Bank Rules: बैंक ब्रांच बंद हो जाए तो क्या करें? जानें अपने अकाउंट और लॉकर से जुड़े RBI के नियम
Bank Branch Closure RBI Rules : बैंक ब्रांच बंद या मर्ज होने पर आपके सेविंग्स अकाउंट और बैंक लॉकर पर क्या असर पड़ता है? जानें RBI के नए नियम और सुरक्षा से जुड़े जरूरी टिप्स.

अक्सर जब हमें पता चलता है कि हमारी बैंक ब्रांच (Bank Branch) बंद हो रही है, किसी दूसरी जगह शिफ्ट हो रही है, या किसी दूसरे बैंक में मर्ज (Merge) हो रही है, तो पहली फिक्र यही होती है- अरे, मेरे खाते में जमा पैसों का क्या होगा? मेरे बैंक लॉकर में रखे गहनों और जरूरी कागजातों का क्या होगा? अगर आपके मन में भी ऐसा कोई डर आता है, तो सुकून की सांस लीजिए. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के सख्त नियमों के मुताबिक, आपकी ब्रांच भले ही बंद हो जाए, लेकिन आपका पैसा या लॉकर अचानक गायब नहीं हो सकता.
आपके बैंक खाते का क्या होगा?
2 / 6ब्रांच बंद होने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आपका जमा पैसा डूब गया या गायब हो गया. बैंक आपके खाते को पास की ही किसी दूसरी ब्रांच में शिफ्ट कर देता है. इसके लिए आपको नया खाता खोलने या दोबारा लंबी केवाईसी (KYC) प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं होती. पुराना केवाईसी ही मान्य रहता है. RBI के नियमों के अनुसार, बैंक को इस बदलाव की जानकारी अपने ग्राहकों को काफी समय पहले देनी होती है ताकि उन्हें कोई असुविधा न हो.
IFSC कोड और चेकबुक
3 / 6हालांकि ब्रांच बंद होने के बाद आपको नया आईएफएससी कोड (IFSC Code) और नई चेकबुक चेक कर लें. अगर आपकी सैलरी, पेंशन, म्यूचुअल फंड SIP या लोन की EMI इस खाते से जुड़ी है, तो सुनिश्चित करें कि वे बिना किसी रुकावट के चलती रहें.
पूरा बैंक ही मर्ज हो जाए तो क्या करें?
4 / 6जब दो बैंकों का आपस में विलय (Merger) होता है, तब भी ग्राहकों की सेवाएं जारी रहती हैं. जिस दिन से मर्जर लागू होता है, पुरानी ब्रांच नए बैंक की शाखा के रूप में काम करने लगती है. मर्जर के नाम पर अगर कोई आपको फोन, मैसेज या ईमेल करके ओटीपी (OTP), पासवर्ड या पिन पूछे, तो भूलकर भी शेयर न करें. बैंक कभी भी फोन पर ऐसी जानकारियां नहीं मांगता.
बैंक लॉकर का क्या होता है?
5 / 6बैंक लॉकर को लेकर RBI के नियम और भी सख्त और स्पष्ट हैं. बैंक आपकी सहमति या बिना पूर्व सूचना के लॉकर को कहीं और शिफ्ट नहीं कर सकता. बैंक को दो प्रमुख समाचार पत्रों, जिसमें एक स्थानीय भाषा का अखबार शामिल हो, उसमें सार्वजनिक सूचना देनी होती है और कम से कम 2 महीने पहले लॉकर ग्राहकों को इसकी जानकारी देनी होती है. बैंक आपको दो विकल्प देगा, या तो आप नए पते/ब्रांच पर अपना लॉकर कंटिन्यू करें या फिर अपना लॉकर सरेंडर करके सुविधा बंद कर दें. अगर आप नई जगह लॉकर ले जा रहे हैं, तो देखें कि नया लॉकर कहां होगा, वहां जाने का तरीका क्या है और क्या किसी नए एग्रीमेंट पर साइन करने की जरूरत है.
पैनिक न हों, अपडेट करें
6 / 6अगर आपकी बैंक शाखा बंद हो रही है, तो पैनिक होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. बस अपने बैंक खाते में सही मोबाइल नंबर और ईमेल अपडेट रखें. बैंक से आने वाले नोटिस को ध्यान से पढ़ें और अपने IFSC कोड, चेकबुक और लॉकर डिटेल्स को नए पते के हिसाब से अपडेट कर लें.