प्लास्टिक नोटों पर बड़ी खबर, RBI छापेगा 200 करोड़ प्लास्टिक नोट! क्‍या बंद हो जाएंगे कागज के पुराने नोट?

जल्‍दी ही आपकी जेब में अब प्लास्टिक के नोटों नजर आने वाले हैं. जी हां, क्‍योंक‍ि सरकार की तरफ से ट्रायल बेसिस पर पॉल‍िमर नोट छापने की मंजूरी दे दी गई है. इससे न सिर्फ फुटकर की किल्लत दूर होगी, बल्कि बार-बार कटे-फटे नोट बदलने की झंझट से भी आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी.

छापे जाएंगे 200 करोड़ प्लास्टिक नोट
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क्या आपके साथ भी कभी ऐसा हुआ है कि जेब में रखा 10 या 20 रुपये का नोट फट गया हो या पानी में भीगकर खराब हो गया हो? अब इस परेशानी से बहुत जल्द राहत मिलने वाली है. सरकार और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) मिलकर देश में प्लास्टिक (पॉलिमर) के नोट लाने की पूरी तैयारी कर चुके हैं. लोकसभा में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने इस बारे में एक बड़ा अपडेट शेयर किया है. आइए समझते हैं कि इस फैसले से आपकी जेब पर क्या असर पड़ेगा.

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छापे जाएंगे 200 करोड़ प्लास्टिक नोट

छापे जाएंगे 200 करोड़ प्लास्टिक नोट2 / 6

RBI पायलट प्रोजेक्ट (ट्रायल) के तहत 10 रुपये और 20 रुपये के 100-100 करोड़ यानी कुल 200 करोड़ पॉलिमर नोट छापने जा रहा है. वित्त मंत्रालय से इसके फील्ड ट्रायल को हरी झंडी मिल चुकी है. इन नोटों को सबसे पहले बाजार में चलाकर देखा जाएगा कि भारतीय मौसम और इस्तेमाल के हिसाब से ये कितने टिकाऊ और व्यावहारिक साबित होते हैं.

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आखिर प्लास्टिक के नोट ही क्यों?

आखिर प्लास्टिक के नोट ही क्यों? 3 / 6

अक्सर देखा जाता है कि 10 और 20 रुपये जैसे छोटे नोटों का इस्तेमाल बहुत ज्यादा होता है. सब्जी मंडी से लेकर ऑटो के किराये तक, ये नोट बार-बार हाथों-हाथ घूमते हैं. कागजी नोट बहुत जल्दी गल जाते हैं या फट जाते हैं. प्लास्टिक नोट पानी, गंदगी और नमी से खराब नहीं होते और लंबे समय तक टिकते हैं. बार-बार नए कागजी नोट छापने और पुराने नष्ट करने में सरकार का भारी खर्च होता है. टिकाऊ पॉलिमर नोटों से यह खर्च काफी कम हो जाएगा. इन नोटों में खास 'सी-थ्रू' (पारदर्शी) विंडो और एडवांस सिक्योरिटी फीचर्स होंगे, जिससे नकली नोट बनाना लगभग नामुमकिन हो जाएगा.

आखिर प्लास्टिक के नोट ही क्यों?

आखिर प्लास्टिक के नोट ही क्यों? 4 / 6

अक्सर देखा जाता है कि 10 और 20 रुपये जैसे छोटे नोटों का इस्तेमाल बहुत ज्यादा होता है. सब्जी मंडी से लेकर ऑटो के किराये तक, ये नोट बार-बार हाथों-हाथ घूमते हैं. कागजी नोट बहुत जल्दी गल जाते हैं या फट जाते हैं. प्लास्टिक नोट पानी, गंदगी और नमी से खराब नहीं होते और लंबे समय तक टिकते हैं. बार-बार नए कागजी नोट छापने और पुराने नष्ट करने में सरकार का भारी खर्च होता है. टिकाऊ पॉलिमर नोटों से यह खर्च काफी कम हो जाएगा. इन नोटों में खास सी-थ्रू (पारदर्शी) विंडो और एडवांस सिक्योरिटी फीचर्स होंगे, जिससे नकली नोट बनाना लगभग नामुमकिन हो जाएगा.

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क्या पुराने कागज वाले नोट बंद हो जाएंगे?

क्या पुराने कागज वाले नोट बंद हो जाएंगे? 5 / 6

बिलकुल नहीं! अगर आपके मन में यह डर है कि पुराने नोट बंद हो जाएंगे, तो बेफिक्र रहिए. सरकार ने साफ कर दिया है कि प्लास्टिक के नोट आने के बाद भी पुराने कागजी नोट पूरी तरह मान्य रहेंगे. कागज के नोटों को बंद करने का फिलहाल कोई प्रस्ताव नहीं है. ये दोनों तरह के नोट बाजार में एक साथ चलेंगे.

UPI और डिजिटल पेमेंट पर क्या पड़ेगा असर?

UPI और डिजिटल पेमेंट पर क्या पड़ेगा असर? 6 / 6

आजकल ज्यादातर लोग ऑनलाइन पेमेंट (UPI) का इस्तेमाल कर रहे हैं. RBI का मानना है कि कैश और डिजिटल पेमेंट दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं. प्लास्टिक नोट आने के बाद भी लोग अपनी सुविधा के हिसाब से कैश और UPI दोनों का इस्तेमाल करते रहेंगे. अगर यह ट्रायल सफल रहा, तो आने वाले दिनों में फटे-पुराने नोटों की झंझट हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी.

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लेखक के बारे में

Vandana Bharti

Vandana Bharti

वन्‍दना भारती News 24 में बतौर ड‍िप्‍टी न्‍यूज एडिटर कार्यरत हैं और मौजूदा समय में बिजनेस डेस्‍क संभाल रही हैं. वन्दना News 24 के लिए स्टॉक मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, कमोडिटी मार्केट, सरकारी योजनाओं पर खबरें लिखती हैं. वन्‍दना ने अपने करियर की शुरुआत दैन‍िक जागरण अखबार से की. इसके बाद देशबंधु अखबार में उन्होंने ब‍िजनेस रिपोर्टिंग में अपनी विशेषज्ञता विकसित की. साल 2010 में उन्होंने ह‍िन्‍दुस्‍तान अखबार में अपनी सेवाएं दीं, जहां उन्होंने ब‍िजनेस पेज के लिए 6 साल तक काम किया. वन्‍दना, आजतक डिजिटल, India.com और News18.com जैसे न्यूज प्लेटफॉर्म्स में बिजनेस डेस्क से जुड़ी रही हैं. वन्दना ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीकॉम किया है. कॉमर्स बैकग्राउंड होने के कारण उनकी बिजनेस की खबरों में अच्छी पकड़ है और इन खबरों को वह आसान भाषा में यूजर्स तक पहुंचाती हैं. कितने साल का अनुभव: 18 साल योग्यता: शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से बी.कॉम और नई द‍िल्‍ली के YMCA संस्‍थान से पत्रकार‍िता में पीजीडीएमए की डिग्री प्राप्त की है.
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