सफल हैं तो कैजुअल अप्रोच को भी रिलैक्स्ड अप्रोच मान लिया जाता है- Rohit Sharma
Rohit Sharma Simplecitiy : रोहित शर्मा की जुबानी-यदि मुझमें आत्मविश्वास नहीं होगा तो मैं कभी कहीं नहीं पहुंच सकता।
Edited By News24 हिंदी

Rohit Sharma
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Rohit Sharma
Rohit Sharma Simplicity : भारतीय टीम के ‘हिटमैन’ रोहित शर्मा अपने सरल स्वभाव को लेकर काफी चर्चा में रहते हैं। सादगी इनकी बातों में भी झलकती हैं, इस बातचीत की पेशकश में रोहित शर्मा के शुरूआती दिनों के हालातों और उनके शांत, सरल स्वभाव का राज छुपा हुआ है तो आइए इनके इन पहलुओं और अनुभवों के बारे में जानते हैं।
जब मैंने शुरूआती दिनों में खेलना शुरू किया तो कई लोगों ने कहा कि यह एक ‘कैजुअल’ लड़का है और जब में बचपन में स्कूल जाता था तो भी टीचर मुझे कैजुअल अप्रोच वाला स्टूडेंड ही समझते थे। अब लोग कहते हैं कि आप इतना रिलैक्स कैसे रहते हैं? तो मैं उन्हें बताना चाहूंगा, सफलता सब कुछ बड़ी आसानी के साथ बदल देती है तो यही कैजुअल अप्रोच नॉर्मली रिलैक्स्ड अप्रोच बन जाता है। मुझे शांति बहुत पंसद है और मेरा मानना है, शांति ही सबकुछ है। चीजों को कॉम्प्लिकेट करना मुझे नहीं आता। हड़बड़ी के लिए मेरे जीवन में कोई जगह नहीं है। शांति से खेलो, शांति से जिओ और शांति से दूसरों को भी जीने दो।

रोहित शर्मा
मेरे स्वभाव में ‘शो बाजी’ की भी कोई जगह नहीं है। मेरे करीबी लोग, मेरे दोस्त मुझे हमेशा याद दिलाते हैं कि कहां से आया हूं। तो मैं अपने दादाजी के साथ रहा हूं। आर्थिक रूप मजबूत नहीं थे। ऐसा नहीं था कि हम जो चाहते थे, वो हमारे सामने हाजिर हो जाता था। मेरे दादाजी के नौ बच्चे थे। छह चाचाओं सहित हम 11 लोग कुछ सौ स्क्वेयर फीट जगह में रहते थे। मेरे दादाजी पलंग पर सोते थे और हम सब जमीन पर। मैं कोने में सोता था और मेरे पैर दीवार को पूरे वक्त छूते रहते थे। अगर मेरे पैर दीवार से टच नहीं होते थे, तो मुझे नींद ही नहीं आती थी, ऐसी आदत हो गई थी। आम जिंदगी जीने की आदत कभी मुझसे छूटी नहीं।

रोहित शर्मा
कुछ लोग वाकई टैलेंटेड होते हैं, कुछ नहीं होते हैं। खेल में भी हमने देखा है कि कई खिलाड़ी कम टैलेंटेड रहे, लेकिन वो लंबे समय तक मैदान में टिके रहे। सब संभव है अगर दिमाग सही है। अगर आप यकीन करते हैं कि ये मौका आपको ईश्वर ने दिया है, तो आप कर दिखाएंगे। यदि मुझमें आत्मविश्वास नहीं होगा तो मैं कभी कहीं नहीं पहुंच सकता।

रोहित शर्मा
मुझे जब वर्ल्ड कप के लिए नहीं सलेक्शन नहीं किया गया तब यह महसूस हुआ यह मेरी लड़ाई मैं खुद लडूगा, कोई दूसरा यहां मेरी मदद करने नहीं आएगा। मुझे ही हल खोजना होगा। मुझे ही काम करना होगा, आने वाली दिक्कतें भी मेरी होंगी। किसी मदद का इंतजार न करें, हर समस्या के लिए खुद रास्ता खोजें।

रोहित शर्मा
जिंदगी में आसानी से कुछ नहीं मिलता। मैंने खुद को कड़ी मेहनत के लिए हमेशा तैयार किया। जो हूं अपने संघर्ष की वजह से हूं। जब चीजें आसानी से मिलती हैं तो उनकी अहमियत हम समझ नहीं पाते। मैं जब बड़ा हुआ, तो मेरे लिए हर मौका बहुत मायने रखता था। इसकी वजह थी कि मेरा अतीत मेरे साथ रहा। मैं जानता हूं मैंने किस दौर को जिया है। मुझे जो मौके मिले, उसके लिए कृतज्ञ हूं कि ईश्वर की मदद से उनका उपयोग कर पाया।
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