Road Accidents In India: आज के दौर में तेजी का महत्व बहुत ज्यादा बढ़ गया है. पढ़ाई में तेजी, काम में तेजी, खराब लाइफस्टाइल अपनाने में तेजी और इन्हीं में शामिल है सड़क में तेजी, जिस कारण आए दिन सड़क हादसे जुड़े मामले देखने को मिलते ही रहते हैं. सड़क पर तेज रफ्तार में गाड़ियां चलाना एक ट्रेंड बन चुका है, जो लोगों के बीच इतना आम हो गया है कि व्यक्ति अकेला हो, दोस्तों के साथ हो, या फिर परिवार के साथ हो, किसी के परवाह किए बगैर सड़क पर ओवर-स्पीडिंग, गलत तरीके से ओवरटैक करना आदि नियमों का नजरअंदाज कर देते हैं. इसका अंजाम ये होता है कि वह बड़ी सड़क दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं. इसी कड़ी में भारत में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने एक डेटा जारी किया है, जिसमें सड़क हादसों में होने वाली मौतों के आंकड़ों ने सभी के होश उड़ा दिए हैं.
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MoRTH के डेटा ने उड़ाए सभी के होश
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) का डेटा सड़क हादसे में होने वाली मौतों को लेकर बताता है कि ऐसे हादसें मुख्य रूप से ओवर-स्पीडिंग के कारण होती हैं. डेटा के मुताबिक ओवर-स्पीडिंग के कारण लगभग 68 से 75 फीसदी मौतें होती हैं. साल 2022 और 2023 में हुए सड़क हादसों में लगभग 70 प्रतिशत घटनाओं का जिम्मेदार स्पीड रहा. इस रिपोर्ट से साफ मालूम चलता है कि कार चालकों की गैरजिम्मेदारी और नियमों को हल्के में लेने के कारण हर साल बड़ी संख्या में हादसे होते हैं, जिसमें कई लोगों की मौत होती है.
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क्या है ओवर-स्पीडिंग की वजह
अब सवाल उठता है कि आखिर लोगों को ओवर-स्पीडिंग करने की क्या जरूरत होती है, ये सवाल अलग-अलग इंसान की स्थिति पर निर्भर करता है. लेकिन अगर कुछ पहलुओं को समझा जाए, तो 4 मुख्य वजह सामने आती हैं, जो ओवर-स्पीडिंग की बड़ी वजह है.
जल्दबाजी करना या लेट होना
कई बार जल्दबाजी के कारण इस तरह के हादसे हो जाते हैं. लोग ऑफिस, मीटिंग आदि के लिए लेट हो रहे होते हैं, और उनका वक्त पर पहुंचना बहुत जरूरी होता है. ऐसे में वह स्पीड लिमिट को नजरअंदाज करके तेज रफ्तार में गाड़ी को चलाते हैं.
कार चलाते वक्त फोन चलाना
सड़क नियमों के मुताबिक, ड्राइविंग करते वक्त फोन चलाना, फोन पर बात करना आदि नियमों का सीधे तौर पर उल्लंघन है. ड्राइविंग के दौरान फोन चलाने के कारण दिमाग एक साथ कई काम करने लगता है, जिससे ध्यान सड़क से हट जाता है. रिसर्च बताती है कि मोबाइल देखते हुए गाड़ी चलाना नशे में ड्राइविंग जितना ही खतरनाक हो सकता है.
तेज गाड़ी भी एक बड़ी वजह
अक्सर लोग अपनी नई, तेज और ताकतवर गाड़ी के शोऑफ करने के चक्कर में हादसों का शिकार हो जाते हैं.
हादसों से बचने के लिए उठाए ये कदम
- इस तरह के हादसों से बचने के लिए जरूरी है कि आप सड़क नियमों का अच्छे से पालन करें. आपकी एक गलती आपके साथ-साथ आसपास मौजूद अन्य लोगों के लिए भी खतरा है. इसलिए इन चीजों का ख्याल रखें:
- ड्राइव करते समय मोबाइल दूर रखें.
- सीट बेल्ट और हेलमेट जरूर पहनें.
- स्पीड लिमिट का पालन करें.
- पर्याप्त नींद लें और थकान में ड्राइव न करें, ऐसी स्थिति में कैब का सहारा लें.
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