PM Modi Factor in Assembly Election 2023: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान तीन हिन्दी बेल्ट राज्यों के चुनाव परिणाम 3 दिसंबर को सामने आ चुके हैं। यकीनन तौर पर कहा जा सकता है कि विधानसभा चुनावों में सत्तारूढ़ भाजपा की जीत आने वाले लोकसभा चुनावों में निश्चित जीत का संकेत नहीं देती क्योंकि विधानसभा चुनाव में अधिकतर लोग स्थानीय मुद्दों, विकास, सड़क, स्वास्थ्य और उम्मीदवार को ध्यान में रखते हुए वोट करते हैं जबकि लोकसभा चुनावों में वोटर्स पार्टी अथवा प्रधानमंत्री चेहरे को ध्यान में रखते हुए मतदान करते हैं। हालांकि, 2019 के आम चुनावों से पहले 2018 में उन्हीं राज्यों में हार के विपरीत,यह देखने में आया कि हिन्दी बेल्ट भाजपा को आगामी लोकसभा चुनाव 2024 में अपना समर्थन देने के लिए तैयार है।
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अगर चुनाव का आंकलन किया जाए तो भाजपा 2018 के विधानसभा चुनावों में इन्हीं तीन राज्यों में अपनी सत्ता गंवा चुकी थी, फिर भी 2019 के लोकसभा चुनावों में इन्हीं राज्यों में पार्टी के पक्ष में जन समर्थन देखने को मिला था। ऐसे में जहन में सवाल उठता है कि 2023 में इन तीन राज्यों में भाजपा की जीत का राष्ट्रीय स्तर पर क्या महत्व है।
पहली बात यह स्वीकारनी होगी, विधानसभा चुनावों में पीएम मोदी फैक्टर कारगर रहा क्योंकि चुनावों में भाजपा की तरफ से किसी भी प्रदेश में कोई भी मुख्यमंत्री पद का चेहरा नहीं था। ऐसा लगता है कि यह मोदी लहर ही थी, जिससे अप्रत्याशित नतीजे सामने आए। बावजूद इसके कि अधिकांश एग्जिट-पोलों ने मध्य प्रदेश को छोड़कर अधिकांश राज्यों में भाजपा की हार बताई गई थी। इससे प्रतीत होता है वोटर्स का प्रधानमंत्री के साथ भावनात्मक रिश्ता कायम है। वोटर्स मोदी की घोषणाओं पर विश्वास करते हैं। लगातार दो कार्यकाल के बाद उनकी पॉपुलैरिटी रेटिंग 70 प्रतिशत के साथ ऐतिहासिक ऊंचाई पर है।
इसके पीछे कई मुख्य वजहें हैं। पहली वजह, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सभी वर्गों का साथ मिलता है। तीन तलाक को खत्म करके पीएम मोदी ने मुस्लिम महिलाओं को अपने साथ जोड़ने का काम किया। राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा की रणनीति महिला केन्द्रित रही है। यदि भाजपा, मध्य प्रदेश में लाडली बहना योजना लाती है तो वहीं छत्तीसगढ़ में महतारी बंधन योजना भी लाई जाती है। हाल ही में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने वाले महिला आरक्षण विधेयक के पारित होने से, भाजपा को मजबूती मिली है।
उदाहरण के लिए, मध्य प्रदेश में एक्सिस माई इंडिया पोल पर नजर डालें तो नतीजों से पता चला कि 50 प्रतिशत महिलाओं ने भाजपा का समर्थन किया, जबकि 44 प्रतिशत पुरुषों ने उनके पक्ष में मतदान किया।
अब ऐसे में जहां तीन राज्यों में पीएम मोदी फैक्टर कारगर रहा, इससे इस बात की संभावनाएं काफी बढ़ गई हैं कि 2024 लोकसभा चुनावों में जनता-जनार्दन पीएम मोदी फैक्टर को ध्यान में रखते हुए वोट करेगी और भाजपा भी इस ट्रेंड को भुनाना चाहेगी।
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