Madhya Pradesh National Park: मध्य प्रदेश भारत के बड़े राज्यों में से एक है। यहां कई बड़े वाइल्ड लाइफ पार्क्स मिल जाएंगे जहां आपको टाइगर, पक्षी और सांप देखने को मिलेंगे। अक्टूबर के महीने में काफी छुट्टियां हैं, जिनमें आप बाहर घूमने जा सकते हैं। 1 अक्टूबर से मध्य प्रदेश के नेशनल पार्क्स पर्यटकों के लिए खोल दिए गए हैं। अगर आप भी वाइल्ड लाइफ लवर्स हैं तो इन पार्क्स में एक बार जरूर जाएं। यहां घूमने के लिए आपको ज्यादा लंबी छुट्टियों की भी जरूरत नहीं है। घूमने के लिए 1 वीकेंड भी काफी है।
ये हैं एमपी के 6 बेस्ट वाइल्ड लाइफ पार्क
मानसून के बाद लगभग चार महीने बाद मध्य प्रदेश के नेशनल पार्कों के दरवाजे सैलानियों के लिए खोले गए हैं। इन पार्कों में घूमने जाने से पहले यहां की खासियत जान लें।
यह पार्क एमपी का सबसे बड़ा पार्क है। यह जंगल अपने बंगाल टाइगर के लिए पूरे देश में मशहूर है। इस वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में पाए जाने वाले बारासिंघा भी दुनियाभर में मशहूर हैं। अक्टूबर का महीना, यहां घूमने के लिए बेस्ट है।
बांधवगढ़ पार्क, एमपी के उमरिया जिले में मौजूद है। यह पार्क भी अपने बाघों के लिए दुनियाभर में मशहूर है। इसके अलावा इस पार्क में आपको 250 प्रजातियों के जीव-जंतु देखने को भी मिल जाएंगे, जिनमें नील गाय, भौंकने वाले हिरण और जंगली सूअर शामिल हैं।
पन्ना नेशनल पार्क भारत का 5वां सबसे बड़ा पार्क है जहां आपको रोयल बंगाल टाइगर पाए जाते हैं। यह पार्क एमपी के छतरपुर जिले में है। यहां आपको टाइगर के अलावा खूबसूरत पक्षियों की भी कई प्रजातियां मिल जाएंगी। पन्ना टाइगर रिजर्व अपने प्राकृतिक सौंदर्य के लिए भी दुनियाभर में फेमस है
पेंच नेशनल पार्क अपनी हरे-भरे जंगलों के लिए मशहूर है। यहां शिकार करने वाले जानवरों की सबसे ज्यादा प्रजाति पाई जाती है। इस वाइल्ड लाइफ सेंचुरी में आप जानवरों के अलावा बोट राइडिंग और आस-पास मौजूद लोकल मंदिरों के भी दर्शन कर सकते हैं।
यह नेशनल पार्क होशंगाबाद जिले में मौजूद है। इसे सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के नाम से भी जाना जाता है। इस नेशनल पार्क में बाघ, तेंदुए और कई ऐसे पेड़-पौधे हैं जो दुनियाभर में मशहूर हैं।
संजय डुबरी नेशनल पार्क में लगभग 152 प्रकार के पक्षियों की प्रजातियां पाई जाती हैं। इसके अलावा, यहां मछलियों की भी 34 प्रजातियां देखने को मिल जाती हैं। यहां आपको चीते, लोमड़ी और भालू जैसे कई जंगली जानवर देखने को मिल जाएंगे। यह जंगल एमी के सिंघरौली जिले से लेकर छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले तक फैला है।
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