Weight Gain Causes: उम्र बढ़ने के साथ वजन का बढ़ना आम बात है, लेकिन इससे जुड़ी समस्या आपको परेशान कर सकती है। इसके कई कारण हो सकते हैं, जैसे की उम्र बढ़ने के साथ-साथ आपकी फिजिकल एक्टिविटी कम होने लगती है। स्लो एक्टिविटीज, नेचुरल लॉस ऑफ मसल्स मास, स्लो मेटाबॉलिज्म आदि कई कारणों से अचानक ही आपका वजन बढ़ने लगता है। अगर आपका भी वजन बढ़ने लगा है। इसके पीछे हार्मोनल असंतुलन, थायरॉयड या अन्य अन्य कई वजह भी हो सकती है।
मेनोपॉज
महिलाओं में मेनोपॉज शुरू होने से पहले के समय को पेरिमेनोपॉज कहा जाता है। ये महिलाओं में आम तौर पर 40 वर्ष के बाद शुरू होता है। पेरिमेनोपॉज फेज में कई तरह के बदलाव होते हैं, जिसमें से एक वजन का बढ़ना भी है। साथ ही इस दौरान हॉट फ्लैशेज, सेक्सुअल डिजायर में कमी और अनियमित पीरियड्स हो सकते हैं।
स्ट्रेस और एंग्जायटी
जब आपको ज्यादा एंग्जाइटी या स्ट्रेस हो जाता है, तो ये भी वजन बढ़ने कारण हो सकते हैं। तनाव के दौरान कोर्टिसोल हार्मोन का सीक्रेशन ज्यादा होने लगता है और इसके कारण शरीर में एनर्जी और फैट जमा होने लगते हैं। जब कोर्टिसोल हार्मोन का लेवल लंबे समय तक हाई रहता है, तो वजन बढ़ने का खतरा रहता है।
पीसीओडी
पीसीओडी के दौरान हार्मोन में बदलाव होने लगते हैं, जिसके कारण वजन बढ़ने का खतरा भी बढ़ जाता है। अनियमित पीरियड्स की वजह से इंसुलिन खराब हो जाता है। इसके लिए आप अपनी रूटिन में कुछ हेल्दी बदलाव कर इस पर कंट्रोल कर सकते हैं।
नींद की कमी
अगर आप पर्याप्त नींद नहीं लेते हैं तो यह आपके शरीर के मेटाबॉलिज्म को प्रभावित कर सकता है। नींद की कमी से भूख बढ़ाने वाले हार्मोन का लेवल बढ़ जाता है, जिससे आप अधिक खाना खाते हैं, जिससे आपका वजन बढ़ सकता है।
हार्मोनल अनबैलेंस
हार्मोन में बदलाव, जैसे कि थाइरोइड की समस्याएं, इंसुलिन प्रतिरोध या पॉलीसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम वजन को तेजी से बढ़ा सकते हैं। महिलाओं में गर्भावस्था या मेनोपॉज के दौरान भी हार्मोनल बदलाव होते हैं, जो वजन पर असर डाल सकते हैं।
Disclaimer: ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले विशेषज्ञों से राय अवश्य लें। News24 की ओर से जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।