Self Destructive Habits: ये वे आदतें हैं जो आपके स्वयं के लिए विनाशकारी हैं, जिन्हें आप जाने-अनजाने में भावनात्मक शोषण से लेकर शारीरिक शोषण तक, अतीत के अनुभवों से निपटने के लिए पाल लेते हैं। आपको यह याद रखने की आवश्यकता है कि कभी-कभी केवल आप ही होते हैं जो अपने सुंदर और सुखदायी भविष्य को रोक रहे हैं। ऐसा तब होता है जब आप अपनी इन विनाशकारी आदतों को जारी रखते हैं । आपको इन आदतों को तुरंत छोड़ने की जरूरत है, लेकिन उससे पहले आपको अपनी कुछ आत्मघाती आदतों को पहचानने की भी जरूरत है इसलिए, यहां कुछ की लिस्ट दी गई है।
1. शराब और नशीली दवाओं का ज्यादा सेवन करना
यदि आप दावा करते हैं कि आप लोगों के साथ बैठते-उठते शराब पीते हैं लेकिन शाम होने तक आप, एक के बाद एक बोतल खाली कर जाते हैं तो आपको यहां रुकने और पुनर्विचार करने की जरूरत है। तत्काल समस्याओं से बचने के लिए शराब या नशीली दवाओं का उपयोग करना अच्छा संकेत नहीं है। यह आपको अस्वीकार में जीने की राह पर ले जाता है। आपको अपनी समस्याओं का डटकर सामना करना शुरू करना होगा।
3.खुश रहने वाले लोग
यदि आप किसी व्यक्ति की नेगेटिव बातों को केवल उनकी अच्छी किताबों में शामिल होने के लिए देखते हैं तो यह लंबे समय में आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए घातक है क्योंकि देर-सबेर आप ऐसे लोगों से नाराज होने लगेंगे और जब आप इसके बारे में कुछ नहीं कर पाएंगे तो खुद से और अधिक नफरत करने लगेंगे।
4. जोखिम भरा शारीरक संबंध
एक से अधिक बार शारीरक संबंध बनाना या न बनाना पूरी तरह से एक व्यक्तिगत पसंद है, लेकिन अगर यह आपके और आपके सेक्सुअल पार्टनर के स्वास्थ्य को खतरे में डालकर हो रहा है तो यह चिंता करने की बात है। यदि आप इसे पिछले सदमे से निपटने के लिए उपयोग कर रहे हैं तो किसी चिकित्सक से बात करें, वह आपको बेहतर तरीके से परामर्श प्रदान कर सकते हैं।
5. अति खर्च और शॉपिंग
जीवन में मजबूर कर देने वाली एक्टिविटी तनाव, ऊब, चिंता या अन्य नकारात्मक भावनाओं से अस्थायी मुक्ति तो दिला सकती हैं लेकिन इस तरह के व्यवहार से वास्तविक जीवन की समस्याओं या भावनात्मक चुनौतियों(emotional challenges) से ध्यान भटक सकता है।
6. आदत में शामिल जुआ या गेमिंग
ऑनलाइन जुआ या गेमिंग प्लेटफार्म, किसी की सफलता को इस तरह चढ़ा-बढ़ाकर बताते हैं जिससे अन्य लोगों की भावनाओं पर नियंत्रण किया जा सके। यह सफलता लोगों को उनकी क्षमता का अहसास कराती है और इसलिए उनको लगता है कि इससे उनका आत्म-सम्मान बढ़ जाएगा। ऑनलाइन गेमिंग उन लोगों में एक कम्युनिटी से जुड़े होने की भावना पैदा कर सकता है, जो खुद को सोशल नेटवर्क बनाने में सक्षम नहीं पाते। ये वर्चुअल प्लेस विशेष रूप से आकर्षक हो सकते हैं।
7. जितनी भूख उतना खाएं
अच्छे स्वास्थ्य के लिए बेहद आवश्यक है कि, हमेशा भोजन भूख के अनुसार ही करें। भूख से अधिक भोजन करना एक प्रकार का डिसआर्डर है जो कम समय में अधिक भोजन करने से होता है। ऐसे लोग, जिन्हें समाज में अत्यधिक भोजन करने के तौर पर जाना जाता है वे समाज में स्वयं को दोषी, शर्मिंदा और व्यथित महसूस कर सकते हैं। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि अत्यधिक खाना कभी-कभार ज्यादा खाने से भिन्न होता है। अत्यधिक खाने का डिसआर्डर एक जानी-पहचानी मानसिक स्वास्थ्य स्थिति है जिसका किसी व्यक्ति के जीवन पर शारीरिक, भावनात्मक और सामाजिक प्रभाव पड़ सकता है।
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