बारिश में एक गलती पड़ सकती है भारी! बिजली कड़कते ही खराब हो सकते हैं TV, Wi-Fi और लैपटॉप, जानें बचाव के तरीके

क्या सिर्फ घर पर बिजली गिरने से ही इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स खराब होते हैं? जानते हैं इस सवाल का जवाब और साथ ही इसका भी कि आसपास बिजली गिरने पर भी पावर सर्ज आपके टीवी, Wi-Fi राउटर, लैपटॉप और दूसरे महंगे डिवाइस को नुकसान पहुंचा सकता है और इससे कैसे बचा सकते हैं अपने गैजेट्स को.

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बारिश का मौसम गर्मी से राहत जरूर देता है, लेकिन तेज गरज-चमक और बिजली गिरने के दौरान आपके इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पर खतरा बढ़ जाता है. कई लोग सोचते हैं कि नुकसान तभी होगा जब बिजली सीधे घर पर गिरे, जबकि ऐसा जरूरी नहीं है. अगर आसपास कहीं भी बिजली गिरती है, तो उसका असर बिजली और इंटरनेट लाइनों के जरिए आपके घर तक पहुंच सकता है और महंगे गैजेट्स को नुकसान पहुंचा सकता है.

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बिजली गिरने पर गैजेट्स कैसे होते हैं खराब?

बिजली गिरने पर गैजेट्स कैसे होते हैं खराब?2 / 7

जब बिजली गिरती है, तो बहुत अधिक ऊर्जा पैदा होती है. अगर यह बिजली किसी बिजली की लाइन, ट्रांसफॉर्मर, टेलीफोन लाइन या इंटरनेट केबल के पास गिरती है, तो उन लाइनों में कुछ सेकंड के लिए अचानक बहुत ज्यादा वोल्टेज आ सकता है. इसे पावर सर्ज (Power Surge) कहा जाता है. यही अतिरिक्त वोल्टेज घर तक पहुंचकर बिजली से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के संवेदनशील पार्ट्स को नुकसान पहुंचा सकता है.

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किन हिस्सों पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है?

किन हिस्सों पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है?3 / 7

पावर सर्ज की वजह से किसी डिवाइस की पावर सप्लाई, मदरबोर्ड, नेटवर्क पोर्ट या चार्जिंग सर्किट खराब हो सकता है. कई बार डिवाइस पूरी तरह बंद हो जाता है, जबकि कुछ मामलों में अंदरूनी पार्ट्स खराब होने के कारण बाद में दिक्कतें शुरू होती हैं.

किन इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को सबसे ज्यादा खतरा रहता है?

किन इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को सबसे ज्यादा खतरा रहता है?4 / 7

जो डिवाइस लगातार बिजली के सॉकेट या इंटरनेट केबल से जुड़े रहते हैं, उनमें नुकसान का जोखिम ज्यादा होता है. इनमें स्मार्ट टीवी, Wi-Fi राउटर, डेस्कटॉप कंप्यूटर, मॉनिटर, गेमिंग कंसोल, CCTV सिस्टम, प्रिंटर और NAS स्टोरेज डिवाइस शामिल हैं. वहीं अगर स्मार्टफोन या लैपटॉप चार्जिंग पर लगा हो, तो तेज पावर सर्ज की स्थिति में उसके चार्जर या चार्जिंग सर्किट पर भी असर पड़ सकता है. हालांकि नए चार्जर और डिवाइस में सुरक्षा फीचर्स दिए जाते हैं, लेकिन वे हर स्थिति में पूरी सुरक्षा की गारंटी नहीं देते.

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क्या सिर्फ बारिश होने से भी खतरा रहता है?

क्या सिर्फ बारिश होने से भी खतरा रहता है?5 / 7

सिर्फ बारिश होने से इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को पावर सर्ज का खतरा नहीं होता. यह जोखिम तब बढ़ता है, जब तेज गरज-चमक हो रही हो या आसपास बिजली गिरने की घटनाएं हो रही हों. ऐसे समय बिजली की लाइनों में अचानक वोल्टेज बढ़ सकता है, जिससे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण प्रभावित हो सकते हैं.

पावर सर्ज से बचने के आसान तरीके

पावर सर्ज से बचने के आसान तरीके6 / 7

अगर मौसम विभाग ने आंधी-तूफान या बिजली गिरने की चेतावनी दी है, तो जिन इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल जरूरी नहीं है, उन्हें बिजली के सॉकेट से निकाल देना बेहतर रहता है. इसके अलावा अच्छी क्वालिटी का सर्ज प्रोटेक्टर इस्तेमाल करना भी फायदेमंद हो सकता है. अगर आप डेस्कटॉप कंप्यूटर या दूसरे जरूरी उपकरण इस्तेमाल करते हैं, तो सर्ज प्रोटेक्शन वाले UPS का उपयोग अतिरिक्त सुरक्षा देता है. (Images Credit-AI)

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क्या सर्ज प्रोटेक्टर हर बार सुरक्षा देता है?

क्या सर्ज प्रोटेक्टर हर बार सुरक्षा देता है?7 / 7

अगर आपका Wi-Fi राउटर या कंप्यूटर ईथरनेट (LAN) के जरिए इंटरनेट से जुड़ा है, तो तेज बिजली कड़कने के दौरान जरूरत न होने पर नेटवर्क केबल भी निकाल देना चाहिए, क्योंकि कई बार पावर सर्ज नेटवर्क लाइन से भी पहुंच सकता है. हालांकि सर्ज प्रोटेक्टर काफी हद तक सुरक्षा देता है, लेकिन यह 100 प्रतिशत गारंटी नहीं है. अगर बहुत तेज बिजली घर के बेहद करीब गिरती है, तो नुकसान की संभावना बनी रहती है. ऐसे मौसम में सबसे सुरक्षित तरीका यही है कि जरूरत न होने पर इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स को बिजली और नेटवर्क दोनों से पूरी तरह अलग कर दिया जाए.

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

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मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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