर USB 3.1 या USB 3.2 Gen 2 पोर्ट को दिखाता है. ऐसे पोर्ट 10 Gbps तक की स्पीड देने में सक्षम होते हैं. हालांकि अलग-अलग निर्माता कंपनियां इस रंग का उपयोग अलग तरीके से भी कर सकती हैं.

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लाल USB पोर्ट की खासियत क्या है?

लाल USB पोर्ट की खासियत क्या है?7 / 9

लाल रंग के USB पोर्ट को हाई-परफॉर्मेंस पोर्ट माना जाता है. ये 10 Gbps से 20 Gbps तक की स्पीड दे सकते हैं. कई बार इन्हें Always-On पोर्ट भी कहा जाता है, क्योंकि लैपटॉप बंद होने के बाद भी इनसे फोन चार्ज किया जा सकता है.

पीले और नारंगी पोर्ट क्यों होते हैं खास?

पीले और नारंगी पोर्ट क्यों होते हैं खास?8 / 9

पीले और नारंगी रंग के USB पोर्ट भी पावर-शेयरिंग फीचर के लिए जाने जाते हैं. ये लैपटॉप के स्लीप मोड में होने पर भी डिवाइस को चार्जिंग सपोर्ट देते रहते हैं.

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USB-C पोर्ट में रंग क्यों नहीं दिखते?

USB-C पोर्ट में रंग क्यों नहीं दिखते?9 / 9

USB-C आने के बाद रंगों की पहचान लगभग खत्म हो गई. इसकी वजह यह है कि USB-C केवल डेटा ट्रांसफर या चार्जिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि एक ही पोर्ट कई तरह के काम करने में सक्षम होता है. एक USB-C पोर्ट सुपरफास्ट चार्जिंग, हाई-स्पीड डेटा ट्रांसफर, 4K और 8K वीडियो आउटपुट, ऑडियो सपोर्ट, Thunderbolt और DisplayPort जैसी कई सुविधाएं प्रदान कर सकता है. यही कारण है कि इसे ऑल-इन-वन कनेक्टिविटी पोर्ट माना जाता है. (AI Image)

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

Mikita Acharya

मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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