Parenting Tips: आज के समय में बहुत से माता-पिता अपने 1 से 2.5 साल के बच्चों को कुछ सिखाने की जगह मोबाइल या टीवी के सामने बैठा देते हैं। जिससे बच्चा कुछ नया सीखने की जगह डिजिटल स्क्रीन में ही व्यस्त रहता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अगर आप इस उम्र से ही अपने बच्चे को पढ़ाई से जुड़ी चीजें सिखाना शुरू करें, तो यह उनके दिमागी विकास के लिए बेहद फायदेमंद हो सकता है।
यह वही उम्र होती है जब बच्चा चीजों को समझना और दोहराना शुरू करता है। ऐसे में बहुत से माता-पिता इस उलझन में रहते हैं कि इतने छोटे बच्चे को क्या सिखाया जाए। अगर आप भी उन्हीं में से हैं, तो आइए जानें एक्सपर्ट से कि किन आसान और जरूरी चीजों से बच्चे की सीखने की शुरुआत की जा सकती है।
एक्शन वर्ड
आप इस उम्र में अपने बच्चे को एक्शन वर्ड सिखा सकते हैं। जैसे की बच्चे क्या कर रहे हैं, ये शब्द सिखाएं। चलो, बैठो, खाओ, सो जाओ आप बच्चे को सिखाने के लिए खुद करके दिखाएं, और बच्चे से भी करवाएं। इसके साथ ही हर बार शब्द को दोहराएं।
बॉडी पार्ट्स
आप बच्चे को बॉडी पार्ट्स सिखा सकते हैं जैसे नाक, कान, आंख, पैर जिससे बच्चा अपने शरीर के अंग पहचानना और नाम लेना सीखे। आप चाहें तो बच्चे को शीशे में दिखाते हुए पूछें “ये क्या है?” और इनका नाम दोहराएं।
फल और सब्जियां
आप बच्चे को रंग-बिरंगे फल और सब्जियों के नाम सिखाएं। जैसे सेब, केला, आम, अंगूर। सब्जियों में आप टमाटर, आलू, गाजर जैसे शब्द सिखा सकते हैं। आप चाहें तो असली फल/सब्जी दिखाकर या खिलाते हुए नाम लें।
आकार और रंग
आप अपने बच्चे को वस्तुओं का आकार और रंग पहचानना सीखाएं। जैसे लाल, नीला,पीला। आकार के लिए आप गोला, तारा, चौकोर। आप बच्चे को खिलौनों, किताबों और रंग-बिरंगी चीजों से पहचान कराएं।
परिवार के सदस्य
आप बच्चे के परिवार को नाम से पहचानना सीखाएं। जैसे मां,पापा, दादी, नानी, नाना, दादा। या तो परिवार की तस्वीरों को दिखाकर, या जब सामने हों तब नाम लें।