1 May Rule Change : LPG, ATM से Railway Ticket और EPFO तक आज से बदल गए ये 10 नियम
देशभर में आम आदमी की दिनचर्या और जेब से जुड़े कई नियमों में आज 1 मई 2026 से आमूलचूल बदलाव हुए हैं। इनमें से कई बदलावों का असर आपकी जेब पर सीधे होने वाली है। यहां जानिये आज से क्या-क्या बदल गया है?

आज से नए महीने की शुरुआत के साथ ही ईंधन की कीमतों और बैंकिंग सेवाओं से जुड़े कई नियम बदल गए हैं। इन बदलावों का सीधा असर आपकी रसोई के बजट से लेकर आपके क्रेडिट कार्ड के खर्चों तक पड़ने वाला है।
LPG सिलेंडर की कीमतों में आग, कमर्शियल उपभोक्ताओं को झटका
2 / 11महीने की पहली तारीख को ही तेल कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में भारी उछाल कर दिया है। दिल्ली से लेकर मुंबई तक अब 19 किलो वाले सिलेंडर के लिए व्यापारियों को काफी ज्यादा कीमत चुकानी होगी। 1 मई 2026 से 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में औसतन ₹993 की भारी बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली में अब कमर्शियल सिलेंडर की कीमत ₹3,071.50 हो गई है।
गैस बुकिंग का बदला मिजाज, अब करना होगा लंबा इंतजार
3 / 11तेल कंपनियों ने सिलेंडर बुकिंग के नियमों को कड़ा कर दिया है। शहरी क्षेत्रों में अब दो बुकिंग के बीच 25 दिन का अंतर होना अनिवार्य है, जो पहले 21 दिन था। ग्रामीण इलाकों में यह अंतराल 45 दिन तक हो सकता है।
बिना OTP नहीं मिलेगी रसोई गैस, सुरक्षा हुई सख्त
4 / 11सुरक्षा और दुरुपयोग रोकने के लिए OTP आधारित प्रमाणीकरण (DAC) अब अनिवार्य कर दिया गया है। ग्राहकों को बुकिंग के समय प्राप्त ओटीपी डिलीवरी बॉय को बताना होगा, तभी डिलीवरी पूरी मानी जाएगी।
ATM से कैश निकालना हो सकता है महंगा
5 / 11आरबीआई के नए निर्देशों के अनुसार, यूपीआई के जरिए एटीएम से कैश निकालने (Cardless Cash Withdrawal) को अब मासिक फ्री ट्रांजेक्शन लिमिट में शामिल कर लिया गया है। फ्री लिमिट खत्म होने के बाद हर ट्रांजेक्शन पर ₹17 से ₹21 तक का शुल्क देना पड़ सकता है।
रेलवे टिकट और तत्काल बुकिंग के नए सुरक्षा नियम
6 / 11ऑनलाइन टिकट बुकिंग के दौरान डिजिटल सुरक्षा बढ़ाने के लिए अब दो-कारक प्रमाणीकरण (2FA) को और अधिक कड़ाई से लागू किया जा रहा है। टिकट बुक करते समय अब बार-बार ओटीपी या बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन की जरूरत पड़ सकती है।
EPFO: PF निकासी के नियम हुए सरल
7 / 11ईपीएफओ ने निकासी की पुरानी 13 श्रेणियों को मर्ज कर केवल 3 सरल श्रेणियों में बदल दिया है। अब बीमारी, शिक्षा या शादी जैसे जरूरी कार्यों के लिए पीएफ बैलेंस का 100% तक निकाला जा सकता है, बशर्ते रिटायरमेंट सुरक्षा के लिए 25% बैलेंस बचा रहे।
क्रेडिट कार्ड: लेट पेमेंट चार्ज में बदलाव
8 / 11एसबीआई कार्ड जैसे कई बैंकों ने लेट पेमेंट फीस को रिवाइज किया है। ₹500 से ₹1,000 तक की बकाया राशि पर अब ₹500 तक का लेट पेमेंट चार्ज लग सकता है।
ऑनलाइन गेमिंग के नियमों में बदलाव
9 / 111 मई से ऑनलाइन गेमिंग नियम 2026 प्रभावी हो गए हैं, जिसके तहत ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया (OGAI) का गठन किया गया है। अब गेमिंग प्लेटफॉर्म्स के लिए पंजीकरण अनिवार्य होगा और सरकार यूजर्स के वित्तीय लेनदेन पर कड़ी नजर रखेगी। अब सभी ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स के लिए अपने यूजर्स का आधार आधारित ई-केवाईसी (e-KYC) करना अनिवार्य होगा। गेम शुरू करने से पहले ही खिलाड़ी की आयु और पहचान का सत्यापन किया जाएगा ताकि नाबालिगों को जोखिम भरे या जुए जैसे खेलों से दूर रखा जा सके। ऑनलाइन गेमिंग से होने वाली नेट विनिंग्स (Net Winnings) पर 1 मई से टैक्स नियमों में अधिक स्पष्टता लाई गई है। अब वित्तीय वर्ष के अंत का इंतजार किए बिना, हर निकासी (Withdrawal) के समय या वित्तीय वर्ष के अंत में खाते में मौजूद शेष राशि पर 30% TDS काटा जाएगा। गेमिंग की लत को रोकने के लिए कंपनियों को सेल्फ-एक्सक्लूजन का विकल्प देना होगा। इस नियम के तहत खिलाड़ी खुद को एक निश्चित समय के लिए गेम खेलने से ब्लॉक कर सकते हैं। साथ ही, गेमिंग प्लेटफॉर्म्स को खिलाड़ी के स्क्रीन टाइम और खर्च की सीमा तय करने के विकल्प भी देने होंगे।
शेयर बाजार: ट्रेडिंग हुई महंगी
10 / 11डेरिवेटिव ट्रेडिंग (F&O) पर लगने वाला सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) बढ़ा दिया गया है। ऑप्शंस पर एसटीटी बढ़ाकर 0.15% और फ्यूचर्स पर 0.05% कर दिया गया है, जिससे एक्टिव ट्रेडर्स की लागत बढ़ जाएगी।
SBI क्रेडिट कार्ड यूजर्स को बदले हुए चार्ज का सामना करना पड़ेगा
11 / 11SBI क्रेडिट कार्ड यूजर्स को फीस के स्ट्रक्चर में बदलाव देखने को मिलेंगे। 1 मई से, लेट पेमेंट चार्ज में बदलाव किया गया है। 100 से 500 रुपये के बीच बकाया रकम पर, अब 100 रुपये का फिक्स्ड लेट फीस लगेगा। 500 से 1000 रुपये के बीच बकाया रकम पर, लेट पेमेंट चार्ज 500 रुपये तय किया गया है। इसके अलावा, BPCL SBI क्रेडिट कार्ड जैसे को-ब्रांडेड कार्ड पर मिलने वाले फायदों में भी बदलाव किया गया है। सालाना फीस में छूट अब तभी मिलेगी, जब कार्डहोल्डर साल भर में 1 लाख रुपये खर्च करेगा; पहले यह सीमा 50,000 रुपये थी।



















