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क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल आम बात है. पिछले कुछ समय में हर छोटी बड़ी जरूरतों के लिए क्रेडिट कार्ड पर निर्भरता बढी है. बेशक आप क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल सालों से कर रहे हैं और समय पर उसका बिल का भुगतान भी कर देते होंगे, लेकिन क्या आप जानते हैं कि क्रेडिट कार्ड का बिल न भरने पर क्या होगा? क्या इसके लिए आपकी गिरफ्तारी भी हो सकती है?

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बिल न चुकाना एक सिविल मामला (Civil Matter) है, न कि कोई सीधा आपराधिक मामला. इसलिए, केवल बिल न चुका पाने के कारण आपको सीधे जेल नहीं भेजा जा सकता. हालांकि, कुछ खास स्थितियों में कानूनी पेंच फंस सकते हैं. आइये आपको बताते हैं कि भारतीय कानून और RBI के 2026 के ताजा नियम क्या कहते हैं:

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क्या जेल हो सकती है? : आम तौर पर नहीं. लेकिन दो स्थितियों में कानूनी कार्रवाई कड़ी हो सकती है. पहली ये कि चेक बाउंस (Section 138) हो जाए. अगर आपने बिल भुगतान के लिए चेक दिया है और वह बाउंस हो जाता है, तो बैंक आपके खिलाफ 'निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट' की धारा 138 के तहत आपराधिक केस दर्ज कर सकता है. इसमें 2 साल तक की जेल या जुर्माना हो सकता है.

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दूसरा है धोखाधड़ी (Fraud) का मामला. अगर बैंक यह साबित कर दे कि आपने कार्ड बनवाते समय फर्जी दस्तावेज दिए थे या आपका इरादा शुरू से ही पैसा हड़पने का था, तो धारा 420 (Cheating) के तहत मामला बन सकता है.

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इससे आपका CIBIL स्कोर खराब हो सकता है. अगर आप क्रेडिट कार्ड के बिल का भुगतान नहीं करते हैं तो आपका क्रेडिट स्कोर गिर जाएगा, जिससे भविष्य में होम लोन, कार लोन या कोई भी दूसरा लोन मिलना लगभग नामुमकिन हो जाएगा. रिकवरी एजेंट की धमकी और परेशानियों का सामना करना हो सकता. बैंक रिकवरी के लिए एजेंट भेज सकता है, हालांकि इसके लिए RBI के कड़े नियम हैं. इसके अलावा अगर आप बिल का भुगतान नहीं कर पाते हैं तो बैंक पैसा वसूली के लिए सिविल कोर्ट में केस कर सकता है.

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रिकवरी एजेंटों के लिए RBI के नियम (2026 Update) क्या कहते हैं? अगर कोई रिकवरी एजेंट आपको डराता है या जेल भेजने की धमकी देता है, तो याद रखें कि RBI ने उनके लिए लक्ष्मण रेखा तय की है. एजेंट केवल सुबह 8 बजे से शाम 7 बजे के बीच ही कॉल या विजिट कर सकते हैं. गाली-गलौज, सार्वजनिक रूप से अपमानित करना या डराना सख्त मना है.

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एजेंट आपके कर्ज की जानकारी आपके पड़ोसियों या रिश्तेदारों को नहीं दे सकते. अगर एजेंट बदतमीजी करे, तो आप बैंक के 'नोडल ऑफिसर' या RBI लोकपाल (Ombudsman) को शिकायत कर सकते हैं.

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अगर आप पैसा नहीं चुका पा रहे हैं, तो क्या करें? : बैंक से बात करें. अक्सर बैंक मूल राशि (Principal) लेकर ब्याज माफ कर देते हैं और खाता बंद कर देते हैं. अपने बड़े बिल को छोटी किश्तों (EMI) में बदलवा लें. कोशिश करें कि कम से कम 'मिनिमम अमाउंट' चुका दें ताकि लेट फीस से बच सकें, हालांकि ब्याज फिर भी लगता रहेगा.

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बैंक की ओर से आने वाले किसी भी कोर्ट समन (Court Summons) को इग्नोर न करें. कोर्ट में अपना पक्ष रखने से आप जेल जाने जैसी स्थिति से बच सकते हैं, क्योंकि कोर्ट भी आपकी वित्तीय मजबूरी को समझता है.