लोगों का खुद पर से ज्यादा भरोसा AI पर है
विनम्र सागर के मुताबिक आजकल के लोग खुद पर भरोसा कम और CHATGPT पर भरोसा ज्यादा करते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पहले बच्चों के नाम को कुंडली और ग्रहों को देखकर रखा जाता था। लेकिन आजकल लोग CHATGPT पर डालते हैं और हजारों नाम सामने आ जाते हैं, जिसमें से कोई एक नाम चुन लेते हैं।एंजाइटी और डिप्रेशन में भी AI का सहारा
विनम्र सागर का मानना है कि आजकल के लोग अपनी हेल्थ से जुड़ी टिप्स भी AI से ले रहे हैं। CHATGPT पर डालते हैं कि एंजाइटी और डिप्रेशन से कैसे छुटकारा पाया जा सकता है। AI जो उत्तर देता है, वैसी ही चीजें लोग अपनी दिनचर्या में शामिल कर लेते हैं। ये भी पढे़ं- Relationship Tips: दोस्ती हो या प्यार, सही इंसान चुनने के लिए अपनाएं विनम्र सागर के बताएं गए ये 3 गोल्डन रूल्सचैट थ्रेड कॉपी करके AI से मांगते हैं रिलेशनशिप का जवाब
ऐसे बहुत से लोग हैं जिनका ब्रेकअप हो जाता है तो पूरा चैट थ्रेड कॉपी करके CHATGPT से पूछते हैं कि गलती किसकी थी, ब्रेकअप क्यों हुआ, और कैसे रिश्ते को ठीक करें। विनम्र सागर कहते हैं कि चीजें बस यहीं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि क्या पहनना है, ट्रेंड में क्या है, रेसिपी क्या बनानी है हर चीज को लेकर लोग CHATGPT पर निर्भर हैं।
AI से ही करने लगते हैं बात
विनम्र सागर के अनुसार कुछ तो ऐसे लोग भी हैं जो CHATGPT से ही बातचीत करने लगते हैं। AI को ही अपनी सारी बातें सुना देते हैं।भावनाएं इंसानों से ही समझी जा सकती हैं, AI से नहीं
विनम्र सागर का कहना है कि टेक्नोलॉजी सब कुछ आसान बना सकती है, लेकिन फीलिंग्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से नहीं, इमोशनल इंटेलिजेंस से ही समझी जा सकती हैं। कभी-कभी मां की डांट, दोस्तों का प्यार ये कोई AI नहीं दे सकता। इसके साथ ही विनम्रसागर कहते हैं कि AI से जवाब लेना सीखो, लेकिन इमोशंस इंसानों के साथ ही बांटो, क्योंकि इमोशंस ‘हार्ट टू हार्ट’ होते हैं।ये भी पढे़ं- Relationship Tips: गौर गोपाल दास से जानिए, सिर्फ प्यार नहीं- रिश्ते में ये एक चीज है सबसे जरूरी