हमारे साथ जुड़ें X IG YT FB
Trending: CJP ProtestGyanesh KumarSIRBigg Boss 20

बच्चों को अपने माता-पिता के साथ कब तक सोना चाहिए? एक्सपर्ट ने बताया किस उम्र तक बच्चे को पैरेंट्स के साथ जरूर सुलाना चाहिए

Child Sleeping With Parents: बच्चा जैसे-जैसे बड़ा होता जाता है उसे पैरेंट्स से अलग सुलाया जाता है. ऐसे में बच्चे को किस उम्र तक माता-पिता के साथ जरूर सुलाना चाहिए और कब पैरेंट्स के साथ सुलाना बंद कर देना चाहिए ये बता रहे हैं हॉलिस्टिक हेल्थ गुरु डॉ. मिकी मेहता.

विज्ञापन
किस उम्र में बच्चे को माता-पिता के साथ सोना बंद कर देना चाहिए?

Parenting Tips: बाहरी देशों में बच्चे को जन्म के कुछ दिन बाद से ही माता-पिता से अलग सुलाया जाता है, लेकिन भारत में ऐसा नहीं होता. बच्चा कई-कई सालों तक मम्मी-पापा के ही कमरे में सोता है. यूं तो बच्चे को कम उम्र से ही अकेले सुलाना जरूरी है लेकिन कितनी कम उम्र से उसे अकेले सुलाना चाहिए और किस उम्र तक उसे माता-पिता (Parents) के साथ ही सोना चाहिए यह कोई नहीं बताता. ग्लोबल लीडिंग हॉलिस्टिक हेल्थ गुरु मिकी मेहता ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो शेयर किया है जिसमें वे बता रहे हैं कि किस उम्र तक बच्चे को माता-पिता के साथ जरूर सुलाना चाहिए. मिकी मेहता का कहना है कि इस उम्र तक बच्चे को अपने आस-पास मां की जरूरत होती है. आपका भी अगर छोटा बच्चा है तो यहां जानिए मिकी मेहता किस उम्र तक बच्चे को पैरेंट्स के साथ ही सुलाने की सलाह देते हैं.

यह भी पढ़ें- अगर बच्चा रात को ना सोए तो क्या करना चाहिए? पीडियाट्रिशिन ने बताया किन 5 तरीकों से बच्चे को आएगी गहरी नींद

बच्चे को किस उम्र तक माता-पिता के साथ सुलाना चाहिए

डॉ. मिकी मेहता का कहना है कि 7 साल तक की उम्र तक बच्चे को माता-पिता के साथ सोना चाहिए. डॉ. मिकी मेहता ने बताया कि 7 साल की उम्र तक बच्चे के मिरर न्यूरोन्स काम कर रहे होते हैं और वे बेहद सेंसिटिव होते हैं. इस उम्र तक बच्चे हर चीज सब्कोंशियसली सीखते हैं.

विज्ञापन

एक्सपर्ट ने बताया कि पश्चिमी देशों में बच्चा 2 से 3 साल का होने के बाद से ही अलग कमरे में सोता है, वह बिस्तर गीला करता है, डरावने सपने देखता है, फोबिया वाले सपने देखता है क्योंकि बच्चा सब्कोंशियसली हर सिग्नल को पकड़ लेता है. बच्चे ऐसे में रोते और बिलखते हैं. कई बार बच्चे को हुआ यह डैमेज रिपेयर भी नहीं हो पाता है. लेकिन, जब बच्चा अपनी मां के पास होता है और रोता है तो मां उसे सहलाती है, बच्चे का कान उसकी मां के दिल पर लगा होता है और बच्चे की बड़ी हुई धड़कनें एकबार फिर रिदम पकड़ लेती हैं.

बच्चे को 7 साल की उम्र से पहले अकेला सुलाया जाए तो यह सभी डर, फोबिया या उसकी घबराहट उसकी सेहत को खराब कर सकते हैं. इसीलिए एक्सपर्ट का कहना है कि बच्चा जबतक 7 साल का नहीं हो जाता है उसे अपने पैरेंट्स के साथ ही उनके कमरे में सुलाना चाहिए और उसके बाद बच्चे को अलग कमरे में सुलाया जा सकता है.

विज्ञापन

यह भी पढ़ें – जन्म के कितने दिन बाद बच्चे को नहलाना चाहिए? डॉक्टर ने बताया सर्दियों में नवजात शिशु की कैसे करें देखभाल

संबंधित खबरें

न्यूज 24 पर पढ़ें देश, राष्ट्रीय समाचार (National News), खेल, मनोरंजन, धर्म, लाइफ़स्टाइल, हेल्थ, शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

Know More: Editorial Guidelines

लेख समाप्त

लेखक के बारे में

Seema Thakur

सीमा ठाकुर पत्रकारिता से पिछले 7 सालों से जुड़ी हैं. न्यूज24 में सीमा बतौर चीफ सब एडिटर काम कर रही हैं. सीमा हेल्थ और लाइफस्टाइल बीट पर लिखती हैं और कॉन्टेन्ट क्रिएशन के साथ ही टीम लीड की भूमिका भी निभा रही हैं. न्यूज24 में सीमा ने अपनी बीट से हटकर इलेक्शंस की स्टोरीज पर भी काम किया है. हेल्थ और लाइफस्टाइल से जुड़ी स्टडीज, लेटेस्ट न्यूज और एक्सपर्ट्स/डॉक्टर्स से बातचीत पर आधारित लेख लिखने में सीमा की मजबूत पकड़ है. सीमा हेल्थ की खबरों और लेटेस्ट अपडेट के लिए AIIMS, ICMR, WHO,  स्वास्थ्य मंत्रालय जैसे संस्थानों के विशेषज्ञों और डॉक्टरों के संपर्क में रहती हैं. अनुभव सीमा ने पत्रकारिता की शुरुआत दिल्ली प्रेस ग्रुप से की थी जहां वे सरिता, मुक्ता और गृहशोभा मैग्जीन में वुमेन ओरिएंटेड, सोशल, लाइफस्टाइल, हेल्थ और बॉलीवुड के अलावा पॉलिटकल आर्टिकल्स लिखती थीं. सीमा को प्रूफरीडिंग और एडिटिंग का भी खासा अनुभव है. प्रिंट में काम करने के दौरान सीमा की हिंदी भाषा में अच्छी पकड़ है. दिल्ली प्रेस के बाद सीमा डायमंड पब्लिशिंग हाउस से जुड़ी थीं जहां उन्होंने मैग्जीन और वेबसाइट दोनों के लिए काम किया. डायमंड पब्लिशिंग हाउस के बाद सीमा ने NDTV के साथ डिजिटल मीडिया में अपना करियर शुरू किया. NDTV में सीमा ने राइटर के साथ ही वीडियो प्रोड्यूसर, एंकर और पॉडकास्टर के तौर पर भी काम किया. लाइफस्टाइल वीडियोज और बॉलीवुड गोल्ड सीरीज को प्रोड्यूस और एंकर करने के साथ ही वे बॉलीवुड पॉडकास्ट किया करती थीं. वीडियो प्रोडक्शन में सीमा का इंटरेस्ट और पकड़ यहीं से आई है. शिक्षा सीमा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज से बी.ए किया है. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. जामिया की पीजी डिप्लोमा इन जर्नलिज्म डिपार्टमेंट की मैग्जीन में सीमा स्टूडेंट एडिटर और अपने बैच की कॉन्टेंट हेड रह चुकी हैं.
... और पढ़ें

ताज़ा खबरें

Sponsored Links by Taboola