ट्यूबलेस टायर पंचर हो जाए तो कितनी दूर तक चलाएं गाड़ी? जानें कब हो सकता है बड़ा नुकसान

कार के ट्यूबलेस टायर में पंचर होने पर कई लोग गाड़ी चलाते रहते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि टायर की हवा धीरे-धीरे निकलती है. लेकिन ऐसा करना टायर और व्हील रिम को भारी नुकसान पहुंचा सकता है. आखिर पंचर होने के बाद कितनी दूर तक गाड़ी चलाना सही है और कब तुरंत रुक जाना चाहिए?

Tubeles tyre tips
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गाड़ी का ट्यूबलेस टायर पंचर होने पर कार को चलाया जा सकता है. (Image Credit-AI)

सड़क पर चलते समय टायर में कील या पेच लग जाए, तो सफर बीच में रुक सकता है. ट्यूबलेस टायर में पंचर होने पर हवा धीरे-धीरे निकल सकती है, जिसस ड्राइवर को गाड़ी सुरक्षित जगह तक ले जाने का थोड़ा समय मिल जाता है. लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि आप इसी हालत में लंबी दूरी तय कर सकते हैं.

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ट्यूबलेस टायर पंचर होने पर कितनी दूर तक चला सकते हैं?

ट्यूबलेस टायर पंचर होने पर कितनी दूर तक चला सकते हैं?2 / 7

ट्यूबलेस टायर में पंचर होने के बाद 5 से 10 किलोमीटर तक चलाने की बात कही जाती है, लेकिन यह कोई तय सुरक्षित दूरी नहीं है. यह इस बात पर निर्भर करता है कि टायर में कितनी हवा बची है, पंचर कितना बड़ा है और टायर की हालत कैसी है. बेहतर है कि गाड़ी को सुरक्षित जगह रोककर मदद लें और जरूरत पड़ने पर स्पेयर टायर लगवाएं. (Image Credit-Magnific)

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क्या टायर की हवा पूरी निकलने पर गाड़ी चला सकते हैं?

क्या टायर की हवा पूरी निकलने पर गाड़ी चला सकते हैं?3 / 7

अगर टायर पूरी तरह बैठ गया है और उसमें हवा नहीं बची, तो गाड़ी आगे चलाना नुकसानदायक हो सकता है. इससे टायर का अंदरूनी हिस्सा खराब हो सकता है और पहिए का रिम भी क्षतिग्रस्त हो सकता है. ऐसी स्थिति में गाड़ी रोक दें और रोडसाइड असिस्टेंस या पंचर रिपेयर की मदद लें. (Image Credit-Magnific)

कम हवा वाले टायर पर गाड़ी चलाने से क्या नुकसान होता है?

कम हवा वाले टायर पर गाड़ी चलाने से क्या नुकसान होता है?4 / 7

टायर में हवा कम होने पर उसका साइडवॉल जरूरत से ज्यादा दबता है और गर्म होने लगता है. इससे टायर को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है. गाड़ी का संतुलन भी बिगड़ सकता है, खासकर तेज रफ्तार में. इसलिए टायर में हवा कम होने का पता चलते ही लंबा सफर जारी रखने से बचें. (Image Credit-Magnific)

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टायर में कील या पेच फंस जाए, तो क्या उसे निकाल देना चाहिए?

टायर में कील या पेच फंस जाए, तो क्या उसे निकाल देना चाहिए?5 / 7

अगर टायर में कील या पेच फंसा दिखे, तो उसे तुरंत खुद निकालने की कोशिश न करें. ऐसा करने पर हवा तेजी से निकल सकती है. गाड़ी को सुरक्षित जगह रोकें और टायर की जांच करवाएं. पंचर की जगह और नुकसान के आधार पर मैकेनिक तय करेगा कि टायर की मरम्मत हो सकती है या उसे बदलना जरूरी है. (Image Credit-Magnific)

पंचर टायर के साथ चलते समय किन बातों का ध्यान रखें?

पंचर टायर के साथ चलते समय किन बातों का ध्यान रखें?6 / 7

अगर टायर में थोड़ी हवा बची है और गाड़ी को सुरक्षित जगह तक ले जाना जरूरी है, तो अचानक ब्रेक लगाने और तेज रफ्तार से बचें. स्टीयरिंग में कंपन महसूस हो, गाड़ी एक तरफ खिंचे या टायर बैठता दिखे, तो तुरंत सुरक्षित स्थान पर रुक जाएं. बिना हवा वाले टायर पर आगे बढ़ने के बजाय मदद बुलाना बेहतर है. (Image Credit-Magnific)

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लंबे सफर पर निकलने से पहले टायर की सुरक्षा कैसे करें?

लंबे सफर पर निकलने से पहले टायर की सुरक्षा कैसे करें?7 / 7

सफर शुरू करने से पहले सभी टायरों में हवा का दबाव चेक करें और उनकी हालत पर ध्यान दें. गाड़ी में स्पेयर टायर और जरूरी टूल्स रखें. ट्यूबलेस पंचर किट या सीलेंट का इस्तेमाल करने से पहले यह देख लें कि वह आपके टायर के लिए उपयुक्त है या नहीं. ध्यान रखें, हर पंचर की मरम्मत सीलेंट से नहीं हो सकती और टायर की जांच करवाना जरूरी है. (Image Credit-Magnific)

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लेखक के बारे में

Mikita Acharya

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मिकिता आचार्य News24 में ऑटो एंड टेक राइटर हैं. पत्रकारिता में उन्हें 6 साल से ज्यादा का अनुभव है. मूल रूप से मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की रहने वाली मिकिता ने इंदौर के देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के स्कूल और जर्नलिज्म एंड मास कम्यनिकेशन (SJMC, DAVV) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म किया है. वहीं श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इंदौर से बीएससी की डिग्री ली है. अपने करियर की शुरुआत मिकिता ने 2019 में ईटीवी भारत, हैदराबाद से की, जहां उन्होंने कई ऑटो, टेक के अलावा न्यूज के लिए कॉटेंट लिखा. इसके बाद दैनिक भास्कर सब-एडिटर के तौर पर उन्होंने न्यूज के साथ इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के लिए भी काम किया. साइंस बैकग्राउंड होने की वजह से ऑटोमोबाइल और टेक्नोलॉजी से जुड़ी खबरें लिखने में मिकिता की गहरी रूचि है. News24 में इस पद पर रहते हुए वे ऑटो और टेक्नोलॉजी से जुड़ी प्रोडक्ट लॉन्च, इंडस्ट्री ट्रेंड्स और रिव्यूज पर रोजाना लेख लिख रही हैं. मिकिता ने ऑटो और टेक से जुड़े कई बड़े इवेंट में ग्राउंड रिपोर्टिंग भी की है. वह ऑटो और टेक इंडस्ट्री से जुड़े एक्सपर्ट्स के संपर्क में रहती हैं. कितने साल का अनुभव: 6+ योग्यता : SJMC, DAVV से जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में मास्टर्स श्री वैष्णव इंस्टीट्यूट से इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में बीएससी पिछला अनुभव: दैनिक भास्कर, ETV भारत
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