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हिंदी न्यूज़ / लाइफस्टाइल / Jagannath Rath Yatra 2025: भगवान बालभद्र को क्यों पसंद हैं पोडा पीठा, जानें इसका महत्व

Jagannath Rath Yatra 2025: भगवान बालभद्र को क्यों पसंद हैं पोडा पीठा, जानें इसका महत्व

Jagannath Rath Yatra 2025: जगन्नाथ रथ यात्रा देशभर के लोगों के लिए खास होती है। पुरी शहर की इस यात्रा में दुनिया भर के लोग शामिल होने के लिए आते हैं। इस अवसर पर भगवान को कई तरह के भोग लगाए जाते हैं, जिसमें से एक होता है पोड़ा पीठा, जो भगवान बालभद्र को काफी पसंद है।

रथ यात्रा में क्यों बनता है पोडा पीठा? फोटो सोर्स News 24
Edited By: Shivani Jha | Updated: Jun 25, 2025 11:41
Jagannath Rath Yatra 2025: जगन्नाथ रथ यात्रा हर साल उड़ीसा के पुरी शहर में काफी धूम-धाम से मनाई जाती है। इस साल यह यात्रा 27 जून को मनाई जाएगी। यह यात्रा उड़ीसा में ही नहीं, बल्कि देश के अन्य शहरों में भी बड़े उत्साह के साथ निकाली जाती है। भगवान जगन्नाथ को लेकर लोगों के बीच कई सारी कथाएँ प्रचलित हैं, जिनमें से एक पोड़ा पीठा को लेकर भी कहानी कही जाती है। माना जाता है कि यह खास मिठाई भगवान बालभद्र का पसंदीदा भोजन है। पोड़ा पीठा एक पारंपरिक और बहुत पसंद किया जाने वाला व्यंजन है, जो विशेष रूप से इस महोत्सव के दौरान बनाया जाता है।

क्या होता है पोड़ा पीठा?

पोडा शब्द का अर्थ है जला हुआ, और पीठा का अर्थ है ओडिया में केक या ब्रेड, जिसे धीमी आंच पर बड़ी ही तसल्ली से पकाया जाता है। इसका स्वाद थोड़ा जला हुआ क्रस्ट देता है, जो कि लाजवाब और अनोखा होता है। पोडा पीठा ओडिशा की पाक परंपराओं से जुड़ा हुआ है। ये खास करके फसल की भरपूर पैदावार का जश्न मनाने वाले कृषि त्योहारों के दौरान बनाया जाता है। पोडा पीठा में इस्तेमाल होने वाली सामग्री, जैसे चावल और गुड़, स्थानीय रूप से प्राप्त की जाती हैं। इसे बनाने की विधि पारंपरिक चूल्हे पर धीमी आंच पर पकाने की होती है। वहीं, इस मिठाई को जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान भी बनाया जाता है, क्योंकि कहा जाता है कि यह भगवान बालभद्र का पसंदीदा है।

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क्यों लगता है पोड़ा पीठा का भोग

ऐसा माना जाता है कि भगवान जगन्नाथ के बड़े भाई भगवान बालभद्र (बलराम) को पोड़ा पीठा काफी पसंद है। इसलिए, रथ यात्रा यानी कि भगवान को मासी के घर ले जाने से पहले पोड़ा पीठा का भोग लगाया जाता है। भगवान बलभद्र के साथ-साथ बहन सुभद्रा और भगवान जगन्नाथ को इसका प्रसाद चढ़ाया जाता है। भगवान के इस भोग को वहां के लोग भी बड़े चाव से खाना पसंद करते हैं। इस मौके पर ये मिठाई बाजारों में भी बेची जाती है।

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भगवान जगन्नाथ को लगता है ये भोग

वहीं दूसरी तरफ भगवान जगन्नाथ का मुख्य प्रसाद भात को माना जाता है और इसके लिए चावल की खिचड़ी का भोग भगवान जगन्नाथ को लगाया जाता है। इस दिन बड़े ही उत्साह के साथ उनके भक्त कहते हैं कि जगन्नाथ के भात को जगत पसारे हाथ। इसका मतलब है कि भगवान जगन्नाथ को चढ़ाया हुआ भात भक्तों के लिए खास होता है, जिसे हर कोई खाना पसंद करता है। यही कारण है कि भगवान जगन्नाथ का खास प्रसाद भात के लिए लोगों की लंबी लाइनें लगती हैं।

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