कंट्रोवर्सीज से भरी है ये जर्मन फिल्म, जिसके सपोर्ट में उतरे खुद Elon Musk, माइग्रेट्स की काली कर्तूतों का हुआ पर्दा फाश

Citizen Vigilante Controversial German Movie: जर्मन फिल्म ने इन दिनों पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है. इस विवाद में Elon Musk भी कूद पड़े हैं. फिल्म में कई विवादित सीन्स दिखाए गए हैं, जिन्हें पब्लिक में खुलकर बोलना काफी डरावना माना जाता रहा है.

Citizen Vigilante movie
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Citizen Vigilante movie

अब इस फिल्म के माध्यम में एशियाई देशों से आए माइग्रेट्स के काले कर्तूतों से परेशान यूरोप की स्थिति दिखाई गई है, जिसे देखकर हर यूरोपियाई नागरिक रिलेट कर पा रहा है. आइए जानते हैं इस विवाहिद फिल्म के बारे में.  

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कौन सी है ये विवादित जर्मन फिल्म?

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जर्मन फिल्ममेकर उवे बोल द्वारा निर्देशित विवादित एक्शन थ्रिलर फिल्म 'सिटिजन विजिलांटे' (Citizen Vigilante) को लेकर दुनिया भर में भारी बवाल मचा हुआ है. इस फिल्म को कथित तौर पर 'एंटी-इमिग्रेंट' कंटेंट और अत्यधिक हिंसा के कारण जर्मनी और ब्रिटेन जैसे यूरोपीय देशों में बैनकर दिया गया था.

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सपोर्ट में उतरे Elon Musk

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इस विरोध को देखते हुए बिजनेस और टेक टायकून एलन मस्क (Elon Musk) खुद इस फिल्म के सपोर्ट में उतर आए और इसे अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर 48 घंटे के लिए पूरी तरह फ्री में स्ट्रीम कर दिया. इस घटना के बाद यह फिल्म बड़ा मुद्दा बन चुकी है और पूरी दुनिया में इसके कंटेंट पर कई स्पोर्ट और विरोध से भरे लेख पब्लिश हो रहे हैं.

क्या फिल्म की कहानी?

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फिल्म की कहानी माइकल सांडर्स (एक्टर आर्मी हैमर) नाम के एक पूर्व अमेरिकी सैनिक के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे अपने पिता की मृत्यु के बाद रियल एस्टेट का बिजनेस विरासत में मिलता है और वह यूरोप शिफ्ट हो जाता है. यूरोप में सांडर्स देखता है कि कुछ प्रवासी स्थानीय लोगों के साथ हिंसक अपराध कर रहे हैं और वहां की न्याय व्यवस्था उनके प्रति नरम रुख अपना रही है. इसके बाद वह खुद कानून हाथ में ले लेता है.

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टारगेट किलिंग और सच्ची घटनाएं

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सांडर्स रात के अंधेरे में ऐसे अपराधी प्रवासियों और उन भ्रष्ट सरकारी अधिकारियों व जजों को 'सबक सिखाना' शुरू कर देता है जो कथित रूप से उनका बचाव करते हैं. बताया जा रहा है कि फिल्म की कहानी साल 2016 में जर्मनी के हैम्बर्ग में हुई एक वास्तविक घटना से प्रेरित बताई जाती है, जहां एक नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने वाले प्रवासियों को अदालत ने बेहद मामूली सजा देकर छोड़ दिया था, जिसके बाद काफी प्रदर्शन हुए थे.

एलन मस्क का सपोर्ट और दुनिया भर में बहस

एलन मस्क का सपोर्ट और दुनिया भर में बहस6 / 7

जर्मनी में प्रतिबंध के बाद, जब डायरेक्टर ने X पर सेंसरशिप की शिकायत की, तो एलन मस्क ने फिल्म के मेकर्स से संपर्क किया और फिल्म को अपने ऑफिशियल हैंडल पर 48 घंटे के लिए जारी कर दिया, जिसे करोड़ों लोगों ने देखा. मस्क ने फिल्म की सफलता और प्रतिक्रिया पर पोस्ट करते हुए लिखा, "यही वो चीज़ है जिसे लोग देखना चाहते हैं."

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लीड एक्टर को लेकर भी है बड़ा विवाद

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माइग्रेट्स नैरेटिव के अलावा, फिल्म के मुख्य अभिनेता आर्मी हैमर को लेकर भी विवाद है. हॉलीवुड फिल्म 'द सोशल नेटवर्क' फेम आर्मी हैमर पर साल 2021 में यौन शोषण और 'कैनिबलिज्म' जैसे गंभीर आरोप लगे थे, जिसके बाद हॉलीवुड ने उन्हें ब्लैकलिस्ट कर दिया था. हालांकि पुलिस जांच में उनके खिलाफ सबूत नहीं मिले, लेकिन इस लो-बजट फिल्म के जरिए वे अपनी वापसी की कोशिश कर रहे हैं.

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