Patanjali Gurukulam Admission Process: आज की बदलती लाइफस्टाइल और डिजिटल दुनिया में बच्चों के बचपन पर बड़ा असर डाला है, जिस कारण उनका बचपन पहले जैसा नहीं रहा. मोबाइल की आदत, सोशल मीडिया, इंटरनेट और बढ़ती प्रतियोगिता ने उनके जीवनशौली को पूरी तरह से बदल दिया है. इस का अंदाजा आप ऐसे भी लगा सकते हैं कि, जहां पहले बच्चे दादा-दादी और नाना-नानी के साथ रहकर कहानियों आदि के जरिए संस्कार सीखते हैं, वहीं आज उनका ज्यादातर समय फोन चलाने पर बीत जाता है और वह बहुत चिड़े-चिड़े से रहते हैं. इससे उनका व्यवहार, सोच और धैर्य पर भी दिखाई देने लगा है. कई बार देखा जाता है कि बच्चे पढ़ाई में अच्छे होते हैं, लेकिन उनमें धैर्य, सम्मान, अनुशासन और भावनात्मक समझ की कमी रह जाती है. इसी कमी को पूरा करने के लिए भारत में कई संस्थान संस्कार आधारित शिक्षा को बढ़ावा दे रहे हैं, जिसमें पतंजलि गुरुकुल (Patanjali Gurukulam) एक बड़ा नाम है. आइए जानते हैं आप कैसे यहां एडमिशन हासिल कर सकते हैं और क्या है पूरी प्रवेश प्रक्रिया क्या है.
ग्लोबल एजुकेशन के साथ भारतीय मूल्यों को जोड़ता अनोखा गुरुकुल मॉडल
पतंजलि गुरुकुलम एकऐसा शैक्षिक संस्थान है जो बच्चों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान देता है. यहां शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि ऐसे जागरूक और सक्षम व्यक्तित्व तैयार करना है जो समाज, देश और दुनिया के विकास में सकारात्मक योगदान दे सकें. इस संस्थान में वैदिक ज्ञान, संस्कृत, वेद, उपनिषद, भारतीय इतिहास और दर्शन जैसे विषयों के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा भी दी जाती है, ताकि छात्र आध्यात्मिक और बौद्धिक दोनों रूप से मजबूत बनें. साथ ही तकनीक, प्रबंधन, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, खेल, कृषि और अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए भी विद्यार्थियों को प्रेरित किया जाता है. पतंजलि गुरुकुल का मानना है कि बचपन से दिए गए अच्छे संस्कार ही भविष्य का मजबूत चरित्र बनाते हैं, इसलिए यहां योग, अनुशासन, आत्मनिर्भरता और नैतिक मूल्यों पर विशेष जोर दिया जाता है.
कैसे मिलेगा पतंजलि गुरुकुलम में एडमिशन?
प्रवेश के लिए आपको पतंजलि गुरुकुलम की आधिकारिक वेबसाइट patanjaligurukulam.org.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरना होगा. आवेदन के समय 1,000 से 1200 रुपये का पंजीकरण शुल्क (Registration Fee) देय होता है, जो कक्षा के अनुसार कम ज्यादा हो सकती है.
ध्यान रखें कि यहां चयन दो चरणों की प्रवेश परीक्षा के आधार पर होता है:
- प्रथम चरण: इसमें अभ्यर्थियों का मौखिक परीक्षण लिया जाता है, जिसमें मुख्य रूप से संस्कृत के कुछ सूत्रों का स्मरण और उच्चारण देखा जाता है.
- द्वितीय चरण: इसमें पाठ्यक्रम (Syllabus) के अनुसार लिखित परीक्षा आयोजित की जाती है, दोनों परीक्षा में पास होने के बाद ही बच्चे का आगे सिलेक्शन संभव है.
पतंजलि गुरुकुलम और आचार्यकुलम
अब सवाल उठता है कि पतंजलि गुरुकुलम और आचार्यकुलम क्या अलग-अलग है. जान लीजिए कि ये दोनों ही स्वामी रामदेव द्वारा स्थापित आवासीय विद्यालय हैं, जो वैदिक और आधुनिक शिक्षा का संगम हैं. पतंजलि गुरुकुलम पूर्णतः पारंपरिक वैदिक शिक्षा और संस्कृत पर केंद्रित है, जबकि आचार्यकुलम मुख्य रूप से CBSE पाठ्यक्रम के साथ वैदिक मूल्यों और योग को प्राथमिकता देता है.
कक्षा और उम्र सीमा (Eligibility & Age Limit):
पतंजलि गुरुकुलम में कक्षा 1 से लेकर बारहवीं (12th) तक शिक्षा प्रदान की जाती है. हालांकि, कक्षा के हिसाब से उम्र भी तय है, जिसके आधार पर ही एडमिशन प्रक्रिया ठीक रूप से हो सकेगी. आयु सीमा का निर्धारण कुछ इस प्रकार है:
कक्षा 1: न्यूनतम आयु 6 साल.
कक्षा 2: न्यूनतम आयु 7 साल.
कक्षा 3: न्यूनतम आयु 8 साल.
इसी क्रम में आगे की कक्षाओं के लिए आयु की गणना की जाती है.
आमतौर पर यहां प्रवेश के लिए आवेदन प्रक्रिया जनवरी, फरवरी या मार्च के महीनों में शुरू हो जाती है. नए सत्र की शुरुआत से पहले प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाती है. इसलिए ताजा जानकारी और अपडेट और ज्यादा जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करें.