रातभर चार्जिंग पर लगा रहता है फोन? जान लें 100% चार्ज के बाद क्या करता है चार्जर

कई लोग रात में फोन चार्जिंग पर लगाकर सो जाते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि 100% चार्ज होने के बाद भी चार्जर से आने वाली बिजली आखिर जाती कहां है? क्या इससे बैटरी खराब होती है या फोन खुद चार्जिंग रोक देता है? जानिए ट्रिकल चार्जिंग का पूरा साइंस और बैटरी हेल्थ से जुड़ी जरूरी बातें.

Battery
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आज के दौर में स्मार्टफोन हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. कई लोग सुबह की भागदौड़ से बचने के लिए रात में ही फोन चार्जिंग पर लगाकर सो जाते हैं. ऐसे में अक्सर यह सवाल उठता है कि जब फोन 100% चार्ज हो जाता है, तब भी चार्जर से आने वाली बिजली का क्या होता है?

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क्या 100% चार्ज होने के बाद चार्जिंग बंद हो जाती है?

क्या 100% चार्ज होने के बाद चार्जिंग बंद हो जाती है?2 / 7

मॉर्डन स्मार्टफोन्स में एडवांस बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम और स्मार्ट चार्जिंग सर्किट दिए जाते हैं. जैसे ही बैटरी पूरी तरह चार्ज होती है, सिस्टम बैटरी में अतिरिक्त बिजली भेजना बंद कर देता है. इसका मतलब है कि बैटरी ओवरचार्ज नहीं होती और उसमें लगातार ऊर्जा जमा नहीं होती रहती.

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फिर चार्जर से आने वाली बिजली का क्या होता है?

फिर चार्जर से आने वाली बिजली का क्या होता है?3 / 7

भले ही बैटरी 100% चार्ज हो जाए, लेकिन चार्जर से बिजली का प्रवाह पूरी तरह नहीं रुकता. फोन एक विशेष तकनीक का इस्तेमाल करता है जिसे ट्रिकल चार्जिंग कहा जाता है. यह तकनीक बैटरी को फुल चार्ज स्थिति के करीब बनाए रखने का काम करती है.

बैटरी फुल होने के बाद करंट कहां जाता है?

बैटरी फुल होने के बाद करंट कहां जाता है?4 / 7

जब फोन पूरी तरह चार्ज हो जाता है, तब मुख्य चार्जिंग प्रक्रिया बंद हो जाती है. इसके बाद फोन सिर्फ उतनी ही बिजली लेता है जितनी बैकग्राउंड में होने वाली छोटी बैटरी खपत को पूरा करने के लिए जरूरी होती है. नोटिफिकेशन, बैकग्राउंड ऐप्स या कॉल जैसी गतिविधियों में जो बैटरी खर्च होती है, ट्रिकल चार्जिंग उसे संतुलित करती रहती है.

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रातभर चार्जिंग पर रहने के बावजूद बैटरी क्यों नहीं फटती?

रातभर चार्जिंग पर रहने के बावजूद बैटरी क्यों नहीं फटती?5 / 7

ट्रिकल चार्जिंग की वजह से बैटरी लगातार ओवरलोड नहीं होती. यह सिस्टम केवल जरूरत के मुताबिक बिजली देता है ताकि चार्ज लेवल 100% के आसपास बना रहे. इसी कारण रातभर चार्जिंग पर लगे रहने के बावजूद फोन सुरक्षित रहता है, हालांकि बैटरी लंबे समय तक हाई वोल्टेज पर बनी रहती है.

क्या रोज रातभर चार्जिंग करने से बैटरी खराब होती है?

क्या रोज रातभर चार्जिंग करने से बैटरी खराब होती है?6 / 7

एक-दो बार फोन को पूरी रात चार्जिंग पर छोड़ देने से कोई बड़ा नुकसान नहीं होता. लेकिन अगर यह आदत रोज की बन जाए, तो लंबे समय में बैटरी की क्षमता प्रभावित हो सकती है. विशेषज्ञों के मुताबिक बैटरी को लगातार 100% चार्ज पर बनाए रखने से उसके केमिकल कंपोनेंट्स पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है.

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बैटरी की लाइफ बढ़ाने के लिए इन बातों का रखें ध्यान

बैटरी की लाइफ बढ़ाने के लिए इन बातों का रखें ध्यान7 / 7

चार्जिंग के दौरान फोन का ज्यादा गर्म होना बैटरी के लिए नुकसानदायक हो सकता है. खासकर तब जब फोन तकिए, कंबल या किसी गर्म सतह पर रखा हो. इसलिए बेहतर होगा कि फोन को हवादार जगह पर चार्ज करें और लंबे समय तक अनावश्यक रूप से चार्जिंग पर न छोड़ें. इससे बैटरी की हेल्थ लंबे समय तक बेहतर बनी रह सकती है. (Images Credit-Magnific)  

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

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मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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