TrendingBudget ManthaniranDonald Trump

---विज्ञापन---

घंटों बैठकर काम करना बन रहा है साइलेंट किलर, जानिए सेहत पर पड़ने वाले गंभीर असर

ऑफिस में घंटों एक ही जगह बैठकर काम करना बहुत आम बात है. लेकिन ये आम बात, सेहत पर बहुत बुरा प्रभाव डाल रही है, जिसके बारे में हम इस स्टोरी में आपको बताएंगे. आपकी ये आदत आपको किन बड़े खतरों के बीच धकेल रही है, उसे जानने के बाद यकीनन आप अपनी आदत ठीक कर लेंगे.

घंटों एक ही जगह बैठे रहने से क्या होता है?

आज की रोजमर्रा की जिंदगी में ज्यादातर लोग सुबह से शाम तक कुर्सी पर बैठे रहते हैं. ऑफिस के काम से लेकर मोबाइल पर घंटों स्क्रॉल करने के कारण फिजिकल एक्टिविटी काफी हद तक बहुत कम होती जा रही है. कई लोग इसे मजबूरी तो कई लोग आराम मान लेते हैं, लेकिन सच यह है कि लगातार बैठकर काम करना धीरे-धीरे शरीर को अंदर से कमजोर बना देता है. शुरुआत में इसका असर समझ नहीं आता, लेकिन समय के साथ थकान, आलस, शरीर में अकड़न और दर्द आम समस्या बन जाते हैं. यही आदत आगे चलकर गंभीर बीमारियों की वजह भी बन सकती है.

यह भी पढ़ें: महंगी क्रीम लगाने के बाद भी क्यों आ रही हैं झुर्रियां? स्किन एजिंग की वजह बन रही हैं थाली में छुपी ये 3 चीजें

---विज्ञापन---

वजन बढ़ने और मेटाबॉलिज्म बिगड़ने का खतरा

---विज्ञापन---

लंबे समय तक बैठे रहने से शरीर की मांसपेशियां सुस्त हो जाती हैं और मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ने लगता है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, लगातार बैठने से मांसपेशियों में लिपोप्रोटीन लाइपेस नामक एंजाइम का स्तर कम हो जाता है, जो फैट को तोड़ने में मदद करता है. इसका असर यह होता है कि शरीर कैलोरी ठीक से बर्न नहीं कर पाता और वजन तेजी से बढ़ने लगता है. खासतौर पर पेट और कमर के आसपास चर्बी जमा होने लगती है.

मांसपेशियों कमजोर और मानसिक थकान का भी खतरा

दिनभर कुर्सी पर बैठे रहने से पैरों, हिप्स और ग्लूट्स की मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं. इससे शरीर का संतुलन बिगड़ सकता है और चलने-फिरने में परेशानी महसूस हो सकती है. इतना नहीं, इसका असर मानसिक स्वास्थ्य पर भी पड़ता है. कम शारीरिक एक्टिविटी की वजह से तनाव, चिड़चिड़ापन, एंजाइटी और डिप्रेशन जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं. कई लोगों को ध्यान लगाने में दिक्कत होती है और काम में मन नहीं लगता, जिससे प्रोडक्टिविटी भी घट जाती है.

शरीर में होने लगता है दर्द

लगातार एक ही पोजीशन में बैठने से हिप्स की मांसपेशियां सिकुड़ने लगती हैं, जिससे रीढ़ की हड्डी पर दबाव बढ़ जाता है. गलत बैठने की मुद्रा, खराब कुर्सी या बिना ब्रेक काम करने से पीठ दर्द, गर्दन दर्द और कमर की समस्या आम हो जाती है. समय के साथ यह दर्द पुराना रूप ले सकता है.

इसलिए जरूरी है कि हर कुछ देर में खड़े हों, हल्की स्ट्रेचिंग करें और अपने शरीर को मूवमेंट दें. छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके ही इस बड़ी परेशानी से बचा जा सकता है.

यह भी पढ़ें: Valentine वीक पर दें प्यार भरा सरप्राइज, भारत की ये सस्ती और रोमांटिक जगहें बनाएंगी आपकी शॉर्ट ट्रिप खास


Topics:

---विज्ञापन---